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Gurugram News: 883 बेड के टीचिंग हॉस्पिटल के संचालन एवं रखरखाव के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए
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जीएमडीए के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अधिकारियों और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के साथ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-102ए स्थित श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने पहले ही टेंडर जारी कर दिए हैं। अब प्री-बिड बैठक की तैयारियां की जा रही हैं।
प्री-बिड प्रक्रिया की समीक्षा के लिए जीएमडीए के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने अधिकारियों और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के साथ सोमवार को बैठक की। बैठक में टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी तैयारियों और प्री-बिड से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को परियोजना को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
परियोजना के तहत 150 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज और 883 बेड के टीचिंग हॉस्पिटल के संचालन एवं रखरखाव के लिए प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किए हैं। मेडिकल कॉलेज की 150 सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें हरियाणा के मूल निवासी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। चयनित एजेंसी को 33 वर्ष के लिए परियोजना का संचालन और रखरखाव सौंपा जा सकता है। एजेंसी को मल्टी सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, नर्सिंग कॉलेज, पैरामेडिकल संस्थान, इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर जैसी अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने की भी अनुमति होगी। करीब 30.08 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण पर लगभग 830 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-102ए स्थित श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने पहले ही टेंडर जारी कर दिए हैं। अब प्री-बिड बैठक की तैयारियां की जा रही हैं।
प्री-बिड प्रक्रिया की समीक्षा के लिए जीएमडीए के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने अधिकारियों और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के साथ सोमवार को बैठक की। बैठक में टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी तैयारियों और प्री-बिड से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को परियोजना को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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परियोजना के तहत 150 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज और 883 बेड के टीचिंग हॉस्पिटल के संचालन एवं रखरखाव के लिए प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किए हैं। मेडिकल कॉलेज की 150 सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें हरियाणा के मूल निवासी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। चयनित एजेंसी को 33 वर्ष के लिए परियोजना का संचालन और रखरखाव सौंपा जा सकता है। एजेंसी को मल्टी सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, नर्सिंग कॉलेज, पैरामेडिकल संस्थान, इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर जैसी अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने की भी अनुमति होगी। करीब 30.08 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण पर लगभग 830 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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