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Gurugram News: पाइपलाइन परियोजना बनी मुसीबत
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टूटी हुई सड़कों से परेशान लोग।
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-पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को जगह-जगह से खोदकर छोड़ा
-टूटी सड़कें और खुले गड्ढों ने छीना शहर के लोगों का सुकून
पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। शहर के लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा देने के लिए शुरू की गई करीब 17 करोड़ रुपये की रेनीवेल पाइपलाइन परियोजना अब शहरवासियों के लिए भारी मुसीबत बन गई है। शहर की सड़कों को पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे शहर की करीब 50 हजार की आबादी में अव्यवस्था और खतरे का माहौल बना हुआ है। ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण टूटी सड़कें, धूल-मिट्टी और खुले गड्ढे अब रोजाना हादसों को न्योता दे रहे हैं।
शहर के वार्ड नंबर-9 स्थित सैनी मोहल्ला, वार्ड नंबर-10 दयाल धर्मशाला क्षेत्र, वार्ड नंबर-11 गुर्जर मोहल्ला और ओल्ड डीएसपी ऑफिस के सामने की सड़कें बुरी तरह तोड़ दी गई हैं। इन इलाकों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि स्थानीय लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसल रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग लंबे समय तक आंखें मूंदे बैठा रहा। धूल और मिट्टी के कारण आसपास के दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। दरअसल, शहर में करीब 30 साल पहले बिछाई गई पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी थी, जिसके चलते लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। लंबे समय से नई पाइपलाइन की मांग उठ रही थी। लोगों को उम्मीद थी कि नई परियोजना से पानी की समस्या दूर होगी, लेकिन अब यही योजना शहरवासियों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गई है।
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लोगों का आरोप है कि ठेकेदार बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के काम कर रहा है। कई स्थानों पर खुदाई के बाद न तो सड़कें ठीक की गईं और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। रात के समय अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। मामले ने जब तूल पकड़ा और लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा तो विभागीय अधिकारी भी हरकत में आए। समस्या का जायजा लेने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सूबे सिंह अधिकारियों की टीम के साथ मैदान में उतरे। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मनीष भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों की शिकायतें सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
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सड़कें टूटने से बाजार की हालत खराब हो गई है। ग्राहक दुकानों तक आने से बच रहे हैं। कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- गौरव जैन, नगर पार्षद।
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हर दिन डर के साए में निकलना पड़ता है। बच्चे स्कूल जाते हैं तो चिंता बनी रहती है कि कहीं गड्ढे में गिर न जाएं।
- राहुल जैन, हिंदी सलाहकार समिति सदस्य।
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टूटी सड़कों ने रोजी-रोटी तक प्रभावित कर दी है। वाहन खराब हो रहे हैं और हादसों का खतरा हर वक्त बना रहता है।
- राजकुमार चूटानी, श्री रामलीला कमेटी अध्यक्ष।
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जनता को राहत देने वाली योजना ही अब लोगों के लिए आफत बन गई है। प्रशासन को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, वरना बड़ा हादसा हो सकता है।
- मनीष जैन, नगर पालिका अध्यक्ष।
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-टूटी सड़कें और खुले गड्ढों ने छीना शहर के लोगों का सुकून
पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। शहर के लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा देने के लिए शुरू की गई करीब 17 करोड़ रुपये की रेनीवेल पाइपलाइन परियोजना अब शहरवासियों के लिए भारी मुसीबत बन गई है। शहर की सड़कों को पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे शहर की करीब 50 हजार की आबादी में अव्यवस्था और खतरे का माहौल बना हुआ है। ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण टूटी सड़कें, धूल-मिट्टी और खुले गड्ढे अब रोजाना हादसों को न्योता दे रहे हैं।
शहर के वार्ड नंबर-9 स्थित सैनी मोहल्ला, वार्ड नंबर-10 दयाल धर्मशाला क्षेत्र, वार्ड नंबर-11 गुर्जर मोहल्ला और ओल्ड डीएसपी ऑफिस के सामने की सड़कें बुरी तरह तोड़ दी गई हैं। इन इलाकों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि स्थानीय लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसल रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग लंबे समय तक आंखें मूंदे बैठा रहा। धूल और मिट्टी के कारण आसपास के दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। दरअसल, शहर में करीब 30 साल पहले बिछाई गई पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी थी, जिसके चलते लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। लंबे समय से नई पाइपलाइन की मांग उठ रही थी। लोगों को उम्मीद थी कि नई परियोजना से पानी की समस्या दूर होगी, लेकिन अब यही योजना शहरवासियों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गई है।
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लोगों का आरोप है कि ठेकेदार बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के काम कर रहा है। कई स्थानों पर खुदाई के बाद न तो सड़कें ठीक की गईं और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। रात के समय अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। मामले ने जब तूल पकड़ा और लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा तो विभागीय अधिकारी भी हरकत में आए। समस्या का जायजा लेने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सूबे सिंह अधिकारियों की टीम के साथ मैदान में उतरे। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मनीष भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों की शिकायतें सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
सड़कें टूटने से बाजार की हालत खराब हो गई है। ग्राहक दुकानों तक आने से बच रहे हैं। कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- गौरव जैन, नगर पार्षद।
हर दिन डर के साए में निकलना पड़ता है। बच्चे स्कूल जाते हैं तो चिंता बनी रहती है कि कहीं गड्ढे में गिर न जाएं।
- राहुल जैन, हिंदी सलाहकार समिति सदस्य।
टूटी सड़कों ने रोजी-रोटी तक प्रभावित कर दी है। वाहन खराब हो रहे हैं और हादसों का खतरा हर वक्त बना रहता है।
- राजकुमार चूटानी, श्री रामलीला कमेटी अध्यक्ष।
जनता को राहत देने वाली योजना ही अब लोगों के लिए आफत बन गई है। प्रशासन को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, वरना बड़ा हादसा हो सकता है।
- मनीष जैन, नगर पालिका अध्यक्ष।