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Gurugram News: टोल कंपनी के शिफ्ट इंचार्ज ने लगाई 17 लाख की चपत
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टोल कंपनी के शिफ्ट इंचार्ज ने लगाई 17 लाख की चपत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-1 थाना क्षेत्र में टोल कंपनी के शिफ्ट इंचार्ज ने कंपनी को करीब 17 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोपी हैंड हेल्ड मशीन से वाहनों का टोल टैक्स कटवाने के बाद डाटा डिलीट कर रकम अपने पास रख रहा था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हरियाणा के पलवल निवासी आशीष भारद्वाज ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह गुरुग्राम- फरीदाबाद टोल पर साउथ एशियन टोलवेज की ओर से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है। उनके टोल प्लाजा पर गांव बंधवाड़ी के सोनू हरसाना को शिफ्ट इंचार्ज के तौर पर रखा गया है। आरोप है कि करीब चार महीने से सोनू द्वारा हैंड हेल्ड मशीन से टोल कंपनी से लाखों की चोरी की जा रही थी। उसके द्वारा हैंड हेल्ड मशीन से रोजाना करीब 550 वाहनों की पर्ची काटी जाती हैं। इससे प्राप्त रकम आरोपी कंपनी में जमा कराने के बजाय अपने पास रख लेता था। इस चोरी के बारे में किसी को पता न लगे इसके लिए वह मशीन से डाटा भी डिलीट कर देता था। जांच के दौरान जब टोल कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई तो सामने आया कि सोनू द्वारा उनसे इस मशीन के जरिए रोजाना करीब 550 पर्चियां कटवाई जाती थीं । आरोपी ने चार महीने में कंपनी को करीब 17 लाख की चपत लगाई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-1 थाना क्षेत्र में टोल कंपनी के शिफ्ट इंचार्ज ने कंपनी को करीब 17 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोपी हैंड हेल्ड मशीन से वाहनों का टोल टैक्स कटवाने के बाद डाटा डिलीट कर रकम अपने पास रख रहा था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हरियाणा के पलवल निवासी आशीष भारद्वाज ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह गुरुग्राम- फरीदाबाद टोल पर साउथ एशियन टोलवेज की ओर से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है। उनके टोल प्लाजा पर गांव बंधवाड़ी के सोनू हरसाना को शिफ्ट इंचार्ज के तौर पर रखा गया है। आरोप है कि करीब चार महीने से सोनू द्वारा हैंड हेल्ड मशीन से टोल कंपनी से लाखों की चोरी की जा रही थी। उसके द्वारा हैंड हेल्ड मशीन से रोजाना करीब 550 वाहनों की पर्ची काटी जाती हैं। इससे प्राप्त रकम आरोपी कंपनी में जमा कराने के बजाय अपने पास रख लेता था। इस चोरी के बारे में किसी को पता न लगे इसके लिए वह मशीन से डाटा भी डिलीट कर देता था। जांच के दौरान जब टोल कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई तो सामने आया कि सोनू द्वारा उनसे इस मशीन के जरिए रोजाना करीब 550 पर्चियां कटवाई जाती थीं । आरोपी ने चार महीने में कंपनी को करीब 17 लाख की चपत लगाई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।