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Gurugram News: हिंसा के दौरान बरसाई थी गोलियां, अरावली की पहाड़ी पर बना रखा था ठिकाना
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हिंसा के दौरान बरसाई थी गोलियां, अरावली की पहाड़ी पर बना रखा था ठिकाना
आरोपी मुनफेद और सेकुल का है पुराना आपराधिक इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। सीआईए टीम द्वारा एनकाउंटर के बाद दबोचे गए दो आरोपी मुनफेद और सेकुल का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनमें से मुनफेद पर रेवाड़ी जिले में लूट के दो-तीन मामले दर्ज है, जबकि सूखे नशे के आदी सेकुल पर भी नूंह में ही चोरी का एक मामला बताया जाता है। दूसरी ओर पुलिस अभी इन दोनों आरोपियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे रही है। इन दोनों ही आरोपियों से अभी कड़ी पूछताछ की जानी बाकी है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुनफेद और सेकुल नामक दोनों ही युवकों ने नूंह हिंसा के दौरान न केवल भीड़ को भड़काने का काम किया था, बल्कि खुद भी पथराव और फायरिंग में शामिल रहे थे। इस वारदात के बाद से ही पुलिस से बचने के लिए इन आरोपियों ने अरावली की पहाड़ी पर ही अपना ठिकाना बना रखा था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक गुप्त सूचना के बाद इन आरोपियों को उस समय एनकाउंटर के दौरान धर दबोचा, जब वह बाइक से राजस्थान की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को देखकर बाइक पर पीछे बैठे मुनफेद ने पुलिस पार्टी पर ही फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली उसके सीधे पैर में लगी। इसी से उनकी तेज रफ्तार बाइक भी फिसल गई और दोनों आरोपी जमीन पर गिर पड़े। इससे पहले कि वह दोबारा भागने का प्रयास करते, पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
दूसरी ओर आरोपी पक्ष के परिजनों ने पुलिस की कहानी को नकार दिया है। उनके परिजनों का कहना है कि एक दिन पहले ही दोनों युवकों को सीलखो के पहाड़ से पुलिस ने पकड़ा था। बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार किए जाने की फर्जी खबर दी।
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पुलिस अधिक अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया के मुताबिक नूंह हिंसा में आरोपी मुनफेद और उसके साथी सेकुल निवासीगण गवारका ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर पथराव और फायरिंग की थी। उनके पास से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
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आरोपी मुनफेद और सेकुल का है पुराना आपराधिक इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। सीआईए टीम द्वारा एनकाउंटर के बाद दबोचे गए दो आरोपी मुनफेद और सेकुल का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनमें से मुनफेद पर रेवाड़ी जिले में लूट के दो-तीन मामले दर्ज है, जबकि सूखे नशे के आदी सेकुल पर भी नूंह में ही चोरी का एक मामला बताया जाता है। दूसरी ओर पुलिस अभी इन दोनों आरोपियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे रही है। इन दोनों ही आरोपियों से अभी कड़ी पूछताछ की जानी बाकी है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुनफेद और सेकुल नामक दोनों ही युवकों ने नूंह हिंसा के दौरान न केवल भीड़ को भड़काने का काम किया था, बल्कि खुद भी पथराव और फायरिंग में शामिल रहे थे। इस वारदात के बाद से ही पुलिस से बचने के लिए इन आरोपियों ने अरावली की पहाड़ी पर ही अपना ठिकाना बना रखा था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक गुप्त सूचना के बाद इन आरोपियों को उस समय एनकाउंटर के दौरान धर दबोचा, जब वह बाइक से राजस्थान की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को देखकर बाइक पर पीछे बैठे मुनफेद ने पुलिस पार्टी पर ही फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली उसके सीधे पैर में लगी। इसी से उनकी तेज रफ्तार बाइक भी फिसल गई और दोनों आरोपी जमीन पर गिर पड़े। इससे पहले कि वह दोबारा भागने का प्रयास करते, पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
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दूसरी ओर आरोपी पक्ष के परिजनों ने पुलिस की कहानी को नकार दिया है। उनके परिजनों का कहना है कि एक दिन पहले ही दोनों युवकों को सीलखो के पहाड़ से पुलिस ने पकड़ा था। बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार किए जाने की फर्जी खबर दी।
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पुलिस अधिक अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया के मुताबिक नूंह हिंसा में आरोपी मुनफेद और उसके साथी सेकुल निवासीगण गवारका ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर पथराव और फायरिंग की थी। उनके पास से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए हैं।