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विकास कार्याें में तेजी के लिए विभागों में समन्वय जरूरी : सीईओ
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एचएसवीपी, मानेसर और गुरुग्राम निगम से संबंधित अंतर-विभागीय मामलों पर की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्यामल मिश्रा ने बुधवार को जीएमडीए कार्यालय में 17वीं समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें अंतर-विभागीय समन्वय और कार्रवाई की आवश्यकता वाले विभिन्न मुद्दों और मामलों पर चर्चा की गई।
बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) प्रशासक वैशाली सिंह, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, नगर निगम मानेसर आयुक्त आयुष सिन्हा और जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि सभी संबंधित स्थानीय अधिकारियों द्वारा शहर में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों का समन्वय आवश्यक है। एचएसवीपी के प्रशासक ने कहा कि जीएमडीए द्वारा एचएसवीपी को दिए गए भूमि अधिग्रहण व मिसिंग लिंक से संबंधित सभी मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है ताकि सड़क, जल आपूर्ति, जल निकासी और सीवरेज से संबंधित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे प्रोजेक्टों में तेजी लाई जा सके।
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इसी तरह सेक्टर 71/73, 88/89 और 62/65 मास्टर डिवाइडिंग रोड के साथ भूमि के पॉकेट्स का कब्जा, जो लंबे समय से मिसिंग लिंक के रूप में सामने आ रहे थे, उन्हें भी कोर्ट में मामलों के समाधान के बाद एचएसवीपी द्वारा जीएमडीए को सौंप दिया गया है।
सीईओ ने निगम आयुक्त से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि निगम के तहत सभी बूस्टिंग स्टेशनों को चालू किया जाना चाहिए। जीएमडीए या नगर निगम गुरुग्राम मास्टर वाटर सप्लाई पाइप लाइनों पर किए गए सीधे और अवैध कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट किया जाना चाहिए, ताकि शहर में पीने योग्य पानी की समान, नियंत्रित और विनियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्यामल मिश्रा ने बुधवार को जीएमडीए कार्यालय में 17वीं समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें अंतर-विभागीय समन्वय और कार्रवाई की आवश्यकता वाले विभिन्न मुद्दों और मामलों पर चर्चा की गई।
बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) प्रशासक वैशाली सिंह, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, नगर निगम मानेसर आयुक्त आयुष सिन्हा और जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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सीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि सभी संबंधित स्थानीय अधिकारियों द्वारा शहर में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों का समन्वय आवश्यक है। एचएसवीपी के प्रशासक ने कहा कि जीएमडीए द्वारा एचएसवीपी को दिए गए भूमि अधिग्रहण व मिसिंग लिंक से संबंधित सभी मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है ताकि सड़क, जल आपूर्ति, जल निकासी और सीवरेज से संबंधित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे प्रोजेक्टों में तेजी लाई जा सके।
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इसी तरह सेक्टर 71/73, 88/89 और 62/65 मास्टर डिवाइडिंग रोड के साथ भूमि के पॉकेट्स का कब्जा, जो लंबे समय से मिसिंग लिंक के रूप में सामने आ रहे थे, उन्हें भी कोर्ट में मामलों के समाधान के बाद एचएसवीपी द्वारा जीएमडीए को सौंप दिया गया है।
सीईओ ने निगम आयुक्त से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि निगम के तहत सभी बूस्टिंग स्टेशनों को चालू किया जाना चाहिए। जीएमडीए या नगर निगम गुरुग्राम मास्टर वाटर सप्लाई पाइप लाइनों पर किए गए सीधे और अवैध कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट किया जाना चाहिए, ताकि शहर में पीने योग्य पानी की समान, नियंत्रित और विनियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।