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Gurugram News: चौथी बार सजा राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला, 26 फरवरी तक आयोजन
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आमजन के लिए मेले में निशुल्क प्रवेश, 900 महिलाएं हस्तनिर्मित उत्पाद कर रहीं प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रामीण शिल्प, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण के अद्भुत संगम के रूप में राष्ट्रीय स्तर का सरस आजीविका मेला चौथी बार जिले में आयोजित किया गया है। यह मेला 10 से 26 फरवरी तक सेक्टर-29 स्थित लेजरवैली ग्राउंड में लगेगा। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आई स्वयं सहायता समूहों की करीब 900 महिलाएं 450 से अधिक स्टॉल के माध्यम से हस्तनिर्मित उत्पाद प्रस्तुत कर रही हैं। आमजन के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा और मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9.30 बजे तक खुला रहेगा।
सोमवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-एनआरएलएम के तहत देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं संगठित हैं और तीन करोड़ लखपति दीदी के लक्ष्य की ओर देश तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरस मेला केवल बिक्री का मंच नहीं, बल्कि कौशल विकास, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम है। डीसी अजय कुमार ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर ग्रामीण शिल्पकारों व महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रामीण शिल्प, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण के अद्भुत संगम के रूप में राष्ट्रीय स्तर का सरस आजीविका मेला चौथी बार जिले में आयोजित किया गया है। यह मेला 10 से 26 फरवरी तक सेक्टर-29 स्थित लेजरवैली ग्राउंड में लगेगा। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आई स्वयं सहायता समूहों की करीब 900 महिलाएं 450 से अधिक स्टॉल के माध्यम से हस्तनिर्मित उत्पाद प्रस्तुत कर रही हैं। आमजन के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा और मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9.30 बजे तक खुला रहेगा।
सोमवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-एनआरएलएम के तहत देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं संगठित हैं और तीन करोड़ लखपति दीदी के लक्ष्य की ओर देश तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरस मेला केवल बिक्री का मंच नहीं, बल्कि कौशल विकास, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम है। डीसी अजय कुमार ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर ग्रामीण शिल्पकारों व महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।
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