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Gurugram News: पाइप लाइन से अब तक नहीं जोड़े टैंक.. बर्बाद हो रहा है पानी, टूट रही है लाइन

Fri, 01 Sep 2023 07:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Sep 2023 07:58 PM IST
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The tank has not yet been connected to the pipeline. Water is being wasted, the line is breaking.
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-बूस्टिंग स्टेशन शुरू नहीं होने से होती है पानी की बर्बादी
- दो बूस्टिंग स्टेशनों का निर्माण करीब 10 करोड़ की लागत से 10 साल पहले शुरू हुआ, बनकर तैयार मगर पाइप लाइन से नहीं जुड़े
गुरुग्राम। सरहौल में करीब 10 करोड़ की लागत से बने बूस्टिंग स्टेशन के दो अंडरग्राउंड टैंक अगर जलापूर्ति की पाइप लाइन से जोड़ दिए गए होते तो पेयजल लाइन पानी के दबाव से बार-बार नहीं टूटती। पानी की बर्बादी रुकती और लोगों को बराबर, समय पर और जरूरत के अनुरूप पानी मिलता। मगर 10 साल पहले शुरू हुए बूस्टिंग स्टेशन को मुख्य लाइन से आज तक नहीं जोड़ा जा सका।
पिछले एक पखवाड़े में बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर 18 की ओर आने वाली जीएमडीए की मुख्य पाइप लाइन दो बार टूटी। इससे काफी मात्रा में पानी बर्बाद हुआ। सेक्टर 21, 22, 22 बी, 23, मूलाहेड़ा, डूंडाहेड़ा, सरहौल आदि सेक्टरों और गांवाें में जल संकट रहा। एक बार पाइप लाइन टूटने के बाद अगर पाइप लाइन की मरम्मत कर भी दी जाती है तो बैक अप खत्म होने के कारण लोगों को कई दिनों तक जल संकट का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार की सुबह एयरफोर्स स्टेशन के पास यह मुख्य लाइन टूट गई थी। जिसकी मरम्मत कर्मियों ने देर रात तक पूरी कर ली। मगर शुक्रवार को भी सेक्टर 22 बी के लगभग आधे हिस्से में लोगों को पानी नहीं मिला। सेक्टर 21 में भी लोगाें को कम पानी मिला। इसके पहले यही लाइन 22 अगस्त को अतुल कटारिया चौक पर सीएनजी लाइन बिछाने के क्रम में टूटी थी।
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रोजाना बर्बाद होता है तकरीबन 3 एमएलडी पानी
सरहौल गांव के पास से गुजरने वाली जीएमडीए की मुख्य पाइप लाइन बसई प्लांट से आती है, इसमें 24 घंटे पानी होता है। यहां लोग इस सीधी लाइन से पानी लेते हैं। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा के अनुसार पानी एकत्र कर समान वितरण करने के लिए बने यूजी टैंक का चालू नहीं होने से पानी सीधे लाेगों के घरों में जाता है। यहां पानी की चोरी और बर्बादी की पूरी गुंजाइश रहती है। दोनों बूस्टिंग स्टेशन के चालू होने से करीब 3-4 एमएलडी (मिलियन गैलन पर डे) पानी की बचत होगी। बसई के ट्रीटमेंट प्लांट से सीधी लाइन सरहौल तक है। यह लाइन आगे डीएलएफ तक जाती है। यहां बूस्टिंग से पानी नियंत्रित होगा तो आगे डीएलएफ, उद्योग विहार और एंबीयंस मॉल तक जलापूर्ति में सुधार होगा।
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बड़ी आबादी की जलापूर्ति दुरुस्त करने के लिए बने थे टैंक

सरहौल गांव और सेक्टर 18 की आबादी करीब 60-70 हजार अनुमानित की गई है। यहां के सामुदायिक भवन के पास राधा कृष्ण पार्क के साथ बूस्टिंग स्टेशन बनाया गया है। इसकी क्षमता 2 एमएलडी की है। यहां यूजी टैंक और वाटर पंप आदि लगाए गए हैं। दूसरा बूस्टिंग स्टेशन गांव के दूसरी छोर पर सरकारी स्कूल के पास बनाया गया है। मुख्य लाइन से बूस्टिंग स्टेशन के यूजी टैंक में पानी जमा कर इस इलाके में पानी की आपूर्ति समयानुसार की जानी थी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सीधी लाइन से इस इलाके में 24 घंटे पानी उपलब्ध होने के कारण निवासियों ने भी बूस्टिंग स्टेशन चालू करने को लेकर दबाव नहीं बनाया। पानी की बर्बादी, लीकेज होते रहे। वर्ष 2015 में इनमें से एक बूस्टिंग स्टेशन का ट्रायल भी हुआ था मगर वह फेल हो गया है। नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर प्रेम कुमार कहते हैं कि आने वाले 15 से 20 दिनों में यूजी टैंक को पाइप लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इससे पानी की बर्बादी पर निश्चित रूप से रोक लगेगी।
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