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Gurugram News: टोल प्लाजा पर धरने पर बैठीं महिलाएं
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मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का मामला, एसडीएम ने किया समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। घाटा शमशाबाद टोल प्लाजा पर कार्यरत महिला टोल कलेक्टर्स ने परियोजना प्रबंधक अख्तर अंसारी, उप प्रबंधक सब्बीर खान और प्रबंधक शिरोमणि यादव द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के खिलाफ टोल प्लाजा पर ही धरना शुरू कर दिया।
जैसे ही इसकी सूचना एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मीनारायण को लगी तो तुरंत वे मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बात कर मामले को सुलझाया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के घाटा शमशाबाद टोल पर कार्य करने वाली पीड़ित महिलाओं में सुमन, पिंकी, ज्योति, मीरा, निशा, पंकज कुमारी, पूजा, निधी, कोमल, सोनम ने बताया कि वो पिछले दो वर्षों से ईमानदारी से ड्यूटी कर रही हैं। तीन जुलाई 2025 को टोल संचालन की जिम्मेदारी एक नई कंपनी को सौंपी गई। इसके बाद से प्रबंधन के कुछ अधिकारी इन महिला कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बनाने में लगे हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें टोल पर चाय बनाने के लिए कहा जाता है, इसके अलावा और भी कई बातों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। एसडीएम ने प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी महिला कर्मचारी से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि वे निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी करें, प्रशासन उनके साथ है और किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इस संदर्भ में टोल परियोजना अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
फोटो: घाटा शमशाबाद की टोल प्लाजा पर धरने पर बैठी महिला कर्मचारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। घाटा शमशाबाद टोल प्लाजा पर कार्यरत महिला टोल कलेक्टर्स ने परियोजना प्रबंधक अख्तर अंसारी, उप प्रबंधक सब्बीर खान और प्रबंधक शिरोमणि यादव द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के खिलाफ टोल प्लाजा पर ही धरना शुरू कर दिया।
जैसे ही इसकी सूचना एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मीनारायण को लगी तो तुरंत वे मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बात कर मामले को सुलझाया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के घाटा शमशाबाद टोल पर कार्य करने वाली पीड़ित महिलाओं में सुमन, पिंकी, ज्योति, मीरा, निशा, पंकज कुमारी, पूजा, निधी, कोमल, सोनम ने बताया कि वो पिछले दो वर्षों से ईमानदारी से ड्यूटी कर रही हैं। तीन जुलाई 2025 को टोल संचालन की जिम्मेदारी एक नई कंपनी को सौंपी गई। इसके बाद से प्रबंधन के कुछ अधिकारी इन महिला कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बनाने में लगे हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें टोल पर चाय बनाने के लिए कहा जाता है, इसके अलावा और भी कई बातों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। एसडीएम ने प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी महिला कर्मचारी से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि वे निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी करें, प्रशासन उनके साथ है और किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इस संदर्भ में टोल परियोजना अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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फोटो: घाटा शमशाबाद की टोल प्लाजा पर धरने पर बैठी महिला कर्मचारी।