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कोरोना काल में भी नहीं रोके विकास कार्य
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गुरुग्राम। जिला प्रशासन का कहना है कि वर्ष-2020 भले ही कोरोना संक्रमण के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इस दौरान जिले में चल रहे कई विकास कार्य पूरे किए गए। इसमें निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए गए। स्थिति यह रही कि एनएच-48 पर साइबर सिटी के निकट 3 लेन के फ्लाईओवर का निर्माण कार्य महज 18 माह की अवधि में पूरा किया। इसके अलावा भी इस वर्ष अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए। सोमवार को वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए जिला प्रशासन की तरफ से उक्त जानकारी साझा की गई।
प्रशासन के मुताबिक, जिले के लोगों ने एकजुटता के साथ कोरोना काल में उत्पन्न हुई चुनौतियों का डटकर सामना किया। मुश्किलों के इस दौर में राज्य सरकार ने लोगों का पूरा सहयोग किया। साइबर सिटी गुरुग्राम को स्मार्टेस्ट सिटी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रकोप के बावजूद विकास कार्य जारी रखा। इसमें मुख्य रूप से ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान करने के लिए न सिर्फ परियोजनाएं बनाई गईं बल्कि इन्हें मूर्त रूप भी दिया गया।
यातायात जाम से मिली निजात :
जाम की समस्या के समाधान के लिए 2020 में दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर डीएलएफ साइबर सिटी के निकट यू-टर्न फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हुआ। उक्त फ्लाईओवर लगभग 52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने से शहरवासियों तथा बाहर से आने वाले वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिली है। नवनिर्मित यू-टर्न फ्लाईओवर की लंबाई 675 मीटर है और इसकी चौड़ाई 12.5 मीटर है। कोविड-19 की चुनौती के बावजूद 3 लेन के यू-टर्न फ्लाईओवर का निर्माण 18 माह की निर्धारित अवधि में पूरा किया गया है। यू-टर्न फ्लाईओवर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम के शंकर चौक पर दुर्घटनाएं कम करने और ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की 122.16 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है।
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दूसरे हिस्से का निर्माण 90 फीसदी तक पूरा :
परियोजना का दूसरा हिस्सा एंबियंस मॉल के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाया जा रहा 4 लेन यू-टर्न अंडरपास है जिसका लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के कुल खर्च को एनएचएआई तथा हरियाणा सरकार 75:25 के अनुपात में शेयर कर रही है। इसके अलावा भी गुरुग्राम को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए गांव बजघेड़ा में 42 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भी बनाकर शुरू किया जा चुका है। गुरुग्राम के मुख्य बस अड्डे के पास राव महाबीर सिंह चौक पर अंडरपास बनाने का कार्य प्रगति पर है।
अन्य निर्माण कार्य भी शामिल
परियोजना में महावीर चौक पर अंडरपास, ऐलिवेटिड वॉक वे तथा सरफेस रोड का निर्माण शामिल है। इस पर लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शहर को जाम मुक्त बनाने के उपायों के अंतर्गत गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के माध्यम से भी कई परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। इनमें लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक, उमंग भारद्वाज चौक से एनपीआर तक की सड़क को 6 लेन की बनाना, महावीर चौक तथा हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के चारों तरफ के सुधारीकरण के कार्य शामिल हैं। इनमें लगभग 508 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
हाइवे की भी मिली सौगात :
इस वर्ष गुरुग्राम से पटौदी होते हुए रेवाड़ी तक बनाए जाने वाले 4 लेन हाइवे की सौगात भी मिली है, जिसकी आधारशिला केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए रखी थी। इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है, जिस पर लगभग 1524 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उक्त राजमार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 352 डब्ल्यू का हिस्सा है, जिसकी लंबाई लगभग 46.11 किलोमीटर की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस हाईवे का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी-नारनौल से राजस्थान बॉर्डर तक लगभग 132 किलोमीटर लंबाई के हाइवे की भी आधारशिला रखी थी जिस पर लगभग 4500 करोड़ रुपये की लागत आएगी । इस पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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प्रशासन के मुताबिक, जिले के लोगों ने एकजुटता के साथ कोरोना काल में उत्पन्न हुई चुनौतियों का डटकर सामना किया। मुश्किलों के इस दौर में राज्य सरकार ने लोगों का पूरा सहयोग किया। साइबर सिटी गुरुग्राम को स्मार्टेस्ट सिटी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रकोप के बावजूद विकास कार्य जारी रखा। इसमें मुख्य रूप से ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान करने के लिए न सिर्फ परियोजनाएं बनाई गईं बल्कि इन्हें मूर्त रूप भी दिया गया।
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यातायात जाम से मिली निजात :
जाम की समस्या के समाधान के लिए 2020 में दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर डीएलएफ साइबर सिटी के निकट यू-टर्न फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हुआ। उक्त फ्लाईओवर लगभग 52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने से शहरवासियों तथा बाहर से आने वाले वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिली है। नवनिर्मित यू-टर्न फ्लाईओवर की लंबाई 675 मीटर है और इसकी चौड़ाई 12.5 मीटर है। कोविड-19 की चुनौती के बावजूद 3 लेन के यू-टर्न फ्लाईओवर का निर्माण 18 माह की निर्धारित अवधि में पूरा किया गया है। यू-टर्न फ्लाईओवर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम के शंकर चौक पर दुर्घटनाएं कम करने और ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की 122.16 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है।
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दूसरे हिस्से का निर्माण 90 फीसदी तक पूरा :
परियोजना का दूसरा हिस्सा एंबियंस मॉल के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाया जा रहा 4 लेन यू-टर्न अंडरपास है जिसका लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के कुल खर्च को एनएचएआई तथा हरियाणा सरकार 75:25 के अनुपात में शेयर कर रही है। इसके अलावा भी गुरुग्राम को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए गांव बजघेड़ा में 42 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भी बनाकर शुरू किया जा चुका है। गुरुग्राम के मुख्य बस अड्डे के पास राव महाबीर सिंह चौक पर अंडरपास बनाने का कार्य प्रगति पर है।
अन्य निर्माण कार्य भी शामिल
परियोजना में महावीर चौक पर अंडरपास, ऐलिवेटिड वॉक वे तथा सरफेस रोड का निर्माण शामिल है। इस पर लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शहर को जाम मुक्त बनाने के उपायों के अंतर्गत गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के माध्यम से भी कई परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। इनमें लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक, उमंग भारद्वाज चौक से एनपीआर तक की सड़क को 6 लेन की बनाना, महावीर चौक तथा हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के चारों तरफ के सुधारीकरण के कार्य शामिल हैं। इनमें लगभग 508 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
हाइवे की भी मिली सौगात :
इस वर्ष गुरुग्राम से पटौदी होते हुए रेवाड़ी तक बनाए जाने वाले 4 लेन हाइवे की सौगात भी मिली है, जिसकी आधारशिला केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए रखी थी। इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है, जिस पर लगभग 1524 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उक्त राजमार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 352 डब्ल्यू का हिस्सा है, जिसकी लंबाई लगभग 46.11 किलोमीटर की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस हाईवे का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी-नारनौल से राजस्थान बॉर्डर तक लगभग 132 किलोमीटर लंबाई के हाइवे की भी आधारशिला रखी थी जिस पर लगभग 4500 करोड़ रुपये की लागत आएगी । इस पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।