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Gurugram News: रेहड़ी पटरी मजदूरों ने नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ किया प्रदर्शन
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प्रदर्शन करते रेहड़ी पटरी विक्रता
प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए पहुंचे नगर निगम कार्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेहड़ी पटरी मजदूरों ने रोजगार को उजाड़ने और बुलडोजर की कार्यवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारे लगाते हुए रेहड़ी पटरी कर्मी नगर निगम के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पहुंचे और सभा आयोजित की और नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन दिया। संयुक्त आयुक्त ने प्रदर्शनकारियों से 16 सितंबर को बैठक के लिए समय दिया है।
प्रदर्शनकारियों को प्रमुख रूप से सीटू प्रदेश महासचिव जयभगवान, रेहड़ी पटरी मजदूर यूनियन गुरुग्राम के प्रधान अशोक सिंह, महासचिव चूरामन, कोषाध्यक्ष बलराम, संगठन सचिव रोहताश, वरिष्ठ उप प्रधान चंद्रकला, उप प्रधान योगेश, जनवादी महिला समिति की प्रदेश महासचिव ऊषा सरोहा ने प संबोधित किया।
संगठन नेताओं ने कहा कि जो सरकार रोजगार दे नहीं सकती, उसे लोगों के रोजगार उजाड़ने का कोई हक नहीं है। स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014 के अनुसार शहर की आबादी के अनुपात में 2.5 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर हो सकते हैं। गुरुग्राम शहर में प्रशासन के सर्वे अनुसार ही 40 हजार स्ट्रीट वेंडर हैं। इसके लिए वेंडर जोन बना रखे हैं। वेंडर ने रजिस्ट्रेशन करवा रखा है लेकिन लम्बे समय से हजारों परिवारों को उजाड़ने का काम चल रहा है।
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बुलडोजर चलाकर लाखों रुपये के रेहड़ी और समान को बर्बाद किया जा रहा है। वेंडिग जोन को नष्ट करके रोजगार को बर्बाद किया जा रहा है। सरकार रोजगार मुहैया कराने की बजाय स्वरोजगार में लगे लोगों को उजाड़ने का काम कर रही है।
शहरों के सौन्दर्यीकरण के नाम पर रोजगार को उजाड़ने के प्रयास नहीं होना चाहिए। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत बनी टाउन वेडिंग कमेटी की पिछले तीन साल से कोई बैठक नहीं की जा रही। जबकि यह प्रत्येक तीन महीने में होनी चाहिए। इस कमेटी के चेयरमैन स्वयं नगर निगम के कमिश्नर हैं। यह एक्ट की सरे आम उल्लंघन का मामला है। प्रदर्शन को पंकज, क्रांति तिवारी, संजीव, मुकेश, राकेश, सीटू जिला प्रधान सुरेश नोहरा आदि ने भी संबोधित किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेहड़ी पटरी मजदूरों ने रोजगार को उजाड़ने और बुलडोजर की कार्यवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारे लगाते हुए रेहड़ी पटरी कर्मी नगर निगम के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पहुंचे और सभा आयोजित की और नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन दिया। संयुक्त आयुक्त ने प्रदर्शनकारियों से 16 सितंबर को बैठक के लिए समय दिया है।
प्रदर्शनकारियों को प्रमुख रूप से सीटू प्रदेश महासचिव जयभगवान, रेहड़ी पटरी मजदूर यूनियन गुरुग्राम के प्रधान अशोक सिंह, महासचिव चूरामन, कोषाध्यक्ष बलराम, संगठन सचिव रोहताश, वरिष्ठ उप प्रधान चंद्रकला, उप प्रधान योगेश, जनवादी महिला समिति की प्रदेश महासचिव ऊषा सरोहा ने प संबोधित किया।
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संगठन नेताओं ने कहा कि जो सरकार रोजगार दे नहीं सकती, उसे लोगों के रोजगार उजाड़ने का कोई हक नहीं है। स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014 के अनुसार शहर की आबादी के अनुपात में 2.5 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर हो सकते हैं। गुरुग्राम शहर में प्रशासन के सर्वे अनुसार ही 40 हजार स्ट्रीट वेंडर हैं। इसके लिए वेंडर जोन बना रखे हैं। वेंडर ने रजिस्ट्रेशन करवा रखा है लेकिन लम्बे समय से हजारों परिवारों को उजाड़ने का काम चल रहा है।
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बुलडोजर चलाकर लाखों रुपये के रेहड़ी और समान को बर्बाद किया जा रहा है। वेंडिग जोन को नष्ट करके रोजगार को बर्बाद किया जा रहा है। सरकार रोजगार मुहैया कराने की बजाय स्वरोजगार में लगे लोगों को उजाड़ने का काम कर रही है।
शहरों के सौन्दर्यीकरण के नाम पर रोजगार को उजाड़ने के प्रयास नहीं होना चाहिए। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत बनी टाउन वेडिंग कमेटी की पिछले तीन साल से कोई बैठक नहीं की जा रही। जबकि यह प्रत्येक तीन महीने में होनी चाहिए। इस कमेटी के चेयरमैन स्वयं नगर निगम के कमिश्नर हैं। यह एक्ट की सरे आम उल्लंघन का मामला है। प्रदर्शन को पंकज, क्रांति तिवारी, संजीव, मुकेश, राकेश, सीटू जिला प्रधान सुरेश नोहरा आदि ने भी संबोधित किया।