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Gurugram News: स्टाॅप पर नहीं रुकतीं बसें, महिलाओं को महंगी कैब का सहारा

Thu, 03 Sep 2026 12:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:23 AM IST
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Buses do not stop at the stop; women forced to rely on expensive cabs.
गुरुग्राम में आवागमन में काफी कठिनाई महसूस करती हैं महिलाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम में करीब 330 से ज्यादा बस स्टॉप हैं। जीएमबीसीएल की 150 बसें शहर और आस-पास के इलाकों में चलती हैं, मगर महिलाओं की सुरक्षा और सहूलियत के मद्देनजर ये आंकड़ा नगण्य कहा जा सकता है। अधिसंख्य कामकाजी महिलाओं के लिए कैब या खुद का वाहन ही सहारा हैं।


महिलाओं ने कहना है कि अधिसंख्य बस स्टाॅप पर बसें नहीं रुकती और न ही वहां कोई जानकारी फ्लैश होती है। उदाहरण के लिए मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन के गेट संख्या 3 के पास बस स्टॉप है मगर सर्विस लेन पर स्थित इस स्टॉपेज पर बसें नहीं आती हैं। यहां से रेलवे स्टेशन, मुद्रिका , बादशाहपुर से वल्लभगढ़ से लेकर लगभग के शहर के हर हिस्से की बसें चलती हैं। दिल्ली से गुरुग्राम कामकाज के लिए मेट्रो से आने वाली महिलाओं के लिए यह स्टॉपेज बहुत सहायक सिद्ध हो सकता है मगर महिलाओं निजी कैब या ऑटो रिजर्व करने घर लौटना पड़ता है। सुरक्षा के लिहाज भी भीड़-भाड़ वाला यह क्षेत्र सुरक्षित नहीं है। न्यू रेलवे रोड पर बस स्टैंड के लिए स्टॉपेज जैकबपुरा के पास एक घर के सामने बना है। घर मालिक ने आगे जगह घेर रखी है। महिलाओं समेत बस का इंतजार करने वाले लोगों को मुख्य सड़क पर खड़े होना पड़ता है। रेलवे स्टेशन से मेट्रो की ओर आने वाली बसों के लिए रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक बस शेल्टर नहीं है, छोटे से बोर्ड पर लिखा स्टॉपेज अतिक्रमण के कारण कई बार नहीं दिखता है। बस स्टॉपेज की जगह पर स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती हैं।
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हमारी तरफ से बसें इक्का दुक्का चलती हैं। कैब ने पिछले दिनों रेट काफी बढ़ा दिए हैं मगर कोई और विकल्प नहीं है।

- रूबीना, सेक्टर 52



मैं निजी कैब से सिविल लाइंस स्थित कार्यालय आती हूं। 500 रुपये आवाजाही में खर्च होते हैं। कोई चारा नहीं है।



- कुसुम तिवारी, सेक्टर 70

मुझे रोजाना गुड़गांव से साढ़राणा की ढाणी स्थित अपने स्कूल जाना होता है। यहां रोडवेज की बसें नहीं रुकती है।



-मधु कटारिया, गुड़गांव गांव
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