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Gurugram News: छह साल पुराने मामले में अदालत के आदेश पर केस दर्ज
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दो आरोपियों पर लाठी-डंडों से हमला करने का था आरोप
नूंह। छह साल पहले हुए मारपीट के एक मामले में नूंह सदर थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि इनमें से एक आरोपी की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पीड़ित ने 2019 में दोनों के खिलाफ लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने की शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था।
आलदोका निवासी जगन पुत्र हरबक्शी ने शिकायत में बताया था कि 20 अक्तुबर, 2019 को रात के करीब 10 बजे वह अपने भाई ब्रिजपाल के घर से अपने घर जा रहे थे। आरोपी दलबीर पुत्र शिवराम और शिवराम पुत्र निहाल सिंह अपने घर के सामने रास्ते में साजिश के तहत बैठे थे। जैसे ही पीड़ित उनके घर के सामने पहुंचा तो दोनों पिता-पुत्र ने उस पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे उसे काफी चोटें आईं और उसके एक हाथ की अंगुली भी टूट गई। इसकी नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एमएलआर कटी हुई है। इस घटना की शिकायत उसने नूंह सदर थाने में की, जिस पर नूंह पुलिस ने 12 नवंबर, 2019 को रोजनामचे में रपट दर्ज कर ली, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। करीब 5 वर्ष तक अदालत में चले इस मामले में सीजेएम विनीत सपरा की अदालत ने नूंह सदर थाने को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जिस पर नूंह सदर थाना पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।
एक आरोपी की दो साल पहले हो चुकी है मौत
मुकदमे में नामजद किए गए आरोपी शिवराम की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस की ओर से मामले में बरती गई लापरवाही से अदालत का आदेश हास्यास्पद बन गया है। यदि उसी समय पुलिस ने सही ढंग से कार्रवाई की होती तो यह मामला इस प्रकार से नहीं बनता।
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नूंह। छह साल पहले हुए मारपीट के एक मामले में नूंह सदर थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि इनमें से एक आरोपी की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पीड़ित ने 2019 में दोनों के खिलाफ लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने की शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था।
आलदोका निवासी जगन पुत्र हरबक्शी ने शिकायत में बताया था कि 20 अक्तुबर, 2019 को रात के करीब 10 बजे वह अपने भाई ब्रिजपाल के घर से अपने घर जा रहे थे। आरोपी दलबीर पुत्र शिवराम और शिवराम पुत्र निहाल सिंह अपने घर के सामने रास्ते में साजिश के तहत बैठे थे। जैसे ही पीड़ित उनके घर के सामने पहुंचा तो दोनों पिता-पुत्र ने उस पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे उसे काफी चोटें आईं और उसके एक हाथ की अंगुली भी टूट गई। इसकी नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एमएलआर कटी हुई है। इस घटना की शिकायत उसने नूंह सदर थाने में की, जिस पर नूंह पुलिस ने 12 नवंबर, 2019 को रोजनामचे में रपट दर्ज कर ली, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। करीब 5 वर्ष तक अदालत में चले इस मामले में सीजेएम विनीत सपरा की अदालत ने नूंह सदर थाने को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जिस पर नूंह सदर थाना पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।
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एक आरोपी की दो साल पहले हो चुकी है मौत
मुकदमे में नामजद किए गए आरोपी शिवराम की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस की ओर से मामले में बरती गई लापरवाही से अदालत का आदेश हास्यास्पद बन गया है। यदि उसी समय पुलिस ने सही ढंग से कार्रवाई की होती तो यह मामला इस प्रकार से नहीं बनता।
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