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Gurugram News: ई-टेंडरिंग न होने से अटका 700 मीटर की पाइपलाइन डालने का कार्य
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ई-टेंडरिंग न होने से अटका 700 मीटर की पाइपलाइन डालने का कार्य
- गांव की आधी आबादी खरीदकर पी रही है पीने का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। गांव सरमथला में पेयजल की सप्लाई लाइन का ई-टेंडरिंग न होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की करीब आधी आबादी को इसके चलते रोजाना पानी खरीदकर पीना पड़ता है। इसको लेकर गांव के लोग स्थानीय विधायक संजय सिंह के साथ आला अधिकारी को भी शिकायत कर चुके हैं ,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। गांव के सरपंच एसडीओ एक्सियन कार्यालय में पिछले छह महीने से चक्कर लगा रहे हैं।
समरथला गांव के सरपंच पवन शर्मा ने बताया गांव की आबादी करीब पांच हजार है। पहले गांव के साथ गुजरनी वाली नहर में बोर करके पानी घरों तक ले आते थे। अब छायंसा रेनीवाल बूस्टर और घेंघोला बूस्टर से पानी की सप्लाई हो जाने से नहर में बोर लगाना बंद कर दिया था। पानी की सप्लाई करीब 15 गांवों में जाती है। घेंघोला बूस्टर से करीब 40 से 50 प्रतिशत आबादी को पीने के पानी की सप्लाई हो रहा है। वहीं, तीन कॉलोनियों में रह रहे गांव की करीब 50 प्रतिशत आबादी तक सप्लाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कॉलोनी निवासियों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग को सिर्फ 700 मीटर की पाइपलाइन डालनी है। पानी की सप्लाई न होने के चलते निवासियों को आरओ प्लांट से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। गांव में महाराणा प्रताप मूर्ति से गांव के मंदिर तक और फिरनी वाले कुएं से पटवार घर तक पाइप लाइन डालनी है।
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एसडीओ विभाग में पीने के पानी की लाइन बिछाने के लिए पत्र दे चुके हैं। विभाग की तरफ से ई-टेंडरिंग न हाेने की बात कहकर टाल दिया जाता है। गांव की समस्या को लेकर विधायक से भी शिकायत कर चुके हैं,लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं मिल सका है। -पवन शर्मा ,सरपंच गांव समरथला
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पीने का पानी एक मूलभूत जरूरत है। इसके बावजूद न तो विधायक इस पर ध्यान दे रहे हैं न ही प्रशासन की तरफ से ध्यान दिया जा रहा है।-लछमन सिंह ,समरथला
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पानी की लाइन के लिए टेंडरिंग के लिए फाइल गुरुग्राम सर्कल भेजी हुई है। जल्द ही फाइल को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। -ओपी बूरा, एसडीओ पब्लिक हेल्थ
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- गांव की आधी आबादी खरीदकर पी रही है पीने का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। गांव सरमथला में पेयजल की सप्लाई लाइन का ई-टेंडरिंग न होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की करीब आधी आबादी को इसके चलते रोजाना पानी खरीदकर पीना पड़ता है। इसको लेकर गांव के लोग स्थानीय विधायक संजय सिंह के साथ आला अधिकारी को भी शिकायत कर चुके हैं ,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। गांव के सरपंच एसडीओ एक्सियन कार्यालय में पिछले छह महीने से चक्कर लगा रहे हैं।
समरथला गांव के सरपंच पवन शर्मा ने बताया गांव की आबादी करीब पांच हजार है। पहले गांव के साथ गुजरनी वाली नहर में बोर करके पानी घरों तक ले आते थे। अब छायंसा रेनीवाल बूस्टर और घेंघोला बूस्टर से पानी की सप्लाई हो जाने से नहर में बोर लगाना बंद कर दिया था। पानी की सप्लाई करीब 15 गांवों में जाती है। घेंघोला बूस्टर से करीब 40 से 50 प्रतिशत आबादी को पीने के पानी की सप्लाई हो रहा है। वहीं, तीन कॉलोनियों में रह रहे गांव की करीब 50 प्रतिशत आबादी तक सप्लाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कॉलोनी निवासियों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग को सिर्फ 700 मीटर की पाइपलाइन डालनी है। पानी की सप्लाई न होने के चलते निवासियों को आरओ प्लांट से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। गांव में महाराणा प्रताप मूर्ति से गांव के मंदिर तक और फिरनी वाले कुएं से पटवार घर तक पाइप लाइन डालनी है।
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एसडीओ विभाग में पीने के पानी की लाइन बिछाने के लिए पत्र दे चुके हैं। विभाग की तरफ से ई-टेंडरिंग न हाेने की बात कहकर टाल दिया जाता है। गांव की समस्या को लेकर विधायक से भी शिकायत कर चुके हैं,लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं मिल सका है। -पवन शर्मा ,सरपंच गांव समरथला
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पीने का पानी एक मूलभूत जरूरत है। इसके बावजूद न तो विधायक इस पर ध्यान दे रहे हैं न ही प्रशासन की तरफ से ध्यान दिया जा रहा है।-लछमन सिंह ,समरथला
पानी की लाइन के लिए टेंडरिंग के लिए फाइल गुरुग्राम सर्कल भेजी हुई है। जल्द ही फाइल को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। -ओपी बूरा, एसडीओ पब्लिक हेल्थ