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Gurugram News: ठंड बढ़ने से अस्पतालों में बढ़ने लगे ब्रेन स्ट्रोक के मरीज

Mon, 08 Jan 2024 11:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jan 2024 11:11 PM IST
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Due to increase in cold, brain stroke patients started increasing in hospitals.
सरकारी व निजी अस्पतालों में ब्रेन स्ट्रोक और पैरालाइसिस के 20 से 25 मरीज रोजाना पहुंच रहे
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में ठंड का कहर बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में ब्रेन स्ट्रोक और पैरालाइसिस के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में रोजाना 20 से 25 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों ने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शीतलहर का सितम लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। इसके कारण ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति उत्पन्न हो रही है। बढ़ती ठंड में रक्तचाप बढ़ने की सबसे बड़ी समस्या सामने आई है, जिस कारण बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं में भी समस्या दिख रही है। वहीं शहर में दो सरकारी अस्पताल नागरिक अस्पताल बीके, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित करीब 12 निजी अस्पताल हैं। पिछले 10 दिनों से स्मार्ट सिटी में कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हैं। न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री कम और अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान आठ और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि इस मौसम में रक्त गाढ़ा हो जाता है और उसमें लचीलापन बढ़ जाता है, रक्त की पतली नलिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्त का दबाव बढ़ जाता है। अधिक ठंड पड़ने या ठंडे मौसम में अधिक समय तक रहने पर खासकर उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। इसके अलावा ठंड में लोग कम पानी पीते हैं, जिसके कारण रक्त गाढ़ा हो जाता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने बताया कि ठंड में लोगों की फिजिकल एक्सरसाइज कम हो जाती है।
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डॉक्टरों से बातचीत
15 दिन पहले तक अस्पताल की इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक और पैरालाइसिस के रोजाना एक-दो मरीज आते थे। अब रोजाना तीन से चार मरीज भर्ती हो रहे हैं। जिनमें 80 फीसदी मरीज मस्तिष्क की धमनियों में खून के थक्के और 20 फीसदी मरीज ब्रेन हेमरेज के शामिल हैं। - डाॅ. राहुल कुमार, न्यूरोलॉजिस्ट, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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जिन लोगों में बीपी और कॉलेस्ट्रॉल की शिकायत रहती है। उन्हें ठंड में नसें सिकुड़ जाने और रक्त गाढ़ा होने के कारण यह स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। अस्पताल में रोजाना तीन से चार मरीज ब्रेन स्ट्रोक और पैरालाइसिस के पहुंच रहे हैं। नई तकनीक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी से मरीज का 24 घंटे में भी इलाज संभव है। - डॉ. रोहित गुप्ता, न्यूरोलॉजिस्ट, एकॉर्ड अस्पताल
सर्दी में नसें सिकुड़ जाती हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे दिमाग तक रक्त संचार ठीक से नहीं होता है और व्यक्ति को पैरालाइसिस या स्ट्रोक हो जाता है। जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल समस्या रहती है, धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करते हैं, उन्हें खतरा अधिक रहता है। - डॉ. कमल वर्मा, एस्कॉर्ट फोर्टिस अस्पताल

बीमारी का पता करने के लिए सीटी स्कैन, एमआरआई और दिमाग की नसों की एंजियोग्राफी आदि जांचे की जाती हैं। बीमारी का पता चलने के बाद तुरंत इलाज शुरू करना जरूरी होता है। -डाॅ. सुषमा शर्मा, मेट्रो अस्पताल
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