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Gurugram News: अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती बरतने के निर्देश
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- पीसी-पीएनडीटी बैठक में लिए कई अहम फैसले
सिविल सर्जन ने कहा– नियमों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई
पलवल। सिविल सर्जन कार्यालय में सोमवार को हुई जिला सलाहकार समिति पीसी-पीएनडीटी की मासिक बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण, नाम जुड़ने व हटाने और समय निर्धारण से जुड़े कई प्रस्तावों पर विचार हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिला उपयुक्त प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. जयंत आहूजा व नोडल अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने की।
बैठक में होडल, हथीन और पलवल के विभिन्न अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटर्स से डॉक्टरों के नाम जोड़ने और हटाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत हुए। वहीं कुछ केंद्रों ने अल्ट्रासाउंड मशीनों के समय में बदलाव और नवीनीकरण का प्रस्ताव रखा। कई जगह डॉक्टरों की अनुपलब्धता या केंद्रों के बंद होने पर मशीनें सील करने व बाईबैक करने के मामले भी सामने आए।
सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों व क्लीनिकों के यूएसजी सेंटरों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी केंद्र पर पीसी-पीएनडीटी एक्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सिविल सर्जन ने कहा– नियमों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई
पलवल। सिविल सर्जन कार्यालय में सोमवार को हुई जिला सलाहकार समिति पीसी-पीएनडीटी की मासिक बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण, नाम जुड़ने व हटाने और समय निर्धारण से जुड़े कई प्रस्तावों पर विचार हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिला उपयुक्त प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. जयंत आहूजा व नोडल अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने की।
बैठक में होडल, हथीन और पलवल के विभिन्न अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटर्स से डॉक्टरों के नाम जोड़ने और हटाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत हुए। वहीं कुछ केंद्रों ने अल्ट्रासाउंड मशीनों के समय में बदलाव और नवीनीकरण का प्रस्ताव रखा। कई जगह डॉक्टरों की अनुपलब्धता या केंद्रों के बंद होने पर मशीनें सील करने व बाईबैक करने के मामले भी सामने आए।
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सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों व क्लीनिकों के यूएसजी सेंटरों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी केंद्र पर पीसी-पीएनडीटी एक्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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