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Gurugram News: विधायक धर्म सिंह छोक्कर और बेटे विकास को भगोड़ा घोषित करने याचिका की खारिज
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ईडी की तरफ से पेश अधिवक्ता ने अदालत में दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की याचिका दायर की थी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। माहिरा होम्स के अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी विकसित करने में निवेशकों के पैसों का निजी इस्तेमाल व मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी पानीपत के समालखा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोक्कर और विधायक बेटे विकास की भगोड़ा घोषित करने की याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। यह याचिका ईडी के वकील की तरफ से अदालत में दायर की गयी थी। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष मेहला की अदालत में चल रही है।
दरअसल, माहिरा होम्स के गुरुग्राम के अलग-अलग सेक्टर में अफोर्डेबल प्रोजेक्ट है, जिसमें सैकड़ों निवेशकों ने करोड़ो रुपये निवेश किया था। माहिरा होम्स ने सारा पैसा रेरा अकाउंट में जमा करवाया और इसके बाद माहिरा होम्स ने फर्जीवाड़ा करते हुए प्रोजेक्ट के रेरा अकाउंट से नियमों के खिलाफ जाकर पैसा निजी अकाउंट में ट्रांसफर करवाया था। माहिरा होम्स प्रोजेक्ट्स के लांच हुए कम से कम चार से छह साल हो चुके हैं। इनमें से सेक्टर-68 वाले प्रोजेक्ट को लांच हुए करीब सात साल बीतने जा रहे हैं। लेकिन अभी तक मौके पर 75 प्रतिशत ही कार्य पूरा हुआ है। इसी प्रकार से अन्य प्रोजेक्ट पर तो निर्माण कार्य शून्य के बराबर है।
आरोप है कि, माहिरा होम्स द्वारा दस एकड़ में सेक्टर-68 स्थित प्रोजेक्ट में 1500 आवंटियों से करीब 360 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, लेकिन कंपनी आवंटियों को उनके फ्लैट का पजेशन देने में फेल साबित हुई। इस मामले में सिकंदर छोक्कर को प्रवर्तन निदेशालय ने 30 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इस मामले में माहिरा होम्स के निदेशक सिकंदर छोक्कर न्यायिक हिरासत में हैं। सिकंदर छोक्कर की इस मामले की पिछली सुनवाई में 14 दिन की न्यायिक हिरासत अदालत ने बढ़ दी थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। माहिरा होम्स के अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी विकसित करने में निवेशकों के पैसों का निजी इस्तेमाल व मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी पानीपत के समालखा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोक्कर और विधायक बेटे विकास की भगोड़ा घोषित करने की याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। यह याचिका ईडी के वकील की तरफ से अदालत में दायर की गयी थी। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष मेहला की अदालत में चल रही है।
दरअसल, माहिरा होम्स के गुरुग्राम के अलग-अलग सेक्टर में अफोर्डेबल प्रोजेक्ट है, जिसमें सैकड़ों निवेशकों ने करोड़ो रुपये निवेश किया था। माहिरा होम्स ने सारा पैसा रेरा अकाउंट में जमा करवाया और इसके बाद माहिरा होम्स ने फर्जीवाड़ा करते हुए प्रोजेक्ट के रेरा अकाउंट से नियमों के खिलाफ जाकर पैसा निजी अकाउंट में ट्रांसफर करवाया था। माहिरा होम्स प्रोजेक्ट्स के लांच हुए कम से कम चार से छह साल हो चुके हैं। इनमें से सेक्टर-68 वाले प्रोजेक्ट को लांच हुए करीब सात साल बीतने जा रहे हैं। लेकिन अभी तक मौके पर 75 प्रतिशत ही कार्य पूरा हुआ है। इसी प्रकार से अन्य प्रोजेक्ट पर तो निर्माण कार्य शून्य के बराबर है।
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आरोप है कि, माहिरा होम्स द्वारा दस एकड़ में सेक्टर-68 स्थित प्रोजेक्ट में 1500 आवंटियों से करीब 360 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, लेकिन कंपनी आवंटियों को उनके फ्लैट का पजेशन देने में फेल साबित हुई। इस मामले में सिकंदर छोक्कर को प्रवर्तन निदेशालय ने 30 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इस मामले में माहिरा होम्स के निदेशक सिकंदर छोक्कर न्यायिक हिरासत में हैं। सिकंदर छोक्कर की इस मामले की पिछली सुनवाई में 14 दिन की न्यायिक हिरासत अदालत ने बढ़ दी थी।
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