पत्नी का शव लेकर पांच घंटे भटकता रहा पति, नहीं पिघले अस्पताल और मकान मालिक
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पत्नी का शव कंधे पर लेकर 12 किलोमीटर तक चलने वाले ओडिशा के दाना मांझी को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि देश की राजधानी में सोमवार रात इसी तरह की एक और शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई।
चाय की दुकान चलाने वाले छोटेलाल पत्नी का शव सुरक्षित रखने के लिए पांच घंटों तक इधर से उधर भटकता रहा। मकान मालिक ने घर में शव रखने नहीं दिया और अस्पताल के गार्ड ने उसे अंदर नहीं आने दिया।
थक हारकर वह सड़क पर एंबुलेंस खड़ी कर सुबह होने का इंतजार करने लगा। बाद में पुलिस की मदद से शव सुरक्षित रखवाया जा सका। कड़कडडूमा निवासी छोटेलाल चाय की दुकान चलाता है। सोमवार रात वह बीमार पत्नी अंजू को लेकर हेडगेवार अस्पताल पहुंचा। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सड़क किनारे शव लेकर करने लगा सुबह का इंतजार
इसके बाद चिकित्सकों ने कागजी खानापूर्ति के बाद शव छोटेलाल को सौंप दिया। छोटेलाल का कहना है कि जब वह शव एंबुलेंस से लेकर घर पहुंचा तो मकान मालिक देवेंद्र ने घर में शव रखने से इनकार कर दिया।
इसके बाद शव दोबारा एंबुलेंस में रखकर वह अस्पताल गया। लेकिन वहां गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। काफी समय तक वह शव लेकर सड़क किनारे खड़े रहे और सुबह होने की प्रतीक्षा करने लगे।
इस दौरान गश्त कर रहे पुलिसकर्मी की नजर उस पर पड़ी। पुलिस वाले ने उससे पूछताछ की तो सारा मामला पता चला। इसके बाद गांव प्रधान भंवर सिंह की मदद से शव सुरक्षित रखवाया गया और मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, छोटेलाल के मकान मालिक देवेंद्र का कहना है कि छोटेलाल की पत्नी की मौत बीमारी से हुई थी। इसकी कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि उसके पास इससे संबंधित कोई कागज भी नहीं थे। इधर इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात नहीं हो सकी।