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Gurugram News: चिंटेल्स के असुरक्षित टावरों की फेजिंग नियमावली पर लोगाें में नाराजगी

Sat, 30 Nov 2024 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2024 10:57 PM IST
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People angry over phasing rules of Chintel's unsafe towers
लोगों का कहना है कि बिल्डर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार कार्य करें
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित टावरों को फेजिंग नियमावली के तहत विभाजित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बिल्डर ने नगर योजनाकार विभाग चंडीगढ़ में आवेदन दिया गया है। फेजिंग और आवंटियों की सहमति संबंधी नियम पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार किया जाए। फेजिंग संबंधी कार्य से निर्माण में देरी होगी। दूसरा प्लॉट या फ्लैट्स की मूल योजना प्रभावित होती है, तो डेवलपर्स को दो-तिहाई आवंटियों की सहमति लेनी होगी। जबकि, उनका कहना है कि सभी की राय जरूरी होनी चाहिए।
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने कहा कि नौ टावरों से छह टावर असुरक्षित घोषित किए गए हैं। इन टावरों में डी, ई, एफ, जी,जे और एच को तोड़ा जाना है। उनका कहना है कि बिल्डर परियोजना को देर करने की नीयत से ऐसा कर रहा है। उनका कहना है कि सोसाइटी के निर्माण कार्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए। पुरानी परियोजना में अनावश्यक कागजी कार्रवाई से परियोजना में देरी होगी।
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बता दें कि नई नीति लाइसेंस प्राप्त कालोनियों को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने और लेआउट या बिल्डिंग प्लान में संशोधन के लिए आवंटियों की सहमति प्राप्त करना होता है। यदि काॅलोनी के लेआउट प्लान या बिल्डिंग प्लान में ऐसा कोई संशोधन किया जाता है, जिससे मौजूदा आवंटियों के बुक किए गए प्लाट या फ्लैट्स की मूल योजना प्रभावित होती है, तो डेवलपर्स को दो-तिहाई आवंटियों की सहमति लेनी होगी। चिंटेल्स में फेजिंग का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो टावर जिस फेजिंग में आएगा। यदि लेआउट प्लान में कोई संशोधन प्रस्तावित किया जाता है तो केवल उन्हीं टावरों के दो-तिहाई आवंटियों से सहमति लेनी होगी न कि पूरे प्रोजेक्ट के सभी टावरों के आवंटियों से। स्थानीय लोगों को आवंटियों से सहमति के मामले में भी असंतोष है। उनका कहना है कि इसमें पूरे सोसाइटी के लोगों की राय होनी चाहिए।
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चिंटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि नगर योजनाकार विभाग को फेजिंग करने के लिए आवेदन किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। डीटीपीई मनीष यादव ने बताया कि बिल्डर ने चंडीगढ़ कार्यालय में आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि तय कानून के तहत कार्य होंगे। बता दें कि चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावर डी में 10 फरवरी 2022 में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। आईआईटी दिल्ली की टीम को टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में डी, ई, एफ, जी, एच व जे को असुरक्षित घोषित किया गया है। बिल्डर ने मार्च में ए, बी, सी टावर का मेसर्स सीएसआईआर-सीबीआरआई से संरचनात्क ऑडिट कराया था। कंपनी ने रिपोर्ट में टावर ए व सी अनसेफ हैं। अभी बी टावर की रिपोर्ट नहीं आई है।
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