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कृषि योग्य भूमि : तावडू में सबसे महंगी तो नगीना सब तहसील में सबसे सस्ती
Sat, 02 Aug 2025 11:15 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:15 PM IST
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नए कलेक्टर रेट में कृषि भूमि के रेट में 10 से 33 फीसदी तक की बढ़ोतरी दिखी
दिनेश देशवाल
नूंह। राजस्व विभाग द्वारा जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए है। जिले में कृषि भूमि के नए रेट में 10 से लेकर 33 फीसदी तक की बढ़ोतरी दिखाई दी है। जिले में सबसे महंगी एक एकड़ जमीन की कीमत एक करोड़ 65 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जबकि सबसे सस्ती कीमत मात्र 13 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की है। वहीं, रिहायशी व व्यवसायिक जमीन की कीमतों में 10 से लेकर 400 फीसदी तक की बढ़ाेतरी हुई है। नए कलेक्टर रेट तय होने के बाद जमीन के दामों में और भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद खरीद-फरोख्त में मध्यस्ता करने वाले लोगों ने जताई है।
बता दें कि हरियाणा में एक अगस्त से बढ़े हुए कलेक्टर रेट लागू हो गए है। जिनसे जमीन के दामों में भारी उछाल आया है। जो किसान जमीन बेचना चाह रहे थे, उन्होंने फिलहाल यह विचार कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया है, क्योंकि उन्हें उम्मीद जगी है कि उनकी जमीन के दाम और बढ़ेंगे।
सबसे महंगी जमीन तावडू तहसील में
यूं तो जिले तावडू, नगीना, फिरोजपुर झिरका, नूंह, पुनहाना व इंडरी सब तहसील में नए कलेक्टर रेट लागू होने से जमीन के रेट बढ़े हैं। सबसे महंगी जमीन तावडू तहसील के गांव गुढ़ी, पाड़ा, बिस्सर अकबरपुर तथा मोहम्मदपुर अहीर में हुई है। यहां पर जमीन की कीमत पिछले वर्ष के डेढ़ करोड़ रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर एक करोड़ 65 लाख रुपये हो गई। ये जमीन रोड से लगते एक एकड़ या दो एकड़ तक सीमित की गई है। इसके अलावा तावडू शहर, झामूवास, गंगानी, कोटा खंडेवला व कलवाड़ी में भी जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक हो गई है।
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नगीना में सबसे सस्ती जमीन
वहीं, नगीना सब तहसील के गांव फिरोजपुर डहर में जिले में सबसे सस्ती जमीन मात्र 13 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। वहीं नगीना के पिथोरपुरी में 83 लाख, असाईसीका, भादस, मांड़ीखेड़ा और राजाका में 80 लाख रुपये प्रति एकड़ कीमत निर्धारित की गई है।
वहीं इंडरी सब तहसील के गांव रामपुर में सबसे अधिक एक करोड़ दो लाख पचास हजार रुपये प्रति एकड़, फिरोजपुर झिरका शहर में 80 लाख से लेकर एक करोड़ बीस लाख तक, चकरंगाला, धमाला, दोहा, माहोली, नसीरबास, नावली, पाटन उदयपुरी, रंगाला राजपुर, रावली और सोलपुर में 10 फीसदी से लेकर 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी करते हुए 70 लाख रुपये प्रति एकड़ तक कीमत निर्धारित की गई है।
पुनहाना तहसील के नकनपुर में जुरहेडा रोड पर 58 लाख रुपये, करहेड़ा पुनहाना में 55 लाख रुपये तथा नकनपुर में 44 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक जमीन के रेट बढ़े है। पुनहाना तहसील में कृषि योग्य भूमि की कीमत 16 लाख रुपये से लेकर 58 लाख रुपये तक बढ़ाई गई है।
नूंह के घासेड़ा में महंगी हुई जमीन
नूंह तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे महंगी जमीन गांव घासेड़ा में है। यहां पर 70 लाख से लेकर 80 लाख रुपये प्रति एकड़, उजीना गांव में 55 लाख रुपये, जोगीपुर में 60 लाख रुपये, नल्हड़ व ताजपुर में 55 लाख रुपये तथा नूंह शहर में 68 लाख रुपये से लेकर सवा करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक नए कलेक्टर रेट में जमीन के रेट बढ़े हैं।
निवासीय रेट में नगीना में सबसे अधिक बढ़ोतरी
कृषि योग्य भूमि के रेट बढ़ने में भले ही नगीना सब तहसील जिले में सबसे पीछे रही हो, लेकिन निवासीय रेट के मामले में इसने पूरे जिले में सबसे बड़ी छलांग लगाई है। नगीना सब तहसील के गांव मढ़ी में निवासीय जमीन की कीमत 2024 में एक हजार रुपये प्रति वर्ग गज थी, 400 फीसदी की छलांग लगाते हुए नए कलेक्टर रेट में इसकी कीमत पांच हजार रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित की गई है। जो बढ़ोतरी के मामले में पूरे जिले में अव्वल है।
जमीन खरीद-फरोख्त करने वाले बल्ला खटाना, जीतन मानुवास, सतपाल आदि ने बताया कि पहले ही इन सर्कल रेट से कई गुणा अधिक रेट में जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त चल रही है। कलेक्टर रेट बढ़ने से और भी बढ़ोतरी जमीन के रेटों में आएगी।
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दिनेश देशवाल
नूंह। राजस्व विभाग द्वारा जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए है। जिले में कृषि भूमि के नए रेट में 10 से लेकर 33 फीसदी तक की बढ़ोतरी दिखाई दी है। जिले में सबसे महंगी एक एकड़ जमीन की कीमत एक करोड़ 65 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जबकि सबसे सस्ती कीमत मात्र 13 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की है। वहीं, रिहायशी व व्यवसायिक जमीन की कीमतों में 10 से लेकर 400 फीसदी तक की बढ़ाेतरी हुई है। नए कलेक्टर रेट तय होने के बाद जमीन के दामों में और भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद खरीद-फरोख्त में मध्यस्ता करने वाले लोगों ने जताई है।
बता दें कि हरियाणा में एक अगस्त से बढ़े हुए कलेक्टर रेट लागू हो गए है। जिनसे जमीन के दामों में भारी उछाल आया है। जो किसान जमीन बेचना चाह रहे थे, उन्होंने फिलहाल यह विचार कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया है, क्योंकि उन्हें उम्मीद जगी है कि उनकी जमीन के दाम और बढ़ेंगे।
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सबसे महंगी जमीन तावडू तहसील में
यूं तो जिले तावडू, नगीना, फिरोजपुर झिरका, नूंह, पुनहाना व इंडरी सब तहसील में नए कलेक्टर रेट लागू होने से जमीन के रेट बढ़े हैं। सबसे महंगी जमीन तावडू तहसील के गांव गुढ़ी, पाड़ा, बिस्सर अकबरपुर तथा मोहम्मदपुर अहीर में हुई है। यहां पर जमीन की कीमत पिछले वर्ष के डेढ़ करोड़ रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर एक करोड़ 65 लाख रुपये हो गई। ये जमीन रोड से लगते एक एकड़ या दो एकड़ तक सीमित की गई है। इसके अलावा तावडू शहर, झामूवास, गंगानी, कोटा खंडेवला व कलवाड़ी में भी जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक हो गई है।
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नगीना में सबसे सस्ती जमीन
वहीं, नगीना सब तहसील के गांव फिरोजपुर डहर में जिले में सबसे सस्ती जमीन मात्र 13 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। वहीं नगीना के पिथोरपुरी में 83 लाख, असाईसीका, भादस, मांड़ीखेड़ा और राजाका में 80 लाख रुपये प्रति एकड़ कीमत निर्धारित की गई है।
वहीं इंडरी सब तहसील के गांव रामपुर में सबसे अधिक एक करोड़ दो लाख पचास हजार रुपये प्रति एकड़, फिरोजपुर झिरका शहर में 80 लाख से लेकर एक करोड़ बीस लाख तक, चकरंगाला, धमाला, दोहा, माहोली, नसीरबास, नावली, पाटन उदयपुरी, रंगाला राजपुर, रावली और सोलपुर में 10 फीसदी से लेकर 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी करते हुए 70 लाख रुपये प्रति एकड़ तक कीमत निर्धारित की गई है।
पुनहाना तहसील के नकनपुर में जुरहेडा रोड पर 58 लाख रुपये, करहेड़ा पुनहाना में 55 लाख रुपये तथा नकनपुर में 44 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक जमीन के रेट बढ़े है। पुनहाना तहसील में कृषि योग्य भूमि की कीमत 16 लाख रुपये से लेकर 58 लाख रुपये तक बढ़ाई गई है।
नूंह के घासेड़ा में महंगी हुई जमीन
नूंह तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे महंगी जमीन गांव घासेड़ा में है। यहां पर 70 लाख से लेकर 80 लाख रुपये प्रति एकड़, उजीना गांव में 55 लाख रुपये, जोगीपुर में 60 लाख रुपये, नल्हड़ व ताजपुर में 55 लाख रुपये तथा नूंह शहर में 68 लाख रुपये से लेकर सवा करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक नए कलेक्टर रेट में जमीन के रेट बढ़े हैं।
निवासीय रेट में नगीना में सबसे अधिक बढ़ोतरी
कृषि योग्य भूमि के रेट बढ़ने में भले ही नगीना सब तहसील जिले में सबसे पीछे रही हो, लेकिन निवासीय रेट के मामले में इसने पूरे जिले में सबसे बड़ी छलांग लगाई है। नगीना सब तहसील के गांव मढ़ी में निवासीय जमीन की कीमत 2024 में एक हजार रुपये प्रति वर्ग गज थी, 400 फीसदी की छलांग लगाते हुए नए कलेक्टर रेट में इसकी कीमत पांच हजार रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित की गई है। जो बढ़ोतरी के मामले में पूरे जिले में अव्वल है।
जमीन खरीद-फरोख्त करने वाले बल्ला खटाना, जीतन मानुवास, सतपाल आदि ने बताया कि पहले ही इन सर्कल रेट से कई गुणा अधिक रेट में जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त चल रही है। कलेक्टर रेट बढ़ने से और भी बढ़ोतरी जमीन के रेटों में आएगी।