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Gurugram News: जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद नहीं होने से परेशानी
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अनाज मंडी गुरुग्राम फाइल फोटो
किसानों को दिल्ली और राज्य की अन्य मंडियों का करना पड़ता है रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। नगर परिषद पटौदी-जाटौली मंडी सहित जिले की अनाज मंडियों में किसानों की सभी प्रकार की अनाज संबंधी उपज की खरीद की व्यवस्था नहीं है। पटौदी क्षेत्र समेत जिले की मंडियों में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों और बाजरा की ही खरीद होती है। ऐसे में धान की फसल बेचने के लिए किसानों को दिल्ली और प्रदेश की अन्य मंडियों का रुख करना पड़ता है।
राज्य सरकार ने जिले के किसानों की फसल खरीद के लिए गुरुग्राम, सोहना, फर्रुखनगर, जाटौली और खोड़ में अनाज मंडियां स्थापित की हैं। इन मंडियों में गेहूं, सरसों और बाजरे की खरीद की व्यवस्था है, जबकि जिले के किसान इन फसलों के अलावा धान की भी खेती करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले की करीब 80 प्रतिशत कृषि भूमि पर गेहूं, सरसों और बाजरे की फसल बोई जाती है, जबकि 10 से 20 प्रतिशत भूमि पर धान की खेती होती है।
कई दशकों से कर रहे हैं धान की खेती, लेकिन खरीद नहीं
किसान धान की फसल तो लगा लेते हैं, लेकिन उसे बेचने का संकट बना रहता है। जिले की मंडियों में धान की खरीद नहीं होने के कारण नजफगढ़ या नरेला मंडी जाना पड़ता है। किसान पिछले कई दशकों से धान समेत अन्य फसलों की पैदावार कर रहे हैं, लेकिन यहां धान की खरीद नहीं होती। -चौ. विजय पहलवान, किसान, मऊ
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जाटौली अनाज मंडी में धान की खरीद नहीं होने से किसानों को काफी परेशानी होती है। नवंबर 2020 में बाजरा खरीद के दौरान मंडी में तत्कालीन कृषि मंत्री जेपी दलाल को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था और जाटौली मंडी में धान की खरीद शुरू करने की मांग की गई थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। -हरिओम यादव, किसान, बपास
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संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। नगर परिषद पटौदी-जाटौली मंडी सहित जिले की अनाज मंडियों में किसानों की सभी प्रकार की अनाज संबंधी उपज की खरीद की व्यवस्था नहीं है। पटौदी क्षेत्र समेत जिले की मंडियों में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों और बाजरा की ही खरीद होती है। ऐसे में धान की फसल बेचने के लिए किसानों को दिल्ली और प्रदेश की अन्य मंडियों का रुख करना पड़ता है।
राज्य सरकार ने जिले के किसानों की फसल खरीद के लिए गुरुग्राम, सोहना, फर्रुखनगर, जाटौली और खोड़ में अनाज मंडियां स्थापित की हैं। इन मंडियों में गेहूं, सरसों और बाजरे की खरीद की व्यवस्था है, जबकि जिले के किसान इन फसलों के अलावा धान की भी खेती करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले की करीब 80 प्रतिशत कृषि भूमि पर गेहूं, सरसों और बाजरे की फसल बोई जाती है, जबकि 10 से 20 प्रतिशत भूमि पर धान की खेती होती है।
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कई दशकों से कर रहे हैं धान की खेती, लेकिन खरीद नहीं
किसान धान की फसल तो लगा लेते हैं, लेकिन उसे बेचने का संकट बना रहता है। जिले की मंडियों में धान की खरीद नहीं होने के कारण नजफगढ़ या नरेला मंडी जाना पड़ता है। किसान पिछले कई दशकों से धान समेत अन्य फसलों की पैदावार कर रहे हैं, लेकिन यहां धान की खरीद नहीं होती। -चौ. विजय पहलवान, किसान, मऊ
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जाटौली अनाज मंडी में धान की खरीद नहीं होने से किसानों को काफी परेशानी होती है। नवंबर 2020 में बाजरा खरीद के दौरान मंडी में तत्कालीन कृषि मंत्री जेपी दलाल को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था और जाटौली मंडी में धान की खरीद शुरू करने की मांग की गई थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। -हरिओम यादव, किसान, बपास

अनाज मंडी गुरुग्राम फाइल फोटो