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हाईकोर्ट ने कुष्ठ रोगियों को बेघर करने पर लगाई रोक, 6 हफ्ते में सरकार से मांगा जवाब
Sat, 26 Jan 2019 02:12 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 26 Jan 2019 02:12 AM IST
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delhi high court
- फोटो : PTI
हाईकोर्ट ने कुष्ठ रोगियों को राहत देते हुए उन्हें होम फॉर लेप्रोसी एंड टीबी एफेक्टेड पेशेंट्स (एचएलटीबी) से निकालने पर रोक लगा दी है। राजधानी में भिक्षावृत्ति को अपराध के दायरे से बाहर करने पर कुष्ठ रोगियों को 11 सुधार गृहों से निकालना शुरू कर दिया था। न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने कहा कि कुष्ठ रोगियों को बेघर नहीं किया जा सकता। वह भी तब जब उनकी मदद के लिए हाथ नहीं उठ रहे हैं। हाईकोर्ट ने यह निर्देश एक कुष्ठ रोगी याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता गौतम नारायण ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसमें ऐसे रोगियों के पुनर्वास की व्यवस्था हो। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने 6 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
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याचिका में कहा गया था कि पिछले साल हाईकोर्ट ने भीख मांगने के अपराध बनाने के कानून को निरस्त कर दिया था। पुराने कानून के तहत सुधार गृहों में जीवन काट रहे कुष्ठ रोग से पीड़ित करीब 450 लोगों को एचएलटीबी से बाहर निकाल दिया गया था। याचिका में कहा गया था कि इन कुष्ठ रोग से पीड़ितों को सड़कों पर भयंकर ठंड में भी भीख मांगकर अपना गुजारा करना पड़ रहा है।
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