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Gurugram News: शहर की 23 हाउसिंग सोसाइटियों का होगा संरचनात्मक ऑडिट
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संरचनात्मक ऑडिट को लेकर उपायुक्त निशांत कुमार यादव, एडीसी हितेश कुमार मीणा, लोक निर्माण विभाग
55 सोसाइटियों का भौतिक निरीक्षण पूरा, निर्माण की गुणवत्ता परखी जाएगी
सोसाइटियों के बिल्डरों और आरडब्ल्यूए की संयुक्त बैठक बुलाएंगे उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अलग-अलग क्षेत्रों में हाउसिंग सोसाइटियों में रह रहे निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से 55 हाउसिंग सोसाइटियों में भौतिक निरीक्षण के बाद पहले चरण में 23 सोसाइटियों में संरचनात्मक ऑडिट का फैसला लिया गया है। इस ऑडिट में निर्माण की गुणवत्ता परखी जाएगी। इस संबंध में जल्द ही संबंधित बिल्डर व रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिसन (आरडब्ल्यूए) की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने एडीसी हितेश कुमार मीणा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रवीण चौधरी और जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) मनीश यादव के साथ बैठक की और 23 हाउसिंग सोसाइटियों के संचरनात्मक ऑडिट करवाने के लिए रूपरेखा तैयार करने पर विचार किया।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि चिनटेल्स पैसाडाइसो सोसाइटी में 10 फरवरी 2022 को हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन का प्रयास है कि लोगों के लिए असुरक्षित बिल्डिंगों की पहचान कर उनका संरचनात्मक ऑडिट करवाया जाए। रिपोर्ट के आधार पर अगर जरूरत पड़ी तो उसकी मरम्मत करें और यदि मरम्मत करने लायक न हो तो उसे खाली करवाएं। इस निरीक्षण का उद्देश्य भी यही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में जिले में 55 हाउसिंग सोसाइटियों का भौतिक निरीक्षण कराया गया।
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निरीक्षण में संबंधित बिल्डिंग के ओवरऑल मेंटेनेंस, प्लास्टर उतरने, बेसमेंट में लीकेज, सीपेज, नमी व क्रेक, बीम, स्लैब और फर्श की नमी, बिल्डिंग की छत पर बनाए गए वाटर टैंक्स व शाॅफ्ट की कंडीशन जैसे विभिन्न बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान करीब 23 हाउसिंग सोसाइटियां ऐसी मिलीं जोकि खरी नहीं पाई गईं। ऐसे में जिला प्रशासन ने इन बिल्डिंग की गुणवत्ता जांच को पुख्ता करने के लिए संरचनात्मक ऑडिट करवाने का निर्णय लिया है।
पहले चरण की सभी सोसाइटियों में मरम्मत से हो सकता है काम
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिले में सोसाइटियों के संरचनात्मक ऑडिट का पहला चरण पूरा हो चुका है, जिसमें ऑडिट फर्मों से जो रिपोर्ट मिली थी, उसमें ऐसी कोई कमी नहीं पाई गई थी जिसकी मरम्मत न करवाई जा सकती हो। सभी सोसाइटियों में जो दिक्कतें या कमियां पाई गई थी, वह मरम्मत से ठीक होने लायक थीं।
10 जुलाई से शुरू होगा संरचनात्मक ऑडिट
10 जुलाई से प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण में गुरुग्राम की 15 रिहायशी सोसाइटियों का चयन किया गया है। संबंधित बिल्डर्स को जिला प्रशासन की ओर से चिट्टी लिखी गई है। ऑडिट फर्म की ओर से ऑडिट पर होने वाले खर्च का ब्योरा भी उनको भेजा गया है। उपायुक्त ने कहा कि ऑडिट आने के बाद उसे संबंधित रिपोर्ट को आरडब्ल्यूए के साथ साझा किया जाएगा।
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सोसाइटियों के बिल्डरों और आरडब्ल्यूए की संयुक्त बैठक बुलाएंगे उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अलग-अलग क्षेत्रों में हाउसिंग सोसाइटियों में रह रहे निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से 55 हाउसिंग सोसाइटियों में भौतिक निरीक्षण के बाद पहले चरण में 23 सोसाइटियों में संरचनात्मक ऑडिट का फैसला लिया गया है। इस ऑडिट में निर्माण की गुणवत्ता परखी जाएगी। इस संबंध में जल्द ही संबंधित बिल्डर व रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिसन (आरडब्ल्यूए) की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने एडीसी हितेश कुमार मीणा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रवीण चौधरी और जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) मनीश यादव के साथ बैठक की और 23 हाउसिंग सोसाइटियों के संचरनात्मक ऑडिट करवाने के लिए रूपरेखा तैयार करने पर विचार किया।
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उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि चिनटेल्स पैसाडाइसो सोसाइटी में 10 फरवरी 2022 को हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन का प्रयास है कि लोगों के लिए असुरक्षित बिल्डिंगों की पहचान कर उनका संरचनात्मक ऑडिट करवाया जाए। रिपोर्ट के आधार पर अगर जरूरत पड़ी तो उसकी मरम्मत करें और यदि मरम्मत करने लायक न हो तो उसे खाली करवाएं। इस निरीक्षण का उद्देश्य भी यही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में जिले में 55 हाउसिंग सोसाइटियों का भौतिक निरीक्षण कराया गया।
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निरीक्षण में संबंधित बिल्डिंग के ओवरऑल मेंटेनेंस, प्लास्टर उतरने, बेसमेंट में लीकेज, सीपेज, नमी व क्रेक, बीम, स्लैब और फर्श की नमी, बिल्डिंग की छत पर बनाए गए वाटर टैंक्स व शाॅफ्ट की कंडीशन जैसे विभिन्न बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान करीब 23 हाउसिंग सोसाइटियां ऐसी मिलीं जोकि खरी नहीं पाई गईं। ऐसे में जिला प्रशासन ने इन बिल्डिंग की गुणवत्ता जांच को पुख्ता करने के लिए संरचनात्मक ऑडिट करवाने का निर्णय लिया है।
पहले चरण की सभी सोसाइटियों में मरम्मत से हो सकता है काम
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिले में सोसाइटियों के संरचनात्मक ऑडिट का पहला चरण पूरा हो चुका है, जिसमें ऑडिट फर्मों से जो रिपोर्ट मिली थी, उसमें ऐसी कोई कमी नहीं पाई गई थी जिसकी मरम्मत न करवाई जा सकती हो। सभी सोसाइटियों में जो दिक्कतें या कमियां पाई गई थी, वह मरम्मत से ठीक होने लायक थीं।
10 जुलाई से शुरू होगा संरचनात्मक ऑडिट
10 जुलाई से प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण में गुरुग्राम की 15 रिहायशी सोसाइटियों का चयन किया गया है। संबंधित बिल्डर्स को जिला प्रशासन की ओर से चिट्टी लिखी गई है। ऑडिट फर्म की ओर से ऑडिट पर होने वाले खर्च का ब्योरा भी उनको भेजा गया है। उपायुक्त ने कहा कि ऑडिट आने के बाद उसे संबंधित रिपोर्ट को आरडब्ल्यूए के साथ साझा किया जाएगा।