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अस्पतालों को नहीं बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की परवाह, खुले में डाला जा रहा कचरा

Fri, 03 Sep 2021 11:23 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 11:23 PM IST
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Negligence: Hospitals do not care about biomedical waste management
गुुरुग्राम (पंकज मोहन मिश्रा)। जिले के निजी अस्पतालों, क्लीनिक व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संस्थाओं को बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की कोई परवाह नहीं है। स्थिति यह है कि सामान्य कचरे की तरह खुले में ही बायोमेडिकल वेस्ट डाला जा रहा है, जिसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। हालात यह है कि सिर्फ गुुरुग्राम शहर में ही 36 अस्पताल व क्लीनिक ऐसे हैं, जिन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) से अब तक बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की मंजूरी के संबंध में एनओसी नहीं ली है। ऐसे में इनका कचरा कहां जा रहा है, यह कोई नहीं जानता।
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एचएसपीसीबी सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन दर्जन से ज्यादा अस्पताल व क्लीनिक ऐसे हैं, जिनसे निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट सामान्य कूड़े के साथ जा रहा है। मानव स्वास्थ्य के लिए यह कितना हानिकारक है, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बारे में पूछने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गोलमोल जवाब देते नजर आते हैं।
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100 से ज्यादा अस्पतालों को दिए थे नोटिस
मालूम हो कि बायोमेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण न करने पर पिछले साल ही एचएसपीसीबी ने 100 से ज्यादा अस्पतालों व क्लीनिक को नोटिस जारी किये थे। इसमें से 36 अस्पताल व क्लीनिक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक एनओसी नहीं ली है। एचएसपीसीबी गुरुग्राम के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह के मुताबिक अस्पतालों से निकलने वाले कचरे का उचित निस्तारण अनिवार्य है। अनुमति लेने के लिए बाकायदा बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है।
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रोजाना निकलता है करीब 5 क्विंटल कूड़ा
एक अनुमान के मुताबिक, ज्ञात तौर पर शहर में छोटे बड़े करीब 200 अस्पताल व क्लीनिक हैं, जिसमें से रोजाना लगभग 5 क्विंटल से ज्यादा बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। एचएसपीसीबी के मुताबिक इसमें से तीन दर्जन अस्पतालों ने अब तक बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की अनुमति नहीं ली है। ऐसे में आशंका है कि इन अस्पतालों व क्लीनिक से निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट सामान्य कूड़े की तरह ही जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को भी पीडब्लूडी रेस्ट हाउस के सामने सामान्य कचरे के साथ में बायोमेडिकल वेस्ट का अंबार नजर आया, जिसमें उपयोग किए गए दस्तानों के साथ ही सिरिंज व अन्य मेडिकल से संबंधित वस्तुएं शामिल रहीं।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की अनुमति के लिए विभाग की साइट एचएसपीसीबी डॉट जोओवी डॉट इन पर आवेदन करना होता है। इसके लिए अस्पताल में चार रंगों के अलग-अलग बडे़ डस्टबिन रखने होंगे। इनमें लाल, नीला, पीला और काले रंग के होंगे। इनमें काले रंग के डस्टबीन में गारबेज वेस्ट, अन्य तीनों रंग के डस्टबिन में अलग-अलग प्रकार के बायोमेडिकल वेस्ट डालना होगा। इसके अलावा डेली लॉग बुक लगानी होगी। इसमें प्रतिदिन कितना कचरा उठाया है। यह दर्ज करके उठाने वाले के हस्ताक्षर कराने होंगे। इसकी सालाना रिपोर्ट बोर्ड में जमा करानी होगी।

शहर में 36 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की अनुमति नहीं ली है। इनको नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण करवाना हमारी प्रा थमिकता में शामिल हैं।
- कुलदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी एचएसपीसीबी
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