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Gurugram News: पीजी व स्पा से मुक्त कराई गईं युवतियां अब निजी कंपनियों में करेंगी नौकरी
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सिविल लाइंस स्थित वन स्टॉप सेंटर-सखी की ओर से की गई पहल
नंबर गेम-38 महिलाओं को परिजनों के हवाले किया गया
सोनू यादव
गुरुग्राम। देह व्यापार रैकेट के चंगुल में फंसी स्पा सेंटर और पीजी से मुक्त कराई गई 38 युवतियां अब निजी कंपनियों में नौकरी करेंगी। ये पहल गुरुग्राम के सिविल लाइंस स्थित वन स्टॉप सेंटर-सखी की ओर से की गई है। इन सभी युवतियों को सेक्टर-90 स्थित मॉल के स्पा सेंटरों व सेक्टर-38 के पीजी से मुक्त कराया गया था।
बीते चार दिन से वन स्टॉप सेंटर में रह रही इन 38 युवतियों की काउंसलिंग की गई। इस दौरान अधिकतर में जो मुख्य समस्या इस अनैतिक देह व्यापार में शामिल होने की सामने आई, वो परिवार व अपना पेट पालने के लिए रुपयों की मजबूरी थी। ऐसे में वन स्टॉप सेंटर की टीम की ओर से इन सभी से बारी-बारी से पूछा गया कि इस दलदल में निकलने में मदद करते हुए इन सभी को गुरुग्राम की ही अलग-अलग कंपनियों में नौकरी दिलाई जा सकती है। इस पर अधिकतर ने हामी भर दी।
वन स्टॉप सेंटर पर काउंसलिंग के दौरान मौजूद रही एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि फिलहाल 4-5 युवतियों ने नौकरी के लिए हामी भरी दी है। उन्हें अगले एक सप्ताह में अलग-अलग कंपनियों में प्रबंधन से बात कर योग्यता के अनुसार नौकरी दिलवा दी जाएगी। बाकी पीड़िताओं ने भी परिवार से बात कर जल्द इसके लिए हामी देने की बात कही है। जैसे-जैसे पीड़िताएं नौकरी के लिए मंजूरी देंगी, उन्हें भी नौकरी दिलवा दी जाएगी।
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4 दिनों से वन स्टॉप सेंटर में रह रही थीं युवतियां
वन स्टॉप सेंटर में बीते 4 दिन से रह रहे 38 युवतियों को उनके परिवार के हवाले मंगलवार को कर दिया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर इनके परिवार वालों के भी आईडी चेक किए गए। उनके मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी लेकर रिकॉर्ड में रखी गई है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मंगलवार को बारी-बारी से सभी के लिए ये प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन्हें परिवार के हवाले कर दिया गया। ये सभी युवतियां जम्मू, यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल की रहने वाली थीं। नेपाल मूल की महिला का पति उसे लेने आया था। वो एनसीआर में ही काम करता है।
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नंबर गेम-38 महिलाओं को परिजनों के हवाले किया गया
सोनू यादव
गुरुग्राम। देह व्यापार रैकेट के चंगुल में फंसी स्पा सेंटर और पीजी से मुक्त कराई गई 38 युवतियां अब निजी कंपनियों में नौकरी करेंगी। ये पहल गुरुग्राम के सिविल लाइंस स्थित वन स्टॉप सेंटर-सखी की ओर से की गई है। इन सभी युवतियों को सेक्टर-90 स्थित मॉल के स्पा सेंटरों व सेक्टर-38 के पीजी से मुक्त कराया गया था।
बीते चार दिन से वन स्टॉप सेंटर में रह रही इन 38 युवतियों की काउंसलिंग की गई। इस दौरान अधिकतर में जो मुख्य समस्या इस अनैतिक देह व्यापार में शामिल होने की सामने आई, वो परिवार व अपना पेट पालने के लिए रुपयों की मजबूरी थी। ऐसे में वन स्टॉप सेंटर की टीम की ओर से इन सभी से बारी-बारी से पूछा गया कि इस दलदल में निकलने में मदद करते हुए इन सभी को गुरुग्राम की ही अलग-अलग कंपनियों में नौकरी दिलाई जा सकती है। इस पर अधिकतर ने हामी भर दी।
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वन स्टॉप सेंटर पर काउंसलिंग के दौरान मौजूद रही एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि फिलहाल 4-5 युवतियों ने नौकरी के लिए हामी भरी दी है। उन्हें अगले एक सप्ताह में अलग-अलग कंपनियों में प्रबंधन से बात कर योग्यता के अनुसार नौकरी दिलवा दी जाएगी। बाकी पीड़िताओं ने भी परिवार से बात कर जल्द इसके लिए हामी देने की बात कही है। जैसे-जैसे पीड़िताएं नौकरी के लिए मंजूरी देंगी, उन्हें भी नौकरी दिलवा दी जाएगी।
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4 दिनों से वन स्टॉप सेंटर में रह रही थीं युवतियां
वन स्टॉप सेंटर में बीते 4 दिन से रह रहे 38 युवतियों को उनके परिवार के हवाले मंगलवार को कर दिया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर इनके परिवार वालों के भी आईडी चेक किए गए। उनके मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी लेकर रिकॉर्ड में रखी गई है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मंगलवार को बारी-बारी से सभी के लिए ये प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन्हें परिवार के हवाले कर दिया गया। ये सभी युवतियां जम्मू, यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल की रहने वाली थीं। नेपाल मूल की महिला का पति उसे लेने आया था। वो एनसीआर में ही काम करता है।