{"_id":"688a60a92ae827dcc30d6ffc","slug":"property-shock-to-buyers-proposed-increase-in-collector-rate-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-63537-2025-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: संपत्ति खरीदारों को झटका...कलेक्टर रेट में वृद्धि प्रस्तावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: संपत्ति खरीदारों को झटका...कलेक्टर रेट में वृद्धि प्रस्तावित
विज्ञापन
साइबर सिटी होगी और महंगी, कलेक्टर रेट 145 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी
प्रशासन ने gurugram.gov.in पर अपलोड की प्रस्तावित दरें, 31 जुलाई तक दे सुझाव या आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में लोगों को आशियाना लेना और महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन गुरुग्राम तहसील के बजघेड़ा में सबसे 145 फीसदी तक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अन्य तहसीलों में भी एक से लेकर 50 फीसदी तक बढ़ाने की योजना है। प्रस्तावित कलेक्टर रेट की तहसीलवार सूची जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड हैं। लोगों से 31 जुलाई तक प्रस्तावित दरों पर आपत्तियां मांगी गई हैं।
जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित नए कलेक्टर रेट डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर डाले गए हैं। दावे व आपत्तियों को सुनने के बाद प्रशासन की तरफ से कलेक्टर रेट सरकार के पास भेजे जाएंगे। बुधवार से प्रस्तावित कलेक्टर रेट की जानकारी आमजन के लिए वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है। प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि शहर में वैसे ही प्रॉपर्टी महंगी है और कलेक्टर रेट बढ़ने से लोगों पर अतिरिक्त भार बढ़ेगा। उनका कहना है कि गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की मांग लगातार बनी हुई है। ऐसे में कॉलोनियों, सेक्टरों और लाइसेंस कॉलोनियों में रेट बढ़ाने प्रॉपर्टी महंगी होगी। इसका असर आम लोगों पर पड़ेगा।
गुरुग्राम तहसील में सबसे अधिक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव
प्रस्तावित कलेक्टर रेट के अनुसार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गुरुग्राम तहसील के अंतर्गत बजघेड़ा में होगी। यहां मास्टर प्लान के अनुसार खाली पड़ी कृषि योग्य भूमि, जिसे विभिन्न उपयोग में लिया जा सकता है, जिसका रेट 145 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। यहां पहले कलेक्टर रेट 2.03 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया जा रहा है। वहीं, कृषि योग्य (चाही) भूमि के दाम भी 51 प्रतिशत बढ़ाने का है। ऐसे में 3.31 करोड़ प्रति एकड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ हो जाएगा। कृषि योग्य (गैर मुमकिन) भूमि के दाम भी 37 प्रतिशत बढ़ेगा। बजघेड़ा में रिहायशी जमीन के दामों को 50 प्रतिशत तक करने का है जोकि 20 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज किया जा सकता है।
विज्ञापन
गुड़गांव गांव के एनएच व एनपीआर में आवासीय एरिया 77 फीसदी बढ़ोतरी करने की तैयारी है। कार्टरपुरी में 30 फीसदी, सिविल लाइंस से जेल रोड पर 77,100 से 1,00,000 वर्ग यानि 29 फीसदी बढ़ाने की तैयारी है। जबकि इसी रोड पर कमर्शियल में 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। प्रेम नगर भूतेश्वर मंदिर आवासीय में नौ और कमर्शियल में 28 फीसदी की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है।
सेक्टर-7 एक्सटेंशन कृष्णा कॉलोनी में आवासीय में 10 और कमर्शियल में एक फीसदी बढ़ाने की तैयारी है। एनपीआर से सटे चौमा गांव में आवासीय और गैरमुमकिन कृषि का 40-40 फीसदी रेट बढ़ाने की योजना है। मास्टर प्लान के अनुसार, कृषि खुली जगह सार्वजनिक उपयोगिता प्रति एकड़ 83 फीसदी करने का प्रस्ताव है। वहीं, सिरहोल में 108 फीसदी करने का प्रस्ताव। चक्करपुर सरस्वती विहार का रेट नहीं बढ़ाया जाएगा। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सेक्टर-104 से 106, 109 से 115 एलआईसी कॉलोनी के आवासीय में 62 फीसदी वर्ग गज बढ़ेगा यानि 40 हजार वर्ग गज से 65 हजार वर्ग गज हो जाएगा। सेक्टर-28 में रिहायशी 50 प्रतिशत बढ़ाने का है। गांव मोलाहेड़ा में रिहायशी जमीन के कलेक्टर रेट 60 प्रतिशत व शाहपुर में 50 प्रतिशत है।
-- -- -- -- --
अन्य जगहों के प्रस्तावित रेट
उप तहसील बादशाहपुर तहसील के अंतर्गत नौ से 37 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाने की योजना है। मैदावास गांव में आवासीय क्षेत्र में 37 फीसदी तक बढ़ाने की योजना है जोकि 25500 वर्ग गज से बढ़कर 35 हजार रुपये वर्ग गज हो जाएगा फर्रुखनगर तहसील में अधिकतम 32 फीसदी तक करने का प्रस्ताव है। जबकि, लाइसेंसी कॉलोनी में 32 फीसदी करने का है, यहां पर 33 हजार से बढ़कर 43,600 रुपये वर्ग गज का प्रस्ताव है। वजीराबाद तहसील सबसे अधिक सेक्टर-58 में 50 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। यहां 54 हजार से 81 हजार वर्ग गज रेट हो जाएगा। सोहना में अधिकतम 25 प्रतिशत, मानेसर में 20 प्रतिशत, पटौदी में अधिकतम 20 प्रतिशत, कादीपुर एरिया में अधिकतम 45 प्रतिशत और हरसरू उप तहसील के अंतर्गत अधिकतम 22 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है।
-- -- -- -- -- -- --
प्रॉपर्टी का कारोबार प्रभावित होगा
प्रॉपर्टी सलाहकार वीकेएम सिंह का कहना है कि जिले में पहले से ही कलेक्टर रेट ज्यादा है। ज्यादा बढ़ाने से प्रॉपर्टी कारोबार प्रभावित होगा। उनका कहना है कि इससे आम लोगों को साइबर सिटी में घर बनाना और महंगा जाएगा। शहर का विकास बादशाहपुर, सोहना, पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र में ज्यादा हो रहा है। इन क्षेत्रों में कई कंपनियों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में फ्लैट या प्लॉट लेने वालों पर बोझ और बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
प्रशासन ने gurugram.gov.in पर अपलोड की प्रस्तावित दरें, 31 जुलाई तक दे सुझाव या आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में लोगों को आशियाना लेना और महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन गुरुग्राम तहसील के बजघेड़ा में सबसे 145 फीसदी तक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अन्य तहसीलों में भी एक से लेकर 50 फीसदी तक बढ़ाने की योजना है। प्रस्तावित कलेक्टर रेट की तहसीलवार सूची जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड हैं। लोगों से 31 जुलाई तक प्रस्तावित दरों पर आपत्तियां मांगी गई हैं।
जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित नए कलेक्टर रेट डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर डाले गए हैं। दावे व आपत्तियों को सुनने के बाद प्रशासन की तरफ से कलेक्टर रेट सरकार के पास भेजे जाएंगे। बुधवार से प्रस्तावित कलेक्टर रेट की जानकारी आमजन के लिए वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है। प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि शहर में वैसे ही प्रॉपर्टी महंगी है और कलेक्टर रेट बढ़ने से लोगों पर अतिरिक्त भार बढ़ेगा। उनका कहना है कि गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की मांग लगातार बनी हुई है। ऐसे में कॉलोनियों, सेक्टरों और लाइसेंस कॉलोनियों में रेट बढ़ाने प्रॉपर्टी महंगी होगी। इसका असर आम लोगों पर पड़ेगा।
विज्ञापन
गुरुग्राम तहसील में सबसे अधिक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव
प्रस्तावित कलेक्टर रेट के अनुसार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गुरुग्राम तहसील के अंतर्गत बजघेड़ा में होगी। यहां मास्टर प्लान के अनुसार खाली पड़ी कृषि योग्य भूमि, जिसे विभिन्न उपयोग में लिया जा सकता है, जिसका रेट 145 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। यहां पहले कलेक्टर रेट 2.03 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया जा रहा है। वहीं, कृषि योग्य (चाही) भूमि के दाम भी 51 प्रतिशत बढ़ाने का है। ऐसे में 3.31 करोड़ प्रति एकड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ हो जाएगा। कृषि योग्य (गैर मुमकिन) भूमि के दाम भी 37 प्रतिशत बढ़ेगा। बजघेड़ा में रिहायशी जमीन के दामों को 50 प्रतिशत तक करने का है जोकि 20 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज किया जा सकता है।
विज्ञापन
गुड़गांव गांव के एनएच व एनपीआर में आवासीय एरिया 77 फीसदी बढ़ोतरी करने की तैयारी है। कार्टरपुरी में 30 फीसदी, सिविल लाइंस से जेल रोड पर 77,100 से 1,00,000 वर्ग यानि 29 फीसदी बढ़ाने की तैयारी है। जबकि इसी रोड पर कमर्शियल में 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। प्रेम नगर भूतेश्वर मंदिर आवासीय में नौ और कमर्शियल में 28 फीसदी की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है।
सेक्टर-7 एक्सटेंशन कृष्णा कॉलोनी में आवासीय में 10 और कमर्शियल में एक फीसदी बढ़ाने की तैयारी है। एनपीआर से सटे चौमा गांव में आवासीय और गैरमुमकिन कृषि का 40-40 फीसदी रेट बढ़ाने की योजना है। मास्टर प्लान के अनुसार, कृषि खुली जगह सार्वजनिक उपयोगिता प्रति एकड़ 83 फीसदी करने का प्रस्ताव है। वहीं, सिरहोल में 108 फीसदी करने का प्रस्ताव। चक्करपुर सरस्वती विहार का रेट नहीं बढ़ाया जाएगा। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सेक्टर-104 से 106, 109 से 115 एलआईसी कॉलोनी के आवासीय में 62 फीसदी वर्ग गज बढ़ेगा यानि 40 हजार वर्ग गज से 65 हजार वर्ग गज हो जाएगा। सेक्टर-28 में रिहायशी 50 प्रतिशत बढ़ाने का है। गांव मोलाहेड़ा में रिहायशी जमीन के कलेक्टर रेट 60 प्रतिशत व शाहपुर में 50 प्रतिशत है।
अन्य जगहों के प्रस्तावित रेट
उप तहसील बादशाहपुर तहसील के अंतर्गत नौ से 37 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाने की योजना है। मैदावास गांव में आवासीय क्षेत्र में 37 फीसदी तक बढ़ाने की योजना है जोकि 25500 वर्ग गज से बढ़कर 35 हजार रुपये वर्ग गज हो जाएगा फर्रुखनगर तहसील में अधिकतम 32 फीसदी तक करने का प्रस्ताव है। जबकि, लाइसेंसी कॉलोनी में 32 फीसदी करने का है, यहां पर 33 हजार से बढ़कर 43,600 रुपये वर्ग गज का प्रस्ताव है। वजीराबाद तहसील सबसे अधिक सेक्टर-58 में 50 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। यहां 54 हजार से 81 हजार वर्ग गज रेट हो जाएगा। सोहना में अधिकतम 25 प्रतिशत, मानेसर में 20 प्रतिशत, पटौदी में अधिकतम 20 प्रतिशत, कादीपुर एरिया में अधिकतम 45 प्रतिशत और हरसरू उप तहसील के अंतर्गत अधिकतम 22 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है।
प्रॉपर्टी का कारोबार प्रभावित होगा
प्रॉपर्टी सलाहकार वीकेएम सिंह का कहना है कि जिले में पहले से ही कलेक्टर रेट ज्यादा है। ज्यादा बढ़ाने से प्रॉपर्टी कारोबार प्रभावित होगा। उनका कहना है कि इससे आम लोगों को साइबर सिटी में घर बनाना और महंगा जाएगा। शहर का विकास बादशाहपुर, सोहना, पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र में ज्यादा हो रहा है। इन क्षेत्रों में कई कंपनियों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में फ्लैट या प्लॉट लेने वालों पर बोझ और बढ़ जाएगा।