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Gurugram News: मेडिकल स्टोर संचालकों को प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश
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व्हाट्सएप ग्रुप में सभी मेडिकल स्टोरों को भेजेंगे नोटिस, 16 एफडीसी दवाओं पर केंद्र सरकार ने लगाया प्रतिबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। केंद्र सरकार की ओर से 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुग्राम में भी स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रण प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों को प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से मेडिकल स्टोर संचालकों के व्हाट्सएप समूहों में अधिसूचना भेजी जाएगी, ताकि सभी विक्रेताओं तक आदेश की जानकारी पहुंच सके। अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम में दवा दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
16 दवाओं के निर्माण और बिक्री पर रोक
मंत्रालय के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद देश में उपलब्ध विभिन्न एफडीसी दवाओं की वैज्ञानिक समीक्षा कराई गई थी। इसके लिए ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) की सिफारिश पर गठित विशेषज्ञ समिति ने कई दवा संयोजनों का परीक्षण किया। समीक्षा में पाया गया कि कुछ दवा संयोजनों का चिकित्सीय औचित्य स्पष्ट नहीं है और इनके उपयोग से मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है।
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प्रतिबंधित दवाओं में एस्पिरिन और एथोहेप्टाजीन का संयोजन, एलोवेरा व विटामिन-ई आधारित कुछ त्वचा उत्पाद, डाइसाइक्लोमीन, पैरासिटामोल और क्लिडिनियम ब्रोमाइड के संयोजन वाली दवाएं, ग्लिक्लाजाइड व क्रोमियम पिकोलिनेट तथा कुछ एंटीबायोटिक आधारित संयोजन शामिल हैं। इसके अलावा सेफाड्रॉक्सिल-प्रोबेनेसिड और सेफ्यूरॉक्सिम-सेराटियोपेप्टिडेज जैसी दवाओं पर भी रोक लगाई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से मरीजों को केवल सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही दवाओं के अनावश्यक और अवैज्ञानिक उपयोग पर भी अंकुश लगेगा।
क्या हैं एफडीसी दवाएं
ऐसी दवाएं होती हैं जिनमें दो या दो से अधिक सक्रिय औषधीय तत्व एक ही टैबलेट, कैप्सूल, सिरप या इंजेक्शन में निश्चित मात्रा में मिलाए जाते हैं।
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जिले में प्रतिबंधित एफडीसी दवाओं की बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। औषधि नियंत्रण विभाग सभी दवा विक्रेताओं को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से नोटिस भेजेगा। जांच के दौरान प्रतिबंधित दवाएं मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।--
गुरुचरण सिंह, ड्रग कंट्रोलर अधिकारी, गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। केंद्र सरकार की ओर से 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुग्राम में भी स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रण प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों को प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से मेडिकल स्टोर संचालकों के व्हाट्सएप समूहों में अधिसूचना भेजी जाएगी, ताकि सभी विक्रेताओं तक आदेश की जानकारी पहुंच सके। अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम में दवा दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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16 दवाओं के निर्माण और बिक्री पर रोक
मंत्रालय के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद देश में उपलब्ध विभिन्न एफडीसी दवाओं की वैज्ञानिक समीक्षा कराई गई थी। इसके लिए ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) की सिफारिश पर गठित विशेषज्ञ समिति ने कई दवा संयोजनों का परीक्षण किया। समीक्षा में पाया गया कि कुछ दवा संयोजनों का चिकित्सीय औचित्य स्पष्ट नहीं है और इनके उपयोग से मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है।
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प्रतिबंधित दवाओं में एस्पिरिन और एथोहेप्टाजीन का संयोजन, एलोवेरा व विटामिन-ई आधारित कुछ त्वचा उत्पाद, डाइसाइक्लोमीन, पैरासिटामोल और क्लिडिनियम ब्रोमाइड के संयोजन वाली दवाएं, ग्लिक्लाजाइड व क्रोमियम पिकोलिनेट तथा कुछ एंटीबायोटिक आधारित संयोजन शामिल हैं। इसके अलावा सेफाड्रॉक्सिल-प्रोबेनेसिड और सेफ्यूरॉक्सिम-सेराटियोपेप्टिडेज जैसी दवाओं पर भी रोक लगाई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से मरीजों को केवल सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही दवाओं के अनावश्यक और अवैज्ञानिक उपयोग पर भी अंकुश लगेगा।
क्या हैं एफडीसी दवाएं
ऐसी दवाएं होती हैं जिनमें दो या दो से अधिक सक्रिय औषधीय तत्व एक ही टैबलेट, कैप्सूल, सिरप या इंजेक्शन में निश्चित मात्रा में मिलाए जाते हैं।
जिले में प्रतिबंधित एफडीसी दवाओं की बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। औषधि नियंत्रण विभाग सभी दवा विक्रेताओं को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से नोटिस भेजेगा। जांच के दौरान प्रतिबंधित दवाएं मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गुरुचरण सिंह, ड्रग कंट्रोलर अधिकारी, गुरुग्राम