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Gurugram News: स्कूलों का दर्जा नहीं बढ़ने के कारण लड़कियों का बढ़ रहा ड्रॉपआउट

Sat, 03 Jun 2023 10:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jun 2023 10:22 PM IST
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Due to lack of improvement in the status of schools, the dropout of girls is increasing.
4 से 5 किलोमीटर दूर पढ़ने जाती हैं कई गांवों की लड़कियां
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राजूद्दीन जंग
नगीना। दूरदराज के इलाकों में आठवीं स्कूलों को 12वीं का दर्जा नहीं मिलने के कारण लड़कियों का ड्रॉपआउट बढ़ रहा है। लड़कियों के परीक्षा परिणाम का गिरता स्तर, ड्रॉपआउट, स्कूलों में शिक्षकों की कमी, शौचालयों व कमरों और संसाधनों में देरी के कारण अभिभावकों का भरोसा डगमगा रहा है। जिले में अभिभावकों का विश्वास सरकारी स्कूलों पर है, इसीलिए ढाई लाख से अधिक बच्चे इनमें पढ़ते हैं। हाल में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में 113 सरकारी स्कूलों को अपग्रेड किया गया, जिसमें केवल एक स्कूल गांव आलदोका में 12वीं किया गया है, जो नाकाफी है। नीति आयोग एवं हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले मेवात नूंह में स्कूलों को सबसे ज्यादा दर्जा बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे लड़कियां गांवों में उच्च शिक्षा हासिल कर सकें और बालिका वाहिनी की जरूरत न पड़े। नूंह मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर चंदेनी गांव मिडिल स्कूल को 12वीं कक्षा तक अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। अक्सर लड़कियां तीन-चार किलोमीटर पैदल चलकर फिरोजपुर नमक स्कूल पढ़ने जाती हैं। चंदेनी गांव के एक परिवार की 11 लड़कियां ग्रेजुएट हैं, जो दर्शाता है कि लड़कियां पढ़ना चाहती हैं और आगे बढ़ना चाहती हैं, लेकिन उन्हें उतने अवसर और सुविधाएं नहीं दी जाती, जितनी आवश्यकता है। इसी प्रकार यूपीएससी में 909वीं रैंक हासिल करने वाले सुनील कुमार के पैतृक गांव बसई मेव के माध्यमिक विद्यालय में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन उसे अपग्रेड नहीं किया जा रहा है जिससे लड़कियों का ड्रॉपआउट बढ़ रहा है। यहां से चार-पांच किलोमीटर दूर बीवां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है, जहां छात्रों की संख्या 1000 से अधिक है तथा फिरोजपुर झिरका 9 किलोमीटर दूर है। गांव हिरवाड़ी का राजकीय माध्यमिक विद्यालय फिरोजपुर झिरका और रनियाला से 6 किलोमीटर दूर है, ऐसे में नजदीक कोई स्कूल नहीं है। गांव रीठट, गोहाना, खानपुर घाटी 5000 से अधिक आबादी वाले गांव हैं और इन मिडिल स्कूलों में छात्र संख्या सरकारी मानकों से अधिक है फिर भी इन्हें अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों ने आकेड़ा गर्ल स्कूल, चंदेनी, हिरवाड़ी, गोहाना, रीठट, बसई मेव, खानपुर घाटी, तिगांव, शिकारपुर को अपग्रेड करने का अभियान चलाया है।

परमजीत चहल, जिला शिक्षा अधिकारी नूंह का कहना है कि ड्रॉपआउट रोकना और गुणात्मक शिक्षा देना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। क्षेत्र के 7 स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए सिफारिश की गई है। मानक पूरे करने वाले अन्य स्कूलों की सिफारिश करेंगे, ताकि लड़कियों को गांवों में उच्च शिक्षा मिले।
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