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Gurugram News: गुरुग्राम-मानेसर में मजबूत होगा बिजली ढांचा
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बादशाहपुर, न्यू पालम विहार सबडिविजन और शहर के सब अर्बन इलाके भी स्मार्ट ग्रिड में होंगे शामिल
पूनम
गुरुग्राम। गुरुग्राम और मानेसर में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य की जरूरत के लिए मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्मार्ट ग्रिड के दायरे में अब बादशाहपुर सबडिविजन, न्यू पालम विहार सबडिविजन और शहर के सब अर्बन इलाकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। अभी सेक्टर एक से 56 तक को स्मार्ट ग्रिड के तहत 11 केवी केबल अंडर ग्राउंड किए जाने और इससे जुड़े ट्रांसफार्मर को स्मार्ट सिस्टम के तहत बनाए जाने के प्रोजेक्ट पर ही काम हुआ था। स्मार्ट ग्रिड के विस्तार के साथ मानेसर के औद्योगिक इलाके सहित शहर प्राय: हर हिस्सा स्मार्ट ग्रिड के दायरे में होगा।
बिजली निगम ने बादशाहपुर सबडिविजन में स्मार्ट ग्रिड के तहत केबल अंडरग्राउंड किए जाने के टेंडर किए हैं। बादशाहपुर सबडिविजन के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 113 करोड़ रुपये के खर्च से स्मार्ट ग्रिड का काम होगा। सदर्न पेरिफेरल रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के आस-पास के गांव और सोसाइटियां इसके दायरे में आएंगी। न्यू पालम विहार सबडिविजन में 74.6 करोड़ रुपये के खर्च से स्मार्ट ग्रिड का काम होना है। इसके दायरे में द्वारका एक्सप्रेसवे के इलाके, गांव और कॉलोनियां आ जाएंगी। बिजली में सर्वाधिक बिजली संबंधित शिकायतें इस सबडिविजन से मिलती रही हैं। इसके अलावा सब अर्बन क्षेत्र में स्मार्ट ग्रिड के बचे हुए कार्य में 135 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
स्मार्ट ग्रिड के मुख्य अभियंता के अनुसार, एक से डेढ़ महीने में ये कार्य अलॉट हो जाएंगे। 15 महीने में यह कार्य पूरा होगा। मानेसर के औद्योगिक इलाके के लिए भी 35 करोड़ रुपये के खर्च से स्मार्ट ग्रिड का काम शुरू किया गया है। इसके साथ की भविष्य में बिजली की लोड में वृद्धि के अनुसार फीडर और आधुनिक और उच्च क्षमता ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
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स्काडा सेंटर से मॉनिटरिंग होगी आसान
बिजली निगम स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए स्काडा सेंटर बना रहा है। इस स्मार्ट मॉनिटरिंग के लिए 88 करोड़ रुपये खर्च हो रहे है। इस पर काम शुरू हो गया है। इस मॉनिटरिंग सिस्टम से कंप्यूटर के माध्यम से बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग होगी, किसी किस्म के फॉल्ट की स्थिति में निवारण तत्काल हो सकेगा। फरीदाबाद में स्काडा पर 96 करोड़ रुपये और स्मार्ट ग्रिड पर 1950 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
बादशाहपुर, न्यू पालम विहार और सब अर्बन गुरुग्राम में भी स्मार्ट ग्रिड के तहत केबल अंडर ग्राउंड किए जाने के लिए टेंडर हो चुके हैं। एक डेढ़ महीने में इसका काम शुरू हो जाएगा। स्काडा का काम तेजी से चल रहा है। आईएमटी मानेसर के औद्योगिक इलाके और फरीदाबाद में स्मार्ट ग्रिड का काम हो रहा है। इससे बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य के लिए तैयार होगा।
- एसएस सांगवान, मुख्य अभियंता, स्मार्ट ग्रिड, डीएचबीवीएन
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पूनम
गुरुग्राम। गुरुग्राम और मानेसर में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य की जरूरत के लिए मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्मार्ट ग्रिड के दायरे में अब बादशाहपुर सबडिविजन, न्यू पालम विहार सबडिविजन और शहर के सब अर्बन इलाकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। अभी सेक्टर एक से 56 तक को स्मार्ट ग्रिड के तहत 11 केवी केबल अंडर ग्राउंड किए जाने और इससे जुड़े ट्रांसफार्मर को स्मार्ट सिस्टम के तहत बनाए जाने के प्रोजेक्ट पर ही काम हुआ था। स्मार्ट ग्रिड के विस्तार के साथ मानेसर के औद्योगिक इलाके सहित शहर प्राय: हर हिस्सा स्मार्ट ग्रिड के दायरे में होगा।
बिजली निगम ने बादशाहपुर सबडिविजन में स्मार्ट ग्रिड के तहत केबल अंडरग्राउंड किए जाने के टेंडर किए हैं। बादशाहपुर सबडिविजन के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 113 करोड़ रुपये के खर्च से स्मार्ट ग्रिड का काम होगा। सदर्न पेरिफेरल रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के आस-पास के गांव और सोसाइटियां इसके दायरे में आएंगी। न्यू पालम विहार सबडिविजन में 74.6 करोड़ रुपये के खर्च से स्मार्ट ग्रिड का काम होना है। इसके दायरे में द्वारका एक्सप्रेसवे के इलाके, गांव और कॉलोनियां आ जाएंगी। बिजली में सर्वाधिक बिजली संबंधित शिकायतें इस सबडिविजन से मिलती रही हैं। इसके अलावा सब अर्बन क्षेत्र में स्मार्ट ग्रिड के बचे हुए कार्य में 135 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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स्मार्ट ग्रिड के मुख्य अभियंता के अनुसार, एक से डेढ़ महीने में ये कार्य अलॉट हो जाएंगे। 15 महीने में यह कार्य पूरा होगा। मानेसर के औद्योगिक इलाके के लिए भी 35 करोड़ रुपये के खर्च से स्मार्ट ग्रिड का काम शुरू किया गया है। इसके साथ की भविष्य में बिजली की लोड में वृद्धि के अनुसार फीडर और आधुनिक और उच्च क्षमता ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
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स्काडा सेंटर से मॉनिटरिंग होगी आसान
बिजली निगम स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए स्काडा सेंटर बना रहा है। इस स्मार्ट मॉनिटरिंग के लिए 88 करोड़ रुपये खर्च हो रहे है। इस पर काम शुरू हो गया है। इस मॉनिटरिंग सिस्टम से कंप्यूटर के माध्यम से बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग होगी, किसी किस्म के फॉल्ट की स्थिति में निवारण तत्काल हो सकेगा। फरीदाबाद में स्काडा पर 96 करोड़ रुपये और स्मार्ट ग्रिड पर 1950 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
बादशाहपुर, न्यू पालम विहार और सब अर्बन गुरुग्राम में भी स्मार्ट ग्रिड के तहत केबल अंडर ग्राउंड किए जाने के लिए टेंडर हो चुके हैं। एक डेढ़ महीने में इसका काम शुरू हो जाएगा। स्काडा का काम तेजी से चल रहा है। आईएमटी मानेसर के औद्योगिक इलाके और फरीदाबाद में स्मार्ट ग्रिड का काम हो रहा है। इससे बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य के लिए तैयार होगा।
- एसएस सांगवान, मुख्य अभियंता, स्मार्ट ग्रिड, डीएचबीवीएन