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Gurugram News: लंबित शिकायतों के समाधान में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

Sat, 10 Oct 2026 12:53 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:53 AM IST
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Officials will be held accountable for delays in resolving pending complaints.
डीसी ने विभिन्न माध्यमों से मिली शिकायतों की समीक्षा कर दिए निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले में लंबित शिकायतों का समय पर समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। शिकायतों को केवल पोर्टल पर निपटाने के बजाय उनका वास्तविक समाधान करना होगा। डीसी उत्तम सिंह ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में विभिन्न माध्यमों से मिली शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक विभाग लंबित मामलों की नियमित निगरानी करे।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ बैठक कर शिकायतों के समाधान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और शिकायतकर्ताओं को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम विंडो, सीएम जन संवाद, सीपीग्राम्स और समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों के निपटारे पर जोर दिया गया।
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दोबारा खुली शिकायतों की होगी जांच
डीसी ने कहा कि जिन शिकायतों को दोबारा खोला गया है, उनकी गंभीरता से समीक्षा की जाए। अधिकारी यह पता लगाएं कि शिकायत दोबारा क्यों खुली और पहले की कार्रवाई में क्या कमी रह गई थी। कमियों को दूर कर शिकायत का उचित समाधान किया जाए। यदि कोई शिकायत एक से अधिक विभागों से जुड़ी है तो संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल से उसका निपटारा करें। साथ ही शिकायतकर्ता को कार्रवाई और शिकायत की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी जाए।
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कार्रवाई रिपोर्ट में दर्ज करना होगा पूरा ब्योरा
डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) में वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए। रिपोर्ट में कार्रवाई से जुड़े तथ्य, जरूरी दस्तावेज और सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं बनाई जाए, बल्कि उसमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि शिकायत के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए और उसका क्या परिणाम निकला।

समाधान शिविरों में सुनवाई नहीं होनी चाहिए प्रभावित
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविरों में शिकायतों की सुनवाई नियमित रूप से जारी रहे। यदि एसडीएम अवकाश पर हों या किसी बैठक के लिए बाहर जा रहे हों, तो वे पहले से किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की लिखित रूप में ड्यूटी निर्धारित करें। इससे शिविर में आने वाले लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बैठक में एडीसी सोनू भट्ट, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, एसडीएम मानेसर लोकेश यादव, सीटीएम ज्योति नागपाल, संयुक्त आयुक्त सपना यादव, डीआरओ विजय यादव और एसीपी मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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