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तीन राज्यों में सक्रिय था हिस्ट्रीशीटर भंवर
Updated Tue, 18 Sep 2018 05:32 PM IST
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तीन राज्यों में सक्रिय भंवर था महंगी गाड़ियों, घोड़े का शौकीन
गुरुग्राम। सहरावन की ढाणी में मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया हिस्ट्रीशीटर भंवर सिंह उर्फ भूदेव तीन राज्यों में सक्रिय था। उसने सबसे अधिक वारदात गुरुग्राम में की थीं। इसके अलावा वह दिल्ली व हिसार में सक्रिय था। 2009 में डकैती से आरोपी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसको महंगी गाड़ियों और घोड़े पालने का शौक था। जिस जगह मुठभेड़ हुई, वहां भी एक सफेद घोड़ा था।
पुलिस के अनुसार, 10वीं पास भंवर (33)मानेसर में रहता था। वर्ष 2009 में पहली बार उस पर डकैती का मामला दर्ज हुआ जिसमें वह 2014 में बरी हो गया। 2010 में छेड़छाड़ के मामले में वह जेल गया। इसके अलावा हत्या के प्रयास, हथियार के बल पर डकैती, सहित अन्य मामले दर्ज हैं। 2012 में उसने दिल्ली पुलिस पर हमला किया था जिसमें भी वह वांछित चल रहा था। साल 2013 में उस पर हिसार में चोरी के प्रयास का मामला दर्ज हुआ। मानेसर के एक मामले में भंवर को अदालत से सजा हुई थी, जिसमें जेल जाने के बाद पैरोल पर बाहर आया था।
उसने जेल से बाहर आने के बाद मानेसर में पटवारी को गोलियों से भून दिया। इस मामले में पुलिस महानिदेशक हरियाणा ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा रविवार को उसने अपने साथी रविंद्र के भाई पर गाड़ी की चाभी न देने से खफा होकर हमला कर दिया था जिसमें बादशाहपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। फिलहाल पुलिस उसके साथी रविंद्र की तलाश कर रही है, जो मुठभेड़ के दौरान ही मौका पाकर भाग निकला।
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गुरुग्राम। सहरावन की ढाणी में मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया हिस्ट्रीशीटर भंवर सिंह उर्फ भूदेव तीन राज्यों में सक्रिय था। उसने सबसे अधिक वारदात गुरुग्राम में की थीं। इसके अलावा वह दिल्ली व हिसार में सक्रिय था। 2009 में डकैती से आरोपी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसको महंगी गाड़ियों और घोड़े पालने का शौक था। जिस जगह मुठभेड़ हुई, वहां भी एक सफेद घोड़ा था।
पुलिस के अनुसार, 10वीं पास भंवर (33)मानेसर में रहता था। वर्ष 2009 में पहली बार उस पर डकैती का मामला दर्ज हुआ जिसमें वह 2014 में बरी हो गया। 2010 में छेड़छाड़ के मामले में वह जेल गया। इसके अलावा हत्या के प्रयास, हथियार के बल पर डकैती, सहित अन्य मामले दर्ज हैं। 2012 में उसने दिल्ली पुलिस पर हमला किया था जिसमें भी वह वांछित चल रहा था। साल 2013 में उस पर हिसार में चोरी के प्रयास का मामला दर्ज हुआ। मानेसर के एक मामले में भंवर को अदालत से सजा हुई थी, जिसमें जेल जाने के बाद पैरोल पर बाहर आया था।
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उसने जेल से बाहर आने के बाद मानेसर में पटवारी को गोलियों से भून दिया। इस मामले में पुलिस महानिदेशक हरियाणा ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा रविवार को उसने अपने साथी रविंद्र के भाई पर गाड़ी की चाभी न देने से खफा होकर हमला कर दिया था जिसमें बादशाहपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। फिलहाल पुलिस उसके साथी रविंद्र की तलाश कर रही है, जो मुठभेड़ के दौरान ही मौका पाकर भाग निकला।
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