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Gurugram News: बकरीद पर देश के विकास और अमन के लिए मांगी दुआ
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ईद-उल-अजहा पर मस्जिदों व ईदगाहों में अदा की गई नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कुर्बानी का प्रतीक बकरीद (ईद-उल-अजहा) का पर्व शनिवार को गुरुग्राम के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।
शहर की जामा मस्जिद, राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ईदगाह, सेक्टर 57 अंजुमन मस्जिद, सराय अलावर्दी, चौमा, सेक्टर 29 स्थित लेजर वैली ग्राउंड में नमाजियों की काफी भीड़ रही। मस्जिदों में नमाज के दौरान देश के विकास, मजबूती, सभी समुदायों में एकता व अमन-चैन के लिए दुआएं की गईं। सोहना चौक स्थित जामा मस्जिद में सुबह 8:30 बजे, राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ईदगाह पर सुबह सात बजे तथा आठ बजे, लेजर वैली में तीन बार व अंजुमन मस्जिद में अल सुबह 5:45 बजे, 6:30 बजे, 7:15 बजे, 8:00 बजे तथा 8:30 बजे सहित पांच बार नमाज अदा की गई।
नमाज अदा करने के साथ ही लोगों ने बकरीद पर एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। बच्चे भी गले लगकर ईद की मुबारकबाद कहते नजर आए। अन्य समुदाय के लोगों ने भी मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। जिला प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिदों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो सके।
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त्याग, बलिदान और भाईचारे का पर्व
गुरुग्राम इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल हसीब कासमी ने कहा कि ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद के रूप में भी जाना जाता है, यह त्याग, बलिदान, और भाईचारे का पवित्र पर्व है। यह पर्व हजरत इब्राहिम के सर्वोच्च बलिदान की भावना को याद करता है, जिन्होंने अल्लाह के प्रति अपनी अटूट आस्था और समर्पण का परिचय दिया। ईद-उल-अजहा सभी को त्याग, करुणा, और एकता की भावना को अपनाने का संदेश देती है। उधर जामा मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद तथा अंजुमन मस्जिद के चेयरमैन असलम खान ने कहा कि जरूरतमंदों के साथ संसाधनों को बांटना और उनकी मदद करना इस पर्व का मूल उद्देश्य है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कुर्बानी का प्रतीक बकरीद (ईद-उल-अजहा) का पर्व शनिवार को गुरुग्राम के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।
शहर की जामा मस्जिद, राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ईदगाह, सेक्टर 57 अंजुमन मस्जिद, सराय अलावर्दी, चौमा, सेक्टर 29 स्थित लेजर वैली ग्राउंड में नमाजियों की काफी भीड़ रही। मस्जिदों में नमाज के दौरान देश के विकास, मजबूती, सभी समुदायों में एकता व अमन-चैन के लिए दुआएं की गईं। सोहना चौक स्थित जामा मस्जिद में सुबह 8:30 बजे, राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ईदगाह पर सुबह सात बजे तथा आठ बजे, लेजर वैली में तीन बार व अंजुमन मस्जिद में अल सुबह 5:45 बजे, 6:30 बजे, 7:15 बजे, 8:00 बजे तथा 8:30 बजे सहित पांच बार नमाज अदा की गई।
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नमाज अदा करने के साथ ही लोगों ने बकरीद पर एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। बच्चे भी गले लगकर ईद की मुबारकबाद कहते नजर आए। अन्य समुदाय के लोगों ने भी मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। जिला प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिदों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो सके।
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त्याग, बलिदान और भाईचारे का पर्व
गुरुग्राम इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल हसीब कासमी ने कहा कि ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद के रूप में भी जाना जाता है, यह त्याग, बलिदान, और भाईचारे का पवित्र पर्व है। यह पर्व हजरत इब्राहिम के सर्वोच्च बलिदान की भावना को याद करता है, जिन्होंने अल्लाह के प्रति अपनी अटूट आस्था और समर्पण का परिचय दिया। ईद-उल-अजहा सभी को त्याग, करुणा, और एकता की भावना को अपनाने का संदेश देती है। उधर जामा मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद तथा अंजुमन मस्जिद के चेयरमैन असलम खान ने कहा कि जरूरतमंदों के साथ संसाधनों को बांटना और उनकी मदद करना इस पर्व का मूल उद्देश्य है।