आरुषि हत्याकांड : 'अगर CBI नहीं गई तो हेमराज को न्याय दिलाने के लिए जाएंगे सुप्रीम कोर्ट'
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देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आरोपी रहे तलवार दंपति के इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी हो जाने के बाद अब हेमराज का परिवार न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता है।
यह जानकारी देते हुए हेमराज के वकील नरेश यादव ने कहा कि हेमराज का परिवार न्याय चाहता है और हम जल्द से जल्द इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाना चाहते हैं।
हेमराज के वकील ने आगे बताया कि अभी हम सीबीआई पर नजर रखे हुए हैं। अगर जल्द से जल्द सीबीआई सुप्रीम कोर्ट नहीं जाता तो हम सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
We are watching CBI right now. If they do not move SC as soon as possible, we will then knock the doors of the apex court: Naresh Yadav pic.twitter.com/TNOYAS3Bsw
— ANI (@ANI) October 20, 2017
ये है आरुषि-हेमराज हत्याकांड
16 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार में 14 वर्षीय आरुषि तलवार की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, नौकर हेमराज का शव भी फ्लैट की छत पर मिला था।
मामले में पहले यूपी पुलिस ने तफ्तीश की। बाद में सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा गया। हालांकि शुरुआत से ही सामने आया कि सबूत जुटाने में पुलिस ने भारी लापरवाही की।
आलम यह रहा है कि कई दिन तक पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी कि किस हथियार से आरुषि-हेमराज की हत्या की गई है। आरुषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार लगातार बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। अचानक परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर सीबीआई की विशेष कोर्ट ने उन्हें ही दोषी साबित करते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।
सूत्रों की मानें तो जेल से ही हाईकोर्ट में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए अपील करने वाले तलवार दंपती अब बेटी आरुषि को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे या नहीं। यह अभी तक साफ नहीं हो सका है।
सीबीआई की जांच और सबूतों के अभाव को देखते हुए की गई हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद केस ब्लाइंड ही रह सकता है। सूत्रों की तानें तो सीबीआई के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले परिस्थितिजन्य सबूतों को कनेक्ट करने के लिए कुछ और सबूत जुटाने का प्रयास करेंगे। हालांकि घटना के करीब नौ साल बीतने के बाद अब नए सबूतों की तलाश मुश्किल होगी।