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Gurugram News: टपकती छत... पढ़ाई से पहले बारिश से बचना जरूरी

Tue, 26 Aug 2025 04:53 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 04:53 PM IST
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Leaking roof... It is important to avoid rain before studying
भीमनगर के स्कूल में बरामदे में लग रहीं कक्षाएं, बारिश से बचने को लगाया तिरपाल
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900 छात्राएं दो पाली में कर रहीं हैं पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। भीम नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीजीएसएसएस) की करीब 900 छात्राएं इस समय भारी अव्यवस्था के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय की इमारत का बड़ा हिस्सा दिसंबर 2024 में जर्जर घोषित कर गिरा दिया गया था। अब केवल छह कक्षाएं ही उपयोग में हैं, जिनमें से कुछ प्रयोगशाला के तौर पर काम आ रही हैं। ऐसे में छात्राओं को बरामदों और टीन के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सिर्फ इतना ही नहीं छात्राओं को पढ़ाई से पहले बारिश से बचना जरूरी हो गया है। छात्राओं को बरामदों में तिरपाल लगाकर बारिश से बचाया जा रहा है।

विद्यालय में दो पाली 900 छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती हैं। इनमें से पहली पाली में कक्षा 9 से 12 तक की लगभग 500 छात्राएं और दूसरी पाली में कक्षा 1 से 8 तक की 400 से अधिक छात्राएं पढ़ाई करती हैं। विद्यालय की प्राचार्य नीटू सिंह ने बताया कि कई बार बच्चों को खुले बरामदों में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। बरसात और तेज धूप से बचाने के लिए बरामदों में तिरपाल डाल दिए गए हैं। यह स्थिति न तो शिक्षा की गुणवत्ता के लिए उचित है और न ही बच्चों के स्वास्थ्य के लिए। तेज बारिश और धूप के दौरान छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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ऐसे कब तक चलेगा
कक्षा सात की छात्रा की मां कृष्णा यादव ने कहा कि बच्चे प्लास्टिक की चादर के नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं। सबसे अधिक परेशानी बारिश के समय में होती है। वहीं, रमेश कुमार ने कहा कि शिक्षक पूरी मेहनत कर रहे हैं लेकिन कब तक ऐसे चलेगा। बच्चों के लिए पक्के इमारत को होना कक्ष बनना बेहद जरूरी है। शिक्षक भी इस व्यवस्था को थकाऊ और अव्यवहारिक बता रहे हैं। उनका कहना है कि दो पालियों में पढ़ाना बेहद चुनौतीपूर्ण है और छात्राओं को उचित शैक्षिक माहौल नहीं मिल रहा।
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विद्यालय भवन के लिए मांग और व्यवहार्यता रिपोर्ट भेज दी गई है लेकिन वित्त विभाग से कक्षा एक से पांच तक के लिए ही बजट मिला है। टेंडर होते ही दशहरा के बाद विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - नीतू सिंह, प्रधानाचार्य, जीजीएसएसएस
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