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बिना टकराव किसान आंदोलन की धार कमजोर करने की रणनीति
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गुरुग्राम। पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में रविवार देर शाम प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक किसान आंदोलन से बिना किसी टकराव के निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि इस बैठक में लिए गए निर्णय का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन की धार को कैसे कमजोर किया जाए, इस पर रणनीति बनाई गई है।
शाम करीब सात बजे से रात नौ बजे तक चली बैठक में कोर कमेटी के सदस्यों के अलावा और किसी को एंट्री नहीं दी गई थी। पूरी बैठक किसान आंदोलन से निपटने की रणनीति पर ही केंद्रित रही। किसानों के आक्रामक रुख और आगामी दिनों में किसान आंदोलन के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह भी कहा गया कि कार्यकर्ताओं को सचेत कर दें कि वह किसानों के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचें। साथ ही आम जन को तीनों कृषि कानून के लाभ के बारे में भी जानकारी देते रहें। ताकि स्थानीय नागरिक आंदोलन का हिस्सा न बनें।
भाकियू नेता राकेश टिकैत की भावुक अपील के बाद किसान आंदोलन ने जिस तरह से नया मोड़ लिया है, उस पर भी कोर कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। इस मुद्दे पर कमेटी के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। यह भी संकेत मिले हैं कि कोर कमेटी की गोपनीय बैठक में जो भी सहमति बनी है, उसका एक दो दिन में निचले स्तर पर असर दिखाई देने लगेगा।
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बैठक में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मनोहरलाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, संगठन महामंत्री रविंद्र राजू, प्रदेश महामंत्री व सांसद संजय भाटिया, प्रदेश महामंत्री अधिवक्ता वेदपाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री रतन लाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री कंवर पाल, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व चेयरमैन सुभाष बराला, पूर्व राष्ट्रीय सचिव व पूर्व सांसद सुधा यादव आदि मौजूद थे।
रेस्ट हाउस में दोपहर से ही हो गई थी कड़ी सुरक्षा
पुलिस- प्रशासन को सीएम मनोहर लाल की उपस्थिति में भाजपा कोर कमेटी की बैठक की सूचना पहले ही दे दी गई थी। इसके बाद रविवार दोपहर में ही पीडब्लूडी रेस्ट हाउस की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। हलांकि सीएम शाम छह बजे के आसपास ही गुरुग्राम पहुंचे थे। रेस्ट हाउस में दोपहर बाद आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
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शाम करीब सात बजे से रात नौ बजे तक चली बैठक में कोर कमेटी के सदस्यों के अलावा और किसी को एंट्री नहीं दी गई थी। पूरी बैठक किसान आंदोलन से निपटने की रणनीति पर ही केंद्रित रही। किसानों के आक्रामक रुख और आगामी दिनों में किसान आंदोलन के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह भी कहा गया कि कार्यकर्ताओं को सचेत कर दें कि वह किसानों के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचें। साथ ही आम जन को तीनों कृषि कानून के लाभ के बारे में भी जानकारी देते रहें। ताकि स्थानीय नागरिक आंदोलन का हिस्सा न बनें।
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भाकियू नेता राकेश टिकैत की भावुक अपील के बाद किसान आंदोलन ने जिस तरह से नया मोड़ लिया है, उस पर भी कोर कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। इस मुद्दे पर कमेटी के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। यह भी संकेत मिले हैं कि कोर कमेटी की गोपनीय बैठक में जो भी सहमति बनी है, उसका एक दो दिन में निचले स्तर पर असर दिखाई देने लगेगा।
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बैठक में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मनोहरलाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, संगठन महामंत्री रविंद्र राजू, प्रदेश महामंत्री व सांसद संजय भाटिया, प्रदेश महामंत्री अधिवक्ता वेदपाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री रतन लाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री कंवर पाल, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व चेयरमैन सुभाष बराला, पूर्व राष्ट्रीय सचिव व पूर्व सांसद सुधा यादव आदि मौजूद थे।
रेस्ट हाउस में दोपहर से ही हो गई थी कड़ी सुरक्षा
पुलिस- प्रशासन को सीएम मनोहर लाल की उपस्थिति में भाजपा कोर कमेटी की बैठक की सूचना पहले ही दे दी गई थी। इसके बाद रविवार दोपहर में ही पीडब्लूडी रेस्ट हाउस की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। हलांकि सीएम शाम छह बजे के आसपास ही गुरुग्राम पहुंचे थे। रेस्ट हाउस में दोपहर बाद आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।