फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High court refuses to give directions to implement lockdown in Delhi

हाईकोर्ट का दिल्ली में फिर लॉकडाउन लागू करने का निर्देश देने से इनकार

Sat, 13 Jun 2020 05:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 13 Jun 2020 05:11 AM IST
विज्ञापन
High court refuses to give directions to implement lockdown in Delhi
delhi high court

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राजधानी में लॉकडाउन फिर से बढ़ाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया।

विज्ञापन


इन याचिकाओं में कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली वासियों को संक्रमण से बचाने के लिए लॉकडाउन को फिर से सख्ती के साथ लागू करने की मांग की गई थी। एक याचिका में दिल्ली के सभी बॉर्डरों को भी बंद करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि पीठ याचिकाओं के आधार पर कोई नोटिस जारी नहीं करेगी, इसलिए याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिकाओं को वापस ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


लॉकडाउन को फिर से लागू करने के लिए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें एक याचिका वकील अनिर्बान मंडल की ओर से दायर की गई थी। याची की ओर से वकील मृदुल चक्रवर्ती ने दलील दी थी कि मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से पूछा है कि लॉकडाउन को फिर से क्यों लागू नहीं किया जा सकता।

 इसके अलावा वकील ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की एक पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की कि दिल्ली तेजी से कोरोना कैपिटल बनने की ओर अग्रसर हो रही है। इसके साथ ही वकील ने दिल्ली में लॉकडाउन को फिर से सख्ती से एक निश्चित समय के लिए लागू करने की मांग की थी।

दूसरी याचिका वकील अंकित वर्मा की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए दिल्ली में 30 जून तक लॉकडाउन को फिर से सख्ती के साथ लागू करने की मांग की थी। इस याचिका में दिल्ली के सभी बॉर्डरों को भी बंद करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।


 

‘अनलॉक-1 चरणबद्ध तरीके से लागू किया, जल्दबाजी में नहीं’

दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉकडाउन-5 के बीच अनलॉक-1 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए याची पर 20 हजार का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि अनलॉक-1 को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है और यह ऐसा निर्णय नहीं है, जिसे जल्दबाजी में लागू किया गया हो।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह फैसला इस आधार पर लिया गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से कोई प्रभावित भी न हो और लॉकडाउन के कारण काम के अभाव में कोई भुखमरी का शिकार न हो।

पीठ ने कहा कि यह याचिका बिना किसी ठोस आधार के गलत तरीके से सिर्फ पब्लिसिटी बटोरने के मकसद से दायर की गई है। इस बीच पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याची पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह इस स्थिति पर संज्ञान रखे और इसका बारीकी से मूल्यांकन करे। यदि यह पाया जाए कि संक्रमण की दर बढ़ रही है, तो वे हमेशा अपने निर्णय की समीक्षा कर सकते हैं और उन पर अंकुश लगा सकते हैं। यह याचिका एक लॉ स्टूडेंट की ओर से दायर की गई थी।

याचिका में याची ने दावा किया था कि केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक-1 का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है, जिसके बाद से कोरोना संक्रमण के मामलों में और तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद से दिल्ली में कोरोना के कंटेनमेंट जोन की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed