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गुरुग्राम में मानसून: इस बार सड़कों पर नहीं बहेगा बरसात का पानी, सभी विभागों को सौंपी गई वर्षा जल संचयन की जिम्मेदारी
Mon, 05 Jul 2021 03:08 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 05 Jul 2021 03:08 PM IST
सार
गुरुग्राम में इस मानसून बरसात का पानी सड़कों पर नहीं बहेगा। जिले में बरसाती पानी को सहेजने की बड़ी तैयारी की जा रही है। सभी विभागों को वर्षा जल संचयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम क्षेत्र में 12 जलाशयों के जीर्णोद्धार को लेकर डीपीआर तैयार की जा रही है।
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बारिश
- फोटो : ANI
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विस्तार
एचएसवीपी ने बरसाती पानी के संचयन और भूमिगत जल स्तर में सुधार लाने को लेकर 13 बोरवेल के स्थान में बदलाव किया गया है। इसी प्रकार, हाइड्रोलॉजिस्ट विभाग जिले में अब तक 190 रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण कर चुका है।
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12 और का निर्माण किया जा रहा है। जीएमडीए की ओर से इफ्को चौक से लेकर हुड्डा सिटी सेंटर तक ट्रेंच का निर्माण किया गया है जो मानसून में सोक पिट्स अर्थात पानी सोखने का काम करेंगे।
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इसके अलावा पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से मानूसन के सीजन में एक लाख पेड़ व दो लाख छोटे पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार, मानूसन में नगर निगम मानेसर द्वारा 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
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लोग भी निभाएं जिम्मेदारी: डीसी
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने कहा कि वर्षा जल संचयन को लेकर समय रहते प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल भराव की समस्या से छुटकारे के साथ ही भूमिगत जलस्तर को बढ़ाया जा सके।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जल संरक्षण की इस मुहिम में जिला प्रशासन का सहयोग करें और अपने घरों से निकलने वाले बरसाती पानी का संचयन सुनिश्चित करें। पानी को बर्बाद ना होने दें।