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Gurugram News: विकासशील देशों के विकास के लिए ज्ञान, नीतियों और तकनीक के साझे उपयोग की जरूरत

Thu, 31 Jul 2025 05:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 05:46 PM IST
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Shared use of knowledge, policies and technology is needed for the development of developing countries
दक्षिण-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आरआईएस के प्रो. गुलशन सचदेवा
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इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के चौथे संस्करण का हुआ समापन, एचएसवीपी के सहयोग से गुरुग्राम में आयोजित किया गया



अमर उजाला ब्यूरो


गुरुग्राम। दक्षिण-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आरआईएस के प्रो. गुलशन सचदेवा ने बताया कि भारत विकासशील देशों में सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ज्ञान, नीतियों और तकनीक के साझे उपयोग की जरूरत है ताकि सभी देशों को न्यायपूर्ण और टिकाऊ विकास का लाभ मिल सके।
सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) के लिए एक साझा रास्ता तय करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सहयोग एवं अंतरराष्ट्रीय सर्कुलर इकोनॉमी परिषद (आइसीसीई) के तत्वावधान में आयोजित इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के चौथे संस्करण का आज समापन हुआ। दो दिवसीय सत्र में हरियाणा सरकार, उद्योग, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने शिरकत कर सर्कुलर इकोनॉमी से संबंधित विषयों पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
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विभिन्न विषयों को समर्पित रहा समापन सत्र



आइसीसीई की प्रबंध निदेशक शालिनी गोयल भल्ला ने बताया कि चौथे संस्करण का समापन सत्र विभिन्न विषयों को समर्पित रहा। इसमें कृषि और खाद्य अपशिष्ट आदि विषयों पर चर्चा में नेस्ले, इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क और सीईईडब्लूए के विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे बेहतर तकनीकों से फसल के बाद के नुकसान और भूख की समस्या को कम किया जा सकता है। शहरी कचरा प्रबंधन पर चर्चा के दौरान हसीरू डाला और आईपीसी जैसे संगठनों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कचरे की छंटाई और पुनर्चक्रण के मॉडल कैसे लोगों की भागीदारी से सफल हो सकते हैं। शहरी चक्रीय पर हुई सार्थक चर्चा में विश्व बैंक और अन्य विशेषज्ञों ने बताया कि शहरों को कैसे इस सोच के साथ विकसित किया जा सकता है कि वे पर्यावरण के अनुकूल और जलवायु परिवर्तन के प्रति मजबूत बन सकें। इस दौरान हरियाणा सरकार के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने राज्य में हरित ऊर्जा, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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अन्य सत्रों में इन विषयों पर भी चर्चा हुई

कार्यक्रम में हरित ऊर्जा और संसाधनों का दोबारा उपयोग, सीएसआर और ईएसजी के जरिये सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा, कपड़ा उद्योग में टिकाऊ डिजाइन और स्थानीय नवाचार आदि पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन एसीई पुरस्कार समारोह के साथ हुआ, जिसमें सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
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