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हाईकोर्ट ने रद्द की पतवाड़ी गांव के किसानों की याचिका
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 14 May 2014 12:38 AM IST
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हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुआवजा उठा चुके पतवाड़ी गांव के किसानों की ओर से दायर याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया।
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किसानों के अधिवक्ता पंकज दूबे ने अमर उजाला को बताया कि हाईकोर्ट ने साफ कहा कि 21 अक्तूबर 2012 के गजराज आदि के फैसले के बाद जिन किसानों ने अतिरिक्तमुआवजा उठा लिया है, उनकी याचिका को अब हरकरण आदि के साथ शामिल नहीं किया जा सकता।
कोर्ट सिर्फ उन किसानों की याचिका सुनेगा, जिन्होंने अतिरिक्त मुआवजा नहीं उठाया है। इस फैसले से पतवाड़ी गांव की जमीन पर चल रहे प्रोजेक्टों पर से संकट के बादल टल गए हैं।
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दरअसल, प्राधिकरण ने 2008 में पतवाड़ी की जमीन अधिग्रहीत की थी। इस जमीन पर सेक्टर दो व तीन भी बसाए जा रहे हैं। आवासीय योजनाओं के तहत करीब पांच हजार भूखंड आवंटित भी कर दिए हैं। दर्जन भर बिल्डरों को भी ग्रुप हाउसिंग व अन्य प्रोजेक्ट के लिए जमीन दे दी है।
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हजारों बायर्स इन बिल्डर प्रोजेक्ट में फ्लैट भी बुक करवा चुके हैं। उन सभी को कोर्ट ने राहत दे दी है। जमीन का अधिग्रहण रद्द करने को लेकर 19 जुलाई 2010 के आदेश के बाद तमाम योजनाओं के लिए मुश्किल बढ़ गई थी, मगर बाद में 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने के आदेश के बाद संकट कुछ हद तक दूर हो गया था।
इसके बाद गांव के 80 फीसदी किसान कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण से समझौता कर मुआवजा उठा चुके हैं। हाल ही में इसी तरह के एक अन्य मामले में कोर्ट ने किसानों को जमीन वापस करने का आदेश दिया था। इससे फ्लैट बायर्स और बिल्डरों की परेशानी बढ़ गई थी।