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Gurugram News: अगले साल अप्रैल तक 40 जगहों पर सीवर समस्या का होगा स्थायी समाधान
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दावा: गुरुग्राम नगर निगम ने शहर में 40 जगहों पर सीवर समस्या की समीक्षा की
सीवेज मॉनिटरिंग सेल की बैठक में निगम आयुक्त ने समय सीमा के अंदर काम करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में चोक पड़े सीवर और ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान अगले साल अप्रैल तक कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को सीवरेज मॉनिटरिंग सेल की बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कार्ययोजना की समीक्षा की। 40 जगहों पर बह रहे सीवर की समस्या के निदान के लिए तय समय सीमा में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक स्थाई समाधान नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी राहत के उपाय किए जाएं ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
नगर निगम सीमा के अंदर के गांवों में सीवरेज समस्याओं के स्थाई समाधान पर जोर दिया गया। इनमें बसई, नाहरपुर रूपा, खांडसा, कादीपुर, झाड़सा, तिघरा, घाटा, चक्करपुर, कन्हैयी, मोहम्मदपुर झाड़सा, नरसिंहपुर, बेगमपुर खटौला और बंधवाड़ी आदि शामिल हैं। शहरी कॉलोनियों में राजेन्द्रा पार्क, ओमनगर, शांति नगर, हीरानगर, शिवजी पार्क, लक्ष्मी गार्डन, जैकबपुरा, सुशांत लोक (ब्लॉक-सी), इंदिरा कॉलोनी, सेक्टर-57 (जी ब्लॉक), सेक्टर-42, 43, सेक्टर-40, मोहियाल कॉलोनी, कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-10, शक्ति पार्क और सरस्वती एन्क्लेव शामिल हैं। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, रविन्द्र यादव, चीफ टाउन प्लानर संजीव मान, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे।
नई लाइनें बिछेंगी, पुरानी की होगी सफाई
निगमायुक्त दहिया ने कहा कि सभी क्षेत्रों में सीवरेज लाइनों की सफाई कराई जाए। जहां जरूरी हो, वहां नई सीवर लाइनें बिछाने के लिए एस्टीमेट बनाने व टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए। नगर निगम यह काम 30 अप्रैल 2026 तक पूरा कर ले ताकि सीवर ओवरफ्लो होने या चोक होने की समस्या खत्म हो सके। इन कामों की निगरानी के लिए हर 15 दिन में सीवरेज मॉनिटरिंग सेल की समीक्षा बैठक की जाएगी। इसमें अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई करें
निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने निर्देश दिए कि औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाइयों ने एमसीजी की सीवरेज लाइनों से अवैध कनेक्शन जोड़ लिए हैं, उन्हें एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर हटवाया जाए। क्षेत्र के इंजीनियरों को प्रमाणित करना होगा कि सभी अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई हो चुकी है। सभी जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर जीआईएस लैब के जरिए डिजिटल मैप पर सीवरेज व ड्रेनेज नेटवर्क को तैयार करें। मैपिंग में अंदरूनी लाइनों के मास्टर लाइन से कनेक्शन, क्षमता, सामग्री और डिस्पोजल की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। सहायक अभियंता स्वयं जाकर ग्राउंड रियलिटी की जांच करेंगे।
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सीवेज मॉनिटरिंग सेल की बैठक में निगम आयुक्त ने समय सीमा के अंदर काम करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में चोक पड़े सीवर और ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान अगले साल अप्रैल तक कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को सीवरेज मॉनिटरिंग सेल की बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कार्ययोजना की समीक्षा की। 40 जगहों पर बह रहे सीवर की समस्या के निदान के लिए तय समय सीमा में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक स्थाई समाधान नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी राहत के उपाय किए जाएं ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
नगर निगम सीमा के अंदर के गांवों में सीवरेज समस्याओं के स्थाई समाधान पर जोर दिया गया। इनमें बसई, नाहरपुर रूपा, खांडसा, कादीपुर, झाड़सा, तिघरा, घाटा, चक्करपुर, कन्हैयी, मोहम्मदपुर झाड़सा, नरसिंहपुर, बेगमपुर खटौला और बंधवाड़ी आदि शामिल हैं। शहरी कॉलोनियों में राजेन्द्रा पार्क, ओमनगर, शांति नगर, हीरानगर, शिवजी पार्क, लक्ष्मी गार्डन, जैकबपुरा, सुशांत लोक (ब्लॉक-सी), इंदिरा कॉलोनी, सेक्टर-57 (जी ब्लॉक), सेक्टर-42, 43, सेक्टर-40, मोहियाल कॉलोनी, कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-10, शक्ति पार्क और सरस्वती एन्क्लेव शामिल हैं। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, रविन्द्र यादव, चीफ टाउन प्लानर संजीव मान, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे।
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नई लाइनें बिछेंगी, पुरानी की होगी सफाई
निगमायुक्त दहिया ने कहा कि सभी क्षेत्रों में सीवरेज लाइनों की सफाई कराई जाए। जहां जरूरी हो, वहां नई सीवर लाइनें बिछाने के लिए एस्टीमेट बनाने व टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए। नगर निगम यह काम 30 अप्रैल 2026 तक पूरा कर ले ताकि सीवर ओवरफ्लो होने या चोक होने की समस्या खत्म हो सके। इन कामों की निगरानी के लिए हर 15 दिन में सीवरेज मॉनिटरिंग सेल की समीक्षा बैठक की जाएगी। इसमें अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई करें
निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने निर्देश दिए कि औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाइयों ने एमसीजी की सीवरेज लाइनों से अवैध कनेक्शन जोड़ लिए हैं, उन्हें एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर हटवाया जाए। क्षेत्र के इंजीनियरों को प्रमाणित करना होगा कि सभी अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई हो चुकी है। सभी जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर जीआईएस लैब के जरिए डिजिटल मैप पर सीवरेज व ड्रेनेज नेटवर्क को तैयार करें। मैपिंग में अंदरूनी लाइनों के मास्टर लाइन से कनेक्शन, क्षमता, सामग्री और डिस्पोजल की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। सहायक अभियंता स्वयं जाकर ग्राउंड रियलिटी की जांच करेंगे।