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प्लास्टिक युक्त चुनावी प्रचार सामाग्री पर कैसे लगे प्रतिबंध...?, एनजीटी का चुनाव आयोग को निर्देश
Tue, 05 Mar 2019 02:09 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Tue, 05 Mar 2019 02:09 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, चुनाव आयोग और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को आदेश दिया है कि वह एक हफ्ते के भीतर बैठक कर यह विचार करें कि किस तरह प्लास्टिक युक्त चुनावी होर्डिंग्स, पर्चे, इत्यादि पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची डब्ल्यू एडविन विल्सन की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया। याची का आरोप है कि चुनाव के समय में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक युक्त होर्डिंग-बैनर और अन्य चुनावी सामाग्री का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव खत्म होते ही इस प्लास्टिक कचरे का कोई निस्तारण भी नहीं किया जाता।
ऐसे में जरूरी है कि इस तरह के चुनाव प्रचार-प्रसार सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जाए। याची ने ट्रिब्युनल से मांग की थी कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और सभी राज्यों को इस दिशा में आदेश जारी करना चाहिए। पॉलिविनिल क्लोराइड यानी पीवीसी, सिंथेटिक प्लास्टिक पॉलीमर और क्लोरीन युक्त प्लास्टिक से निर्मित पोस्टर-बैनर या अन्य चुनावी सामग्री पर तत्काल प्रतिबंध लगना चाहिए।
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पीठ ने कहा कि पहले प्राधिकरणों को इस बारे में कुछ तय करना चाहिए। इसके बाद यदि आपत्ति उठाई जाती है तो ट्रिब्युनल आदेश जारी करेगा। वहीं, पीठ ने कहा कि बैठक संबंधी आदेश के पालन के लिए सीपीसीबी नोडल एजेंसी होगी।
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जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची डब्ल्यू एडविन विल्सन की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया। याची का आरोप है कि चुनाव के समय में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक युक्त होर्डिंग-बैनर और अन्य चुनावी सामाग्री का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव खत्म होते ही इस प्लास्टिक कचरे का कोई निस्तारण भी नहीं किया जाता।
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ऐसे में जरूरी है कि इस तरह के चुनाव प्रचार-प्रसार सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जाए। याची ने ट्रिब्युनल से मांग की थी कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और सभी राज्यों को इस दिशा में आदेश जारी करना चाहिए। पॉलिविनिल क्लोराइड यानी पीवीसी, सिंथेटिक प्लास्टिक पॉलीमर और क्लोरीन युक्त प्लास्टिक से निर्मित पोस्टर-बैनर या अन्य चुनावी सामग्री पर तत्काल प्रतिबंध लगना चाहिए।
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पीठ ने कहा कि पहले प्राधिकरणों को इस बारे में कुछ तय करना चाहिए। इसके बाद यदि आपत्ति उठाई जाती है तो ट्रिब्युनल आदेश जारी करेगा। वहीं, पीठ ने कहा कि बैठक संबंधी आदेश के पालन के लिए सीपीसीबी नोडल एजेंसी होगी।