{"_id":"6262ea6faa41a26804471be2","slug":"court-seized-3-bank-accounts-of-raheja-builder-gurgaon-news-noi644437295","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहेजा बिल्डर के 3 बैंक खाते अदालत ने किए सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रहेजा बिल्डर के 3 बैंक खाते अदालत ने किए सीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। सेक्टर-108 स्थित रहेजा वेदांता सोसाइटी के बिल्डर के तीन बैंक खातों को अदालत ने सीज कर दिया है। खाते सीज करने की जानकारी अदालत के माध्यम से संबंधित बैंक को भेज दी जाएगी। इसी के साथ अदालत ने बिल्डर समूह के निदेशकों को भी अदालत में तलब किया है। इस मामले की सुनवाई स्थानीय अदालत में 6 मई को होनी है। इससे पहले इसकी सुनवाई 28 अप्रैल को हाईकोर्ट में भी होनी है।
सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष अजीत पांडे कहते हैं कि 2015 से ही उनकी सोसाइटी में कमर्शियल दरों से बिजली की आपूर्ति हो रही है क्योंकि यहां पर बिल्डर ने बिजली का सब स्टेशन नहीं बनवाया है। यहां के रहने वालों ने 7.35 करोड़ रुपये इकट्ठा करके बिल्डर को दिए, लेकिन बिल्डर ने पैसा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में जमा नहीं कराया। यही मामला अदालत में विचाराधीन है।
सोसाइटी की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता आदित्य कुमार ने बताया कि स्थानीय अदालत ने बिल्डर से बैंक खातों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था लेकिन वह सोसाइटी के द्वारा बताए गए बैंक खातों का विवरण अदालत में प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते खातों को सीज कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने बिल्डर समूह के निदेशकों को व्यक्तिगत तौर से अदालत में हाजिर होने के लिए भी कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष अजीत पांडे कहते हैं कि 2015 से ही उनकी सोसाइटी में कमर्शियल दरों से बिजली की आपूर्ति हो रही है क्योंकि यहां पर बिल्डर ने बिजली का सब स्टेशन नहीं बनवाया है। यहां के रहने वालों ने 7.35 करोड़ रुपये इकट्ठा करके बिल्डर को दिए, लेकिन बिल्डर ने पैसा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में जमा नहीं कराया। यही मामला अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन
सोसाइटी की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता आदित्य कुमार ने बताया कि स्थानीय अदालत ने बिल्डर से बैंक खातों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था लेकिन वह सोसाइटी के द्वारा बताए गए बैंक खातों का विवरण अदालत में प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते खातों को सीज कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने बिल्डर समूह के निदेशकों को व्यक्तिगत तौर से अदालत में हाजिर होने के लिए भी कहा है।
विज्ञापन