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ट्रेन न रोक सके तो कर दिया हाईवे जाम

Tue, 23 Feb 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 23 Feb 2016 01:51 AM IST
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Have not been enough to stop the train to the motorway jams.
हरियाणा में आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर जाट आंदोलनकारियों ने सोमवार को फिर दुहाई में रेलवे ट्रैक जाम करने की कोशिश की।
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पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी के चलते वे इसमें नाकाम रहे। इससे आंदोलनकारी और भड़क गए और उन्होंने दुहाई बस स्टैंड पर पहुंचकर एनएच-58 जाम कर दिया। इसके चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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करीब 45 मिनट हाईवे जाम रखा। आक्रोशित जाट आंदोलनकारियों और अफसरों में नोकझोंक हुई। गाजियाबाद में सभी दलों के जाट नेताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन दिया।
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उन्होंने भी मृतकों के परिवार को मुआवजा, सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। मोदीनगर में भी जाट समाज के लोगों ने इसी मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया।

सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे जाटों के दुहाई रेलवे हाल्ट पर पहुंचने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम नितिन मदान, सीओ सदर अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने जाटों को रेलवे ट्रैक प्रभावित करने से रोका। इसी बीच एक युवक के बार-बार ट्रैक की ओर जाने से एसओ भड़क गए और उन्होंने युवक को चांटा जड़ दिया। इसके चलते जाटों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हुआ।
जाट रेलवे ट्रैक से दुहाई बस स्टैंड से पहुंचे और हाईवे जाम कर दिया।

करीब 45 मिनट तक वह सड़क पर बैठे रहे। बाद में अधिकारियों के समझाने पर जाटों ने जुलूस निकालकर मामला शांत किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। करीब दो बजे जाटों के सड़क से हटने पर पुलिस एवं प्रशासन ने राहत की सांस ली।

उधर, जाम के चलते लोगों की जमकर फजीहत हुई। करीब पांच किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार के चलते वाहनों में सवार लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा।

जाटों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
जाट नेताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। इस दौरान ज्ञापन लेने डीएम की बजाय सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे तो प्रदर्शन कर रहे जाट नेताओं का गुस्सा भड़क गया।

उन्होंने डीएम के कार्यालय में जाकर विरोध जताया। इसके बाद डीएम खुद उठकर ज्ञापन लेने पहुंचे। प्रदर्शन में सपा नेता सुधन रावत, रालोद जिलाध्यक्ष मनवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष तेेजपाल सिंह, जगपाल सिंह, अमरजीत सिंह बिड्डी, सपा नेता धर्मवीर डबास, बसपा नेता सत्यपाल चौधरी, कांग्रेस नेता अरुण सिंह भुल्लन मौजूद रहे।

रेगुलेटर पर दूसरे दिन भी तैनात रही पुलिस
जाट आंदोलन के मद्देनजर सोमवार को दूसरे दिन भी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी गंगनहर रेग्युलेटर पर देर शाम तक तैनात रहे। अधिकारियों को डर था कि कहीं जाट रेगुलेटर से दिल्ली की जलापूर्ति ना बाधित कर दें।

यूपी गेट और अन्य बार्डरों पर तैनात रहे पुलिसकर्मी
जाट प्रदर्शनकारियों के विरोध की आशंका को देखते हुए सोमवार को भी टीएचए में पुलिस मुस्तैद रही। इंदिरापुरम की यूपी गेट चौकी व ज्ञानी बार्डर समेत अन्य बार्डरों पर पुलिस तैनात दिखी।

पुलिस की नजर टैंपो और अन्य बड़े वाहनों पर रही जिससे किसी भी प्रकार के हंगामे को रोका जा सके। सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि जाट समाज के प्रदर्शन को देखते हुए सोमवार को बार्डरों पर पुलिस की तैनाती की गई है।


दोपहर में सूचना थी कि कुछ जाट नेता दिल्ली जाने के लिए यूपी गेट से होकर गुजरेंगे। जिसके बाद यूपी गेट चौकी प्रभारी अंजनी कुमार को फोर्स के साथ तैनात किया गया। इसके अलावा महाराजपुर, ज्ञानी बार्डर और भोपुरा बार्डर पर भी पुलिस तैनात रही।
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