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Gurugram News: बूचड़खानों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई, दो प्लांट का रास्ता किया बंद
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बूचड़खानों के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, नांगल मुबारिकपुर के दो प्लांट का रास्ता खोदकर किया बंद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। मेवात क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों के खिलाफ अब वन विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। लगातार सोशल मीडिया और मेवात संघर्ष समिति द्वारा उठाई जा रही आवाज के बाद वन विभाग ने मांडीखेड़ा से नांगल मुबारिकपुर रोड पर बने दो बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 4 फीट गहरी और 3 फुट चौड़ी और 10 से 15 फुट लंबी खाई खोद कर रास्ते को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इन बूचड़खानों द्वारा फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट के तहत आवश्यक एनओसी नहीं ली गई थी। इस पर विभाग की टीम ने बूचड़खानों के सामने तक जाने वाले रास्ते को ही अवरुद्ध कर दिया। लगभग 4 फीट गहरी और 3 फीट चौड़ी, करीब 10–15 फीट लंबी खाई खोदकर इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बिना एनओसी के यह रास्ता दोबारा नहीं खोला जा सकता। यदि बूचड़खाने संचालक रास्ते को भरकर पुनः चालू करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वन विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस भी जारी कर दिया है और जल्द से जल्द नियमों के अनुसार अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। मेवात क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों के खिलाफ अब वन विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। लगातार सोशल मीडिया और मेवात संघर्ष समिति द्वारा उठाई जा रही आवाज के बाद वन विभाग ने मांडीखेड़ा से नांगल मुबारिकपुर रोड पर बने दो बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 4 फीट गहरी और 3 फुट चौड़ी और 10 से 15 फुट लंबी खाई खोद कर रास्ते को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इन बूचड़खानों द्वारा फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट के तहत आवश्यक एनओसी नहीं ली गई थी। इस पर विभाग की टीम ने बूचड़खानों के सामने तक जाने वाले रास्ते को ही अवरुद्ध कर दिया। लगभग 4 फीट गहरी और 3 फीट चौड़ी, करीब 10–15 फीट लंबी खाई खोदकर इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बिना एनओसी के यह रास्ता दोबारा नहीं खोला जा सकता। यदि बूचड़खाने संचालक रास्ते को भरकर पुनः चालू करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वन विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस भी जारी कर दिया है और जल्द से जल्द नियमों के अनुसार अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।
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