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गुरुग्राम: 30 करोड़ की चोरी का मास्टरमाइंड गैंगस्टर विकास लगरपुरिया दुबई में गिरफ्तार, अब भारत लाने की तैयारी

Fri, 06 May 2022 05:30 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम Published by: सुशील कुमार Updated Fri, 06 May 2022 05:30 PM IST
सार

30 करोड़ रुपये चोरी के मामले में विकास लगरपुरिया आज इंटरपोल के हत्थे चढ़ गए। अब उसे भारत लाने की तैयारी हो रही है। क्राइम ब्रांच के एसीपी प्रीत पाल सिंह सांगवान ने कहा कि हमारी क्राइम यूनिट और एसटीएफ ने लगारपुरिया को प्रोडक्शन वारंट पर लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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interpol arrested Gangster vikas Lagarpuria  30 crore heist is Gurugram bring him back
विकास लगरपुरिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गैंगस्टर विकास लगरपुरिया फर्जी पासपोर्ट से दुबई में पकड़ा गया। उसने हरियाणा से फर्जी पासपोर्ट बनवा रखा था। आरोपी ने इस फर्जी पासपोर्ट से कई देशों की यात्रा की है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने विकास लगरपुरिया को भारत लाने के लिए इंटरपोल से संपर्क में है। दिल्ली पुलिस सूत्रों से पता लगा है कि स्पेशल सेल ने विकास लगरपुरिया की एलओसी खुलवा रखी थी। 

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इसी एलओसी से ही विकास लगरपुरिया दुबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है। गुरुग्राम में 30 करोड़ रुपये की चोरी का मास्टरमाइंड होने के कारण पुलिस उसके पीछे पड़ी हुई थी। पैरोल जंप करने के बाद सात वर्ष से विकास फरार चल रहा था। उसके खिलाफ मकोका समेत कई केस दर्ज हैं। कोर्ट ने कई केसों में उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है।
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दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम स्थित खेड़कीदौला थाना इलाके में 5 अगस्त, 2021 को 30 करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी की वारदात हुई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का एएसआई विकास गुलिया इस वारदात में शामिल पाया गया था। इसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ था कि इस हाई प्रोफाइल चोरी का मास्टरमाइंड गैंगस्टर विकास लगरपुरिया है। दोनों एक ही गांव के हैं और दोस्त हैं। पुलिस चोरी के इस केस में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये रकम अल्फाजी कार्प मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लि. कंपनी की थी। 
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कंपनी ने पहले सिर्फ 50 लाख रुपये की चोरी की बात कही गई थी। जांच में ये मामला 30 करोड़ का निकला था। स्पेशल सेल के पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास को भारत लाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्पेशल सेल केन्द्रीय गृहमंत्रालय के जरिए आरोपी को भारत लाने में जुटी हुई है। आरोपी ने हरियाणा से फर्जी पासपोर्ट बनवा रखा है। इसकी पासपोर्ट से वह दुबई भाग गया था।  

16 वर्ष की उम्र में जुर्म की दुनिया में उतर गया था
विकास लगरपुरिया कभी दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र हुआ करता था। जब विश्वविद्यालय को ड्रॉप आउट हुआ तब वो गैंगस्टर बनने की राह पर चल पड़ा। विकास हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ स्थित लगरपुर गांव का रहने वाला  है। जब वो गुनाह की दुनिया में मशहूर हुआ तब उसका नाम उसी के गांव पर विकास लगरपुरिया पड़ गया। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाला विकास रामलाल आनंद कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहा था पर ड्रॉप आउट होने के बाद उसका मन पढ़ाई से विचलित हो गया था।

धीरपाल के संपर्क में आकर अपराध की दुनिया में उतर गया
वर्ष 2009 में विकास की मुलाकात उसी के गांव से सटे एक अन्य गांव के रहने वाले धीरपाल काना से हुई। धीरपाल का उस वक्त अपने इलाके में अच्छा-खासा दबदबा था। धीरपाल से दोस्ती होने के बाद विकास धीरे-धीरे जुर्म की दुनिया में दस्तक देने लगा। कहा जाता है कि शुरुआती दिनों में वो छोटे-मोटे लड़ाई-झगड़ों, चोरी और धमकी देने जैसी वारदातों में शामिल था। लेकिन धीरपाल की संगत में वो जल्दी ही बड़े-बड़े गुनाहों को अंजाम देने लगा। धीरपाल के गैंग में विकास लगरपुरिया का खास स्थान बन गया। विकास ने वर्ष 2012 में धीरपाल से रंजिश होने के कारण टिंकू की उसके घर में घुसकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से लोग विकास लगरपुरिया के नाम से डरने लगे।  

हर बार पुलिस से बच निकलता था विकास
दिल्ली और हरियाणा से सटे जिलों में विकास और दुश्मन गैंग के बीच कई बार गोलीबारी की वारदात हुर्इं। ज्यादातर दिल्ली का बाहरी इलाका विकास के जुर्म का ठिकाना था। जब विकास पर कानून की नजरें टेढ़ीं हुईं तब उसके गैंग के कई सदस्य पकड़े गए, पर विकास हर बार पुलिस से बच निकलता था। वह पुलिस से बचने के लिए मोबाइल नहीं रखता था। कहा जाता है कि विकास ने गप्चू पहलवान की हत्या के लिए कई दिनों तक उसके महिला दोस्त की रेकी की थी और बाद में गप्चू की हत्या कर दी थी। लगरपुरिया और उसके गैंग की धमक ऐसी है कि इनके शिकार लोग डर के मारे ज्यादातर पुलिस केस भी नहीं कराते थे।


16 से ज्यादा केस दर्ज हैं
विकास लगरपुरिया पर कम से कम 16 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी जैसे मामले थे। विकास लगरपुरिया को जब पुलिस ने पकड़ा तो वो काफी दिनों तक जेल में बंद रहा। साल 2015 में उसे गिरफ्तार कर भोंडसी जेल में रखा गया था। बाद में विकास ने अपने पारिवारिक सदस्य के बीमार होने का हवाला देकर अदालत से पैरोल मांगी थी। पैरोल मिलने के बाद वह गायब हो गया और तभी से फरार है।

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