फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Demand to release 162 acres of land from the administration

Gurugram News: प्रशासन से 162 एकड़ जमीन छोड़ने की मांग

Wed, 01 Jul 2026 05:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:00 PM IST
विज्ञापन
Demand to release 162 acres of land from the administration
तीन गांवों के लोगों ने एचएसआईआईडीसी को भेजा जवाब
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर, खोह और नखड़ौला गांवों के लोगों ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से 29 मई 2026 को जारी सार्वजनिक नोटिस पर जवाब भेजा है। उन्होंने नोटिस पर आपत्ति जताते हुए जमीन छोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों बताया कि वे पिछले 22 साल से वह इस जमीन पर रह रहे हैं और आज तक उन्होंने सरकार से किसी तरह का मुआवजा नहीं लिया है। तीनों गांवों की पंचायतों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनके घरों और जमीन पर जबरन कार्रवाई की, तो वे इसका विरोध करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने घर और जमीन बचाने के लिए हर संभव कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि साल 2005 में 162 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन इस जमीन पर अब करीब तीन हजार मकान बन चुके हैं और हजारों लोग यहां रह रहे हैं। उनका कहना है कि साल 1995 में आईएमटी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित करते समय सरकार ने गांवों की आबादी और कासन रोड के किनारे बने मकानों को छोड़ दिया था। उस समय एचएसआईआईडीसी ने 8 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल भी बनाई थी।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2015 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस जमीन को मुक्त करने के आदेश दिए थे। उनका कहना है कि यह जमीन नाट्रिप परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन बाद में परियोजना दूसरी जगह स्थानांतरित हो गई। वर्तमान में इस जमीन पर एचएसआईआईडीसी की कोई योजना या परियोजना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed