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समय पर निर्माण नहीं करने पर हरेरा ने उठाया शख्त कदम, 2 बिल्डरों के खाते सीज

Fri, 03 Aug 2018 08:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Fri, 03 Aug 2018 08:31 PM IST
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Harera seizure 2 builders Account in gurugram
builders Account

हरियाणा रियल एस्टेट रेग्युलेट्री अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम ने सेक्टर-89 में अधूरे पड़े ग्रीनोपोलिस नामक रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट को पूरा नहीं करने पर ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर और थ्री-सी शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते सीज कर दिए हैं। अपनी निगरानी में प्रोजेक्ट पूरा कराने का निर्णय लिया है।

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निवेशकों को पैसा वापस देने का रास्ता भी खोल दिया है। हरेरा गुरुग्राम के चेयरमैन डॉ. केके खंडेलवाल ने शनिवार को प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। हरेरा गुरुग्राम के दोनों सदस्य समीर कुमार तथा एससी कुश भी उपस्थित थे। यह प्रोजेक्ट दोनों बिल्डरों का संयुक्त प्रोजेक्ट है।
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डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-89 में ग्रीनोपोलिस नामक प्रोजेक्ट में 1862 आवंटियों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं और ये आवंटी फ्लैट की 80 प्रतिशत से ज्यादा कीमत अदा कर चुके हैं जबकि फ्लैटों का निर्माण कार्य 40 से 50 प्रतिशत ही हुआ है।
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इस प्रोजेक्ट के लिए ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा 2011 में लाइसेंस लिया गया था और आवंटियों को 2012 और 2013 में फ्लैट आवंटित किए गए। दिसंबर-2015 में पजेशन दिया जाना था, जो नहीं दिया गया।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर ने फ्लैटों की बुकिंग से 300 करोड़ तथा थ्री सी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 800 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित कर ली लेकिन इतना पैसा प्रोजेक्ट में निर्माण पर नहीं लगाया। कहा गया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने पर अभी लगभग 500 करोड़ रुपए और लगेंगे।

प्रोजेक्ट पर एक नजर

82 करोड़ रुपये ईडीसी बकाया है। इस हिसाब से प्रोजेक्ट लागत 582 करोड़ रुपये आएगी। खंडेलवाल ने बताया कि आवंटियों से बकाया राशि के तौर पर 120 करोड़ रुपये मिल सकते हैं तथा प्रोजेक्ट के बचे हुए फ्लैटों व जमीन से लगभग 250 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान अलॉटी एसोसिएशन द्वारा लगाया गया है। 

उन्होंने बताया कि हरेरा द्वारा आवंटियों की समस्या को देखते हुए ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर तथा थ्री सी शैल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटिड के सभी बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। अब हरेरा अपनी देखरेख में इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाएगा। यदि कोई आवंटी प्रोजेक्ट से निकलना चाहेगा और अपना जमा करवाया हुआ पैसा वापस मांगेगा तो उसे ब्याज सहित पैसा दिलवाया जाएगा। 

अनियमितताओं की होगी जांच
हरेरा ने प्रोफेसर एमएस तुरान को इस प्रोजेक्ट का जांच आयुक्त नियुक्त किया है, जो 10 दिन में रिपोर्ट देंगे। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए कैरीज एंड ब्राउन नामक ड्यू डिलिजेंश फाइनेंशियल फर्म को जिम्मेदारी दी गई है और कितने फ्लैट बेचे गए व कितने बचे हुए हैं, इसका सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी क्वांटम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लि. को दी गई है, जो दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।

प्रोजेक्ट पर एक नजर
-ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर को 47 एकड़ का लाइसेंस मिला था
-37 एकड़ पर यह हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाया जा रहा था।
-थ्री सी शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लि. के पास निर्माण की जिम्मेदारी है।
-फ्लैटों में से 35 प्रतिशत फ्लैट ओरिस तथा 65 प्रतिशत फ्लैट थ्री सी शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर के पास बेचने का अधिकार।

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