{"_id":"573cb3d74f1c1b644eac8a7c","slug":"in-just-three-minutes-to-respond-to-rti","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिसाल : सिर्फ तीन मिनट में दिया आरटीआई का जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिसाल : सिर्फ तीन मिनट में दिया आरटीआई का जवाब
राजुद्दीन जंग/अमर उजाला, नगीना
Updated Thu, 19 May 2016 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह तो रोजाना सुना जाता है कि आरटीआई का जवाब लंबे समय बाद भी नहीं मिल रहा। लेकिन यह उदाहरण उन अधिकारियों के लिए सबक है जो सूचना के अधिकार को गंभीरता से नहीं लेते। मेवात में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने मात्र तीन मिनट के अंदर आरटीआई आवेदन का जवाब दिया है।
विज्ञापन
इससे पहले मेवात क्षेत्र में ही सवा तीन मिनट में आरटीआई का जवाब देने का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के नाम था। अभी भी मेवात में करीब ढाई हजार से ज्यादा आरटीआई आवेदन पिछले दो साल से पूरी सूचनाऐं न मिलने तथा सूचना के एवज में भारी फीस मांगने के कारण दर्जनों विभागों में अटके हुए हैं।
विज्ञापन
नया मामला मंगलवार का है जब जिले के समाज कल्याण विभाग में राज्य जन सूचना अधिकारी बिरेन्द्र सिंह ने आरटीआई मंच द्वारा सूचना के अधिकार के तहत फिरोजपुर झिरका के गांव बघोला के अपात्र पेंशनधारियों की सूची मांगी।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकता और आम लोग इस अधिकारी को बधाई दे रहे हैं। लोग कहते हैं कि जिला समाज कल्याण अधिकारी बिरेन्द्र सिंह ने महज तीन मिनट के अंदर आरटीआई आवेदन का जवाब देकर अनुकरणीय नजीर पेश की है।
इससे पहले 30 मई 2012 में मेवात की नगीना उपतसहसील के राजस्व अधिकारी बस्तीराम ने सवा तीन मिनट में राजस्थान हरियाणा बॉर्डर पर फखरपुरखोरी गांव में लगे क्रेशरों से संबंधित दस्तावेजों की सूचना एक आरटीआई कार्यकर्ता को सवा तीन मिनट में दिया था।
बातचीत में राज्य जनसूचना अधिकारी कम डीएसडब्ल्यूओ बिरेन्द्र सिंह ने बताया कि वैसे तो कानूनन सूचना 30 दिन के अंदर देनी होती है। मेरे विभाग में आज तक कोई आरटीआई लंबित नहीं रही है। एक महीने से पहले ही जवाब आवेदक को दे दिया जाता है।
मंगलवार को भी एक आरटीआई का जवाब तीन मिनट से पहले ही मैंने दे दिया था। उन्होंने बताया कि जवाब आज दो या कल देना तो होता ही है। सवा तीन मिनट में चार साल पहले आरटीआई का जवाब देने वाले वर्तमान में नूंह के राजस्व अधिकारी बस्तीराम सौरोत ने फोन पर बताया कि साल 2012 में मैंने केवल तीन मिनट कुछ सैंकेंड में आरटीआई का जवाब दिया था।
मेवात आरटीआई मंच के सलाहकार सुबेदार खां ने बताया कि आरटीआई मंच की तरफ से कुछ सूचनाऐं बघोला गांव की मांगी गई थी। जो संबंधित जनसूचना अधिकारी ने तीन मिनट में ही दे दी।