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तीन घंटे की तेज बारिश में बह गए निगम के दावे
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गुरुग्राम। मंगलवार देर रात से ही शुरू हुई बारिश बुधवार दोपहर तक जारी रही, जिसके कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं था, जहां जलभराव की स्थिति न बनी हो। वहीं नगर निगम व जीएमडीए के द्वारा किए गए बेहतर जलनिकासी के दावों भी बह गए। पैदल राहगीरों व वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, हमेशा की तरह पटेल नगर, अर्जुन नगर, भीमनगर, दयानंद कॉलोनी समेत अन्य इलाकों की सड़कों पर नदियों की तरह पानी बह रहा था। शाम 4 बजे तक बारिश थमी तब जाकर जलनिकासी हुई, लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। वहीं, इस बारे में जब नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार आहूजा से सवाल किया गया तो उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
इन इलाकों में जलभराव
वैसे तो सोमवार देर रात से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था लेकिन मंगलवार व बुधवार को हुई झमाझम बारिश के कारण जलभराव की समस्या और व्यापक हो गई। मंगलवार रात को कुछ देर के लिए ही बारिश रुकी थी लेकिन तड़के से ही फिर से शुरू हो गई तो समस्या बढ़ती गई। इसका नतीजा यह रहा कि सिविल लाइंस, सेक्टर-15, सेक्टर-10, बसई रोड, बस स्टैंड, भीम नगर, अर्जुन नगर, सेक्टर-38, ताऊ देवीलाल स्टेडियम, द्वारका एक्सप्रेसवे, नगर निगम कार्यालय, नाहरपुर की तरफ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन, सेक्टर-40, सेक्टर-31, बख्तावर चौक, मेदांता रोड, मेफील्ड गार्डेन, बसई, बेरी वाला बाग रोड समेत शहर के अधिकांश इलाकों में बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ। बुधवार तड़के से ही शुरू हुई बूंदाबांदी सुबह करीब 8 बजे तक जारी रही। इसके बाद करीब 9 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई तो लगभग 12 बजे तक जारी रही।
शीतला माता मंदिर में आते रहे श्रद्धालु
इस दौरान न सिर्फ पैदल राहगीरों बल्कि दोपहिया व चार पहिया वाहन चालकों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा। वहीं, शीतला माता मंदिर के बाहर तो घुटने तक पानी भरा रहा। बावजूद इसके लोग माता के दर्शन करने के लिए आते रहे। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को मूसलाधार बारिश में ही रेनकोट इत्यादि पहनकर अपने-अपने कार्यालयों के लिए निकलना पड़ा। बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण सेक्टर-37 व 29 के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कई कंपनियों के बेसमेंट में पानी भर गया, सिसे उद्यमियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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अस्पताल आने वाले मरीज परेशान
भारी बारिश के कारण बुधवार को सिटी पुलिस स्टेशन व सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के सामने भी व्यापक जलभराव हुआ। अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके तिमारदारों को समीप के पार्क की दीवारों के सहारे अस्पताल में प्रवेश करना पड़ा। सेक्टर-9 में स्कूली बच्चों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। जैकमपुरा, अर्जुन नगर, भीम नगर इलाके में भी व्यापक जलभराव हुआ। अर्जुन नगर में तो लोगों के घरों में पानी घुस गया। खास बात यह है कि जलभराव की यह स्थिति उस समय बन रही है जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद शहर में मौजूद हैं। इतना ही नहीं बुधवार को तो विधायक सुधीर सिंगला के आवास के आस-पास भी व्यापक जलभराव देखने को मिला।
मानेसर इलाका भी रहा जलमग्न :
सिर्फ गुरुग्राम शहर ही नहीं बल्कि मानेसर क्षेत्र में भी जमकर जलभराव देखने को मिला। औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में हुए जलभराव से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान ज्यादा जलभराव के चलते पानी में ही वाहन बंद हो गए तो लोगों ने वाहनों को धक्का देते हुए प्रशासन पर अपना गुस्सा निकाला। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित आइएमटी चौक पर नालों की सफाई न होने के चलते आईएमटी चौक पर सेक्टर-एक के मुख्य द्वार तक जलभराव हो गया। वहीं, बिलासपुर चौक पर सर्विस लेन में बने गड्ढों में जलभराव के चलते भी राहगीरों को समस्या हुई। वहीं शहर में सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र व सेक्टर-37 इलाके में भी खासा जलभराव देखने को मिला।
संयुक्त आयुक्त ने निरीक्षण कर लिया जायजा
भारी बारिश के कारण मालिबू टाउन, सेक्टर-29, सिग्नेचर टावर अंडरपास की सड़कों पर तो 2 फुट से ज्यादा पानी भरा था। वहीं, गैलेरिया मार्केट में भी काफी जलभराव हुआ। जलभराव के कारण सिरहौल बॉर्डर के एक तरफ की सड़क व शंकर चौक में भी खासा जलभराव हुआ। नगर निगम के जोन-3 के संयुक्त आयुक्त संजीव कुमार ने गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर-27, 28, सुशांतलोक, डीएलएफ समेत अन्य इलाकों का निरीक्षण किया और जलनिकाली के इंतजामों का जायजा लिया।
सबसे ज्यादा गुरुग्राम में हुई बारिश
बुधवार को सबसे ज्यादा गुरुग्राम में ही 92 एमएम बारिश हुई। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक कादीपुर व हर्सरू उप तहसील में 65, वजीराबाद में 37, बादशाहपुर में 32, सोहना में 12, मानेसर में 76, पटौदी में 62 व फर्रूखनगर में 51 एमएम बारिश हुई।
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इन इलाकों में जलभराव
वैसे तो सोमवार देर रात से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था लेकिन मंगलवार व बुधवार को हुई झमाझम बारिश के कारण जलभराव की समस्या और व्यापक हो गई। मंगलवार रात को कुछ देर के लिए ही बारिश रुकी थी लेकिन तड़के से ही फिर से शुरू हो गई तो समस्या बढ़ती गई। इसका नतीजा यह रहा कि सिविल लाइंस, सेक्टर-15, सेक्टर-10, बसई रोड, बस स्टैंड, भीम नगर, अर्जुन नगर, सेक्टर-38, ताऊ देवीलाल स्टेडियम, द्वारका एक्सप्रेसवे, नगर निगम कार्यालय, नाहरपुर की तरफ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन, सेक्टर-40, सेक्टर-31, बख्तावर चौक, मेदांता रोड, मेफील्ड गार्डेन, बसई, बेरी वाला बाग रोड समेत शहर के अधिकांश इलाकों में बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ। बुधवार तड़के से ही शुरू हुई बूंदाबांदी सुबह करीब 8 बजे तक जारी रही। इसके बाद करीब 9 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई तो लगभग 12 बजे तक जारी रही।
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शीतला माता मंदिर में आते रहे श्रद्धालु
इस दौरान न सिर्फ पैदल राहगीरों बल्कि दोपहिया व चार पहिया वाहन चालकों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा। वहीं, शीतला माता मंदिर के बाहर तो घुटने तक पानी भरा रहा। बावजूद इसके लोग माता के दर्शन करने के लिए आते रहे। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को मूसलाधार बारिश में ही रेनकोट इत्यादि पहनकर अपने-अपने कार्यालयों के लिए निकलना पड़ा। बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण सेक्टर-37 व 29 के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कई कंपनियों के बेसमेंट में पानी भर गया, सिसे उद्यमियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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अस्पताल आने वाले मरीज परेशान
भारी बारिश के कारण बुधवार को सिटी पुलिस स्टेशन व सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के सामने भी व्यापक जलभराव हुआ। अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके तिमारदारों को समीप के पार्क की दीवारों के सहारे अस्पताल में प्रवेश करना पड़ा। सेक्टर-9 में स्कूली बच्चों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। जैकमपुरा, अर्जुन नगर, भीम नगर इलाके में भी व्यापक जलभराव हुआ। अर्जुन नगर में तो लोगों के घरों में पानी घुस गया। खास बात यह है कि जलभराव की यह स्थिति उस समय बन रही है जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद शहर में मौजूद हैं। इतना ही नहीं बुधवार को तो विधायक सुधीर सिंगला के आवास के आस-पास भी व्यापक जलभराव देखने को मिला।
मानेसर इलाका भी रहा जलमग्न :
सिर्फ गुरुग्राम शहर ही नहीं बल्कि मानेसर क्षेत्र में भी जमकर जलभराव देखने को मिला। औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में हुए जलभराव से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान ज्यादा जलभराव के चलते पानी में ही वाहन बंद हो गए तो लोगों ने वाहनों को धक्का देते हुए प्रशासन पर अपना गुस्सा निकाला। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित आइएमटी चौक पर नालों की सफाई न होने के चलते आईएमटी चौक पर सेक्टर-एक के मुख्य द्वार तक जलभराव हो गया। वहीं, बिलासपुर चौक पर सर्विस लेन में बने गड्ढों में जलभराव के चलते भी राहगीरों को समस्या हुई। वहीं शहर में सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र व सेक्टर-37 इलाके में भी खासा जलभराव देखने को मिला।
संयुक्त आयुक्त ने निरीक्षण कर लिया जायजा
भारी बारिश के कारण मालिबू टाउन, सेक्टर-29, सिग्नेचर टावर अंडरपास की सड़कों पर तो 2 फुट से ज्यादा पानी भरा था। वहीं, गैलेरिया मार्केट में भी काफी जलभराव हुआ। जलभराव के कारण सिरहौल बॉर्डर के एक तरफ की सड़क व शंकर चौक में भी खासा जलभराव हुआ। नगर निगम के जोन-3 के संयुक्त आयुक्त संजीव कुमार ने गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर-27, 28, सुशांतलोक, डीएलएफ समेत अन्य इलाकों का निरीक्षण किया और जलनिकाली के इंतजामों का जायजा लिया।
सबसे ज्यादा गुरुग्राम में हुई बारिश
बुधवार को सबसे ज्यादा गुरुग्राम में ही 92 एमएम बारिश हुई। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक कादीपुर व हर्सरू उप तहसील में 65, वजीराबाद में 37, बादशाहपुर में 32, सोहना में 12, मानेसर में 76, पटौदी में 62 व फर्रूखनगर में 51 एमएम बारिश हुई।