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Gurugram News: हरेरा ने नियो डेवलपर्स का यूनिट कैंसलेशन नोटिस किया खारिज

Tue, 07 Jul 2026 07:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 07:17 PM IST
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RERA rejects Neo Developers' unit cancellation notice
90 दिन में बकाया एश्योर्ड रिटर्न और 60 दिन में कब्जा देने के निर्देश
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सेक्टर-109 स्थित नियो स्क्वायर परियोजना का मामला

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम ने सेक्टर-109 स्थित नियो स्क्वायर परियोजना से जुड़े एक मामले में खरीदार को राहत दी है। हरेरा ने नियो डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी यूनिट कैंसलेशन नोटिस को अमान्य करार देते हुए रद्द कर दिया है। अथॉरिटी ने बिल्डर को खरीदार को 90 दिन में बकाया एश्योर्ड रिटर्न (एआर) का भुगतान करने और 60 दिन में यूनिट का कब्जा सौंपने और कन्वेयंस डीड पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
मामला सुमन लता बनाम नियो डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने परियोजना में एक कॉमर्शियल यूनिट बुक की थी और बड़ी राशि जमा करने के बावजूद बिल्डर ने उसकी यूनिट रद्द कर दी। उसने हरेरा से कैंसलेशन रद्द करने और बिल्डर को खरीदार समझौते एवं एमओयू की शर्तों का पालन कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अथॉरिटी ने पाया कि शिकायतकर्ता ने यूनिट की बेसिक सेल प्राइस 75 लाख रुपये के मुकाबले 84 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया था। ऐसे में यूनिट का कैंसलेशन उचित नहीं था और इसे अमान्य घोषित किया गया।
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1,08,615 रुपये प्रतिमाह की दर से करना होगा एश्योर्ड रिटर्न का भुगतान
हरेरा ने नियो डेवलपर्स को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 10 अक्तूबर 2020 से लेकर यूनिट के वैध कब्जे की पेशकश तक 1,08,615 रुपये प्रतिमाह की दर से एश्योर्ड रिटर्न का भुगतान करे। पहले से दिए गए एश्योर्ड रिटर्न की राशि इसमें समायोजित की जाएगी। साथ ही आदेश की तारीख से 90 दिनों के भीतर बकाया एश्योर्ड रिटर्न का भुगतान भी सुनिश्चित करना होगा। अथॉरिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिल्डर खरीदार से ऐसी कोई राशि नहीं वसूल सकता जो एमओयू या बायर एग्रीमेंट का हिस्सा नहीं है। आदेश में कहा गया कि लेबर सेस की वसूली भी नहीं की जा सकती, क्योंकि इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुका है। हरेरा ने प्रमोटर को निर्देश दिया कि बकाया राशि (यदि कोई हो) के भुगतान के बाद 60 दिनों के भीतर खरीदार को यूनिट का कब्जा सौंपा जाए। साथ ही आदेश की तारीख से तीन महीने के भीतर कन्वेयंस डीड भी पूरी कराई जाए।
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