ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा: यौन उत्तेजना की समस्या से जूझ रहे लोग थे शिकार... दिखाए हसीन ख्वाब; अब है मलाल
आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से ठगी करने की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए आरोपियों को 15 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ ही ठगी गई राशि का पांच फीसदी हिस्सा मिलता था।
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पुलिस ने ऑनलाइन हर्बल दवाइयां बेचने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार युवतियों समेत 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पैसा लेने के बाद भी दवाइयां नहीं भेजते थे। आरोपी कॉल सेंटर संचालक ने 15 हजार रुपये के वेतन पर युवक-युवतियों को रखा था।
एसीपी विपिन अहलावत ने बताया कि साइबर थाना पूर्व के प्रभारी सवित कुमार की पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता से गुरुवार को सेक्टर-18 से अवैध तरीके से चल रहे कॉल सेंटर को पकड़ा। इसमें ऑनलाइन हर्बल सेक्सुअल दवाइयां बेचने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जाती थी। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि हर्बल सेक्सुअल दवाइयां ऑनलाइन बेचने के नाम पर वह गूगल पर विज्ञापन डालते थे। जब लोग इनके द्वारा डाले गए विज्ञापन में दिए हुए नंबरों पर संपर्क करते थे तो ये उन लोगों से ऑर्डर लेकर पैसे अलग-अलग बैंक खातों में डलवा लेते थे और सामान नहीं भेजते थे। इसके अलावा आरोपी लोगों से जीएसटी चार्ज, पैकिंग चार्ज, कोरियर चार्ज के नाम पर क्यूआर कोड/यूपीआई आईडी के माध्यम से पैसे डलवाकर धोखाधड़ी से ठगी करने की वारदातों को अंजाम देते थे।
ये हैं आरोपी
पुलिस टीम द्वारा कॉल सेंटर से चार लड़कियों सहित कुल 11 आरोपियों को काबू किया गया है। आरोपियों की पहचान मुरैना एमपी निवासी श्याम दुबे, वसंत विहार दिल्ली निवासी आदर्श कुमार सिंह, खेडला गुरुग्राम निवासी कुशल रोहिल्ला, बदायूं यूपी निवासी पीयूष चौहान, एनआईटी फरीदाबाद निवासी विवेक चोपड़ा, गोपालगंज बिहार निवासी गुलशन कुमार, गांव डेरा महरौली दिल्ली निवासी राजकुमार, जयपुर राजस्थान निवासी पूजा चौहान, भिवानी निवासी भावना, ग्वालियर एमपी निवासी अनामिका राजावत व देव अपार्टमेंट महिपालपुर दिल्ली निवासी प्रिया शर्मा के रूप मे हुई। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर अपराध पूर्व में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
कॉल सेंटर संचालक फरार
पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर में सीएमडी के तौर पर पूजा चौहान कार्यरत थी। कॉल सेंटर का मालिक राज शेखावत है। आरोपी के कहने पर हर्बल सेक्सुअल दवाइयां ऑनलाइन बेचने के नाम पर अन्य लोग ठगी करते थे। राज शेखावत अभी फरार चल रहा है। वहीं, राजकुमार कॉल सेंटर सिक्योरिटी मैनेजर था और आरोपी कॉल सेंटर में काम करने के लिए लड़के-लड़कियों का चयन करता था। आरोपी कॉल सेंटर में काम करने वालों को एक पहले से तैयार स्क्रिप्ट देते थे। आरोपियों से रिकवर मोबाइलों की जांच में पता चला कि एक केस राजस्थान में ऑनलाइन ठगी के बारे दर्ज है।
15 हजार वेतन और ठगी में पांच फीसदी हिस्सा मिलता था
आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से उपरोक्त प्रकार से ठगी करने की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए आरोपियों को 15 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ ही ठगी गई राशि का पांच फीसदी हिस्सा मिलता था। आरोपियों द्वारा ठगी में प्रयोग किए जा रहे सात मोबाइल फोन, सिम कार्ड्स व दो सीपीयू भी बरामद किए गए हैं।